Sunetra Pawar Deputy CM News: महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार 31 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र की डिप्टी मुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) बनने वाली हैं। शपथ लेते ही वह महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बन जाएंगी। लेकिन महायुती ने यूं ही सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने का फैसला नहीं लिया। पर्दे के पीछे बड़ा राजनीतिक खेल छिपा है।
28 जनवरी को हादसे में गई अजीत पवार की जान
28 जनवरी 2026 को एक दुखद हवाई हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन हो गया। उनकी Learjet 45 (VT SSK) बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गई। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें अजीत पवार (66 वर्ष), उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, पायलट, को-पायलट और केबिन क्रू शामिल थे।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने मौतों की पुष्टि की, और महाराष्ट्र क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि विमान अपनी उतराई के दौरान अस्थिर हो सकता था, और बारामती एयरफील्ड में इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम नहीं है, जिससे पायलटों को मैनुअल और विजुअल तकनीकों पर निर्भर रहना पड़ता है।
12 फरवरी को होना था NCP का विलय
अजीत पवार की मृत्यु से पहले, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों – एक अजीत पवार के नेतृत्व में और दूसरा उनके चाचा शरद पवार के नेतृत्व में – के बीच विलय को लेकर सक्रिय रूप से चर्चा चल रही थी।
शरद पवार ने खुलासा किया कि अजीत पवार ने 12 फरवरी 2026 को औपचारिक विलय घोषणा के लिए एक अस्थायी तारीख प्रस्तावित की थी। विलय की बातचीत लगभग चार महीने से चल रही थी और इसका नेतृत्व अजीत पवार और जयंत पाटिल कर रहे थे। जयंत पाटिल को शरद पवार के करीबी नेताओं में से एक माना जाता है।
शरद पवार ने कहा कि यह विलय एक साझा इच्छा थी और “अजीत दादा की इच्छा” थी कि पार्टी फिर से एक हो जाए। लेकिन अजीत पवार की मृत्यु के बाद, इसका भविष्य अब अनिश्चित है।
महायुती को था NCP खोने का डर
बताया जा रहा है कि महायुती ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत यह फैसला लिया है। सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम का पद देने पर सहमति बनी। दरअसल, महायुती को इस बात का डर था कि अगर सुनेत्रा पवार को आनन-फानन में डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया, तो आने वाले समय में NCP (अजीत गुट) शरद पवार के हाथों में जा सकती है।
अजीत पवार के निधन के बाद यह संकेत मिले कि अगर दोनों NCP एक साथ आ जाती हैं, तो नियंत्रण शरद पवार के हाथों में जा सकता है। उसी वक्त महायुती ने दांव चला और सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी देने का तुरंत फैसला कर लिया।
शरद पवार की प्रतिक्रिया
सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने के फैसले के बाद शरद पवार की प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बनने वाली हैं। उन्होंने कहा, “यह उनकी पार्टी का फैसला है, हमारा नहीं। मुझसे इस निर्णय के बारे में परामर्श नहीं लिया गया और मुझे सुबह की खबरों के माध्यम से इसके बारे में पता चला।”
इसके अलावा, शरद पवार ने बड़ा दावा किया कि 12 फरवरी को NCP का विलय होने वाला था। यह बयान ऐसे वक्त में आया जब अजीत पवार का निधन हो चुका है।
महायुती की रणनीति साफ
महायुती का मकसद साफ है कि NCP बाहर न हो जाए और शरद पवार के नियंत्रण में न आने पाए। अगर शरद पवार के नियंत्रण में NCP की कमान चली जाती है, तो महायुती सरकार से विधायकों की संख्या घट जाएगी और महाविकास अघाड़ी (महागठबंधन) मजबूत हो जाएगा।
अगर सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम रहेंगी, तो NCP का समर्थन महायुती को सरकार में मिलता रहेगा। महायुती के भीतर यह सोच स्पष्ट है कि अगर अजीत पवार गुट कमजोर पड़ा या उसकी पार्टी का विलय हुआ, तो NCP पर शरद पवार की पकड़ फिर से मजबूत हो जाएगी। इससे सरकार के सामने एक मजबूत विपक्ष खड़ा हो जाएगा।
प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे की भूमिका
सूत्रों का कहना है कि NCP के सीनियर नेता प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे किसी भी कीमत पर पार्टी को दोबारा शरद पवार के हाथों में नहीं जाने देना चाहते थे। प्रफुल पटेल, जो कि NCP के कार्यवाहक अध्यक्ष (Acting President) हैं, इस फैसले में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
इसी बीच, सुनील तटकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस से मुलाकात की है और आगे का कार्यक्रम तय कर लिया है। यह तय किया गया है कि किस तरीके से विधायक दल की बैठक होगी, और उसके बाद सुनेत्रा पवार के नाम पर मुहर लगाई जाएगी। उसके बाद उन्हें बकायदा डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई जाएगी।
31 जनवरी को शपथ ग्रहण
सुनेत्रा पवार 31 जनवरी 2026 को शपथ ग्रहण करेंगी। शपथ लेते ही वह महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी मुख्यमंत्री बन जाएंगी। सुनेत्रा पवार पहले महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं। NCP नेतृत्व ने यह फैसला BJP के समर्थन से लिया है।
विधायक दल की बैठक
महायुती ने पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें सुनेत्रा पवार के नाम पर औपचारिक सहमति ली जाएगी। मतलब साफ है कि महayुती किसी भी कीमत पर NCP (अजीत गुट) को शरद पवार के हाथों में नहीं जाने देना चाहती।
राजनीतिक समीकरण
यह राजनीतिक चाल कई मायनों में अहम है:
सरकार की स्थिरता: सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाकर महायुती NCP विधायकों को अपने पाले में बनाए रखना चाहती है।
शरद पवार को रोकना: अगर विलय हो जाता और शरद पवार को कंट्रोल मिल जाता, तो महायुती सरकार को नुकसान होता।
महिला नेतृत्व: सुनेत्रा पवार की नियुक्ति से महायुती महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दे रही है।
पारिवारिक राजनीति: अजीत पवार की विरासत को उनकी पत्नी के माध्यम से जारी रखा जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार 31 जनवरी को महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बनेंगी; 28 जनवरी को प्लेन क्रैश में अजीत पवार का निधन।
शरद पवार ने दावा किया कि 12 फरवरी को NCP विलय होना था; महायुती को डर था कि पार्टी शरद पवार के हाथों में चली जाएगी।
प्रफुल पटेल (कार्यवाहक अध्यक्ष) और सुनील तटकरे ने CM फडनवीस से मुलाकात कर रणनीति तय की।
महायुती का मकसद NCP को शरद पवार के नियंत्रण से बचाना और सरकार में अपना बहुमत बनाए रखना।








