Wingo App Cyber Fraud : भारतीय गृह मंत्रालय (MHA) के साइबर विंग I4C ने Android यूजर्स को निशाना बनाने वाले ‘Wingo’ ऐप नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह ऐप यूजर्स के मोबाइल फोन का अनधिकृत इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना फर्जी और धोखाधड़ी वाले SMS भेज रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने Wingo ऐप के कमांड एंड कंट्रोल सर्वर को पूरी तरह जियो-ब्लॉक (Geo-block) कर दिया है।
₹30 के लालच में 80-100 फर्जी SMS
Wingo ऐप केंद्रीय गृह मंत्रालय का साइबर विंग I4C ने एक बड़ा एक्शन लिया है। इस ऐप के 1,53,000 यूजर्स थे जो लाखों लोगों को प्रभावित कर रहे थे।
सबसे बड़ी बात यह है कि Wingo ऐप किस तरीके से मैसेज भेजता था। जैसे ही लोग ऐप डाउनलोड करते थे, उस ऐप को डाउनलोड करने के बाद टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करते हुए लगातार मैसेज भेजे जाते थे।
इस मैसेज का इस्तेमाल फ्रॉडस्टर्स करते थे। उन लोगों के पास मैसेज पहुंचते थे जिनको पता भी नहीं चलता था कि उनके पास कहां से और किस जगह से मैसेज आ रहा है।
चंद पैसों के लिए साइबर अपराध में शामिल
सिर्फ चंद पैसों के लिए बहुत सारे लोग ₹30, ₹5, ₹10 ऐसा कमाने के लिए एक दिन में इस तरीके से मोबाइल में Wingo ऐप डाउनलोड करते थे।
हर एक व्यक्ति के मोबाइल से 80 से 100 मैसेज किसके पास पहुंच जाते थे, यह किसी को पता नहीं चलता था। और इसका इस्तेमाल करके बहुत सारे लोगों के साथ साइबर ठगी की जाती थी।
Wingo ऐप म्यूल अकाउंट्स के जरिए मैसेज भेजता था। इन मैसेजों को रोकने के लिए तीन तरीकों का इस्तेमाल भारत सरकार I4C विंग के द्वारा किया जा रहा है।
तीन तरीके से बनाई गई साइबर वॉल
पहला तरीका – सहयोग पोर्टल के जरिए Wingo ऐप्स से जुड़े हुए अकाउंट्स, चाहे YouTube चैनल हो या फिर Telegram चैनल हो, उनको पूरी तरीके से ब्लॉक करने के लिए एग्जीक्यूट किया जाता है। जिससे कि लोग इसमें फंस ना सकें।
दूसरा तरीका – इंफ्रास्ट्रक्चर न्यूट्रलाइज किया जाता है। दरअसल जिस जगह से इस तरीके के मैसेज भेजे जाते हैं, उसका बकायदा फ्रॉड करने वाले लोग कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाकर रखते हैं।
उनको किस तरीके से ब्लॉक करना, क्योंकि अगर उनकी मेन जगह को ब्लॉक कर दिया जाएगा तो उससे देश में ऐसे मैसेज नहीं पहुंचेंगे। और उसकी कोशिश I4C विंग के द्वारा की गई।
तीसरा तरीका – क्रिटिकल परमिशन रिवोकेशन यानी SMS भेजने का जो परमिशन उसके द्वारा लिया जाता है, उसको भी बंद किया गया।
4 Telegram चैनल और YouTube चैनल ब्लॉक
केंद्रीय गृह मंत्रालय का I4C विंग ने बड़ा एक्शन लिया। टेलीग्राम चैनल जो Wingo के थे, 1,53,000 यूजर्स वाले 4 Telegram चैनल को बंद कर दिया गया।
फिशिंग और प्रमोशनल वीडियोस उनके द्वारा 53 डाले गए थे, उनको भी बंद किया गया।
सबसे बड़ी बात यह है कि Geo-Blocked C2 सर्वर को बंद करने का मतलब हो गया कि पूरी तरीके से Wingo ऐप का जो सिस्टम है, जो उसका इकोसिस्टम है, उसको पूरी तरीके से ब्लॉक किया गया।
कैसे काम करता था Wingo ऐप?
Wingo ऐप का पहला पेज खुलता था तो उसमें तमाम चीजें दिखती थीं। न्यू यूजर SMS टास्क दिया जाता था। कम पैसा कमाने के लिए ही लोग ऐसे कामों में जुट जाते थे।
तीन तरीकों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड करने वाले लोग करते थे:
- न्यू यूजर SMS टास्क
- इनवाइट टास्क
- लिंक Telegram बोट
इसके जरिए लोग पैसा कमा सकते थे। लेकिन उसका नुकसान उन लोगों को भरना पड़ता था जो लोग इसके बारे में जानकारी नहीं रखते थे।
₹30 में 80 फर्जी मैसेज भेजने की डील
न्यू यूजर SMS टास्क में 80 मैसेज एक बार में भेजने होते थे और इसके लिए मात्र ₹30 मिलते थे।
बहुत सारे ऐसे भोले-भाले लोग हैं जो कि इस ₹30 के चक्कर में उनके मोबाइल पर जैसे ही इसको क्लिक करते हैं, उनके पास यह आता है कि सिम 1 से मैसेज भेजना है या सिम 2 से मैसेज भेजना है।
साधारण तौर पर अगर सिम 1 से उन्होंने मैसेज भेजा है तो मैसेज प्रोसेसिंग शुरू हो जाती है। और लगातार 5, 6, 7… और सक्सेस मैसेज ऐसे 80 से लेकर 100 मैसेज Wingo ऐप के जरिए लोगों के पास पहुंच जाते हैं।
जिसकी जानकारी उनके पास नहीं होती है। ये मैसेज कहां से आते हैं, किस देश से आते हैं और भारत में किन लोगों के पास तक पहुंच जाते हैं, यह उस व्यक्ति को पता नहीं चलता है।
फर्जी ई-चालान से लाखों की ठगी
फ्रॉड करने वाले लोग इस तरीके के मैसेज का इस्तेमाल करते हैं। एक उदाहरण के तौर पर ट्रैफिक ऑफेंस यानी कि ई-चालान का मैसेज।
जिसमें बकायदा रजिस्टर्ड नंबर लिखा होता है। अमाउंट लिखा होता है कि ₹500 का अमाउंट है। और यह अभी लेटेस्ट है।
25.01.2026 का इस तरीके के मैसेज हमारे और आपके पास लगातार आते रहते हैं जिसको कि हम नहीं समझ पाते हैं और यहां जो लिंक दिया हुआ है उसको क्लिक करते हैं।
क्लिक करते ही आपके अकाउंट से कितना पैसा चला जाएगा यह आप नहीं समझ सकते हैं।
विदेशों से संचालित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
फ्रॉड करने वाले लोगों की जो दूरी है उसको नहीं नापा जा सकता। वो कहीं से भी बैठकर के इस तरीके के फ्रॉड कर सकते हैं।
लगातार हमने देखा कि कई देशों से भारत के खिलाफ फ्रॉड करने वाले लोग ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।
टेक्निकल तौर पर अगर देखा जाए तो उनका जो C2 सेंटर (Command and Control) होता है, वहां से बैठकर के वो कमांड एंड कंट्रोल करते हैं।
Wingo का जो ऑनलाइन सब्सक्राइबर वाला चैनल था, उसको बंद किया गया है। “This channel can’t be displayed because it violated local laws in India.”
भारत के अंदर उन्होंने जो देश के कानून हैं उसका वायलेशन किया है। इसलिए इस चैनल को बंद किया गया है।
डिजिटल अरेस्ट ही अकेला फ्रॉड नहीं
भारत में डिजिटल अरेस्ट ही सिर्फ बड़े स्तर पर नहीं हो रहा है। और भी बहुत सारे फ्रॉड के तरीके हैं:
- ऑनलाइन गेमिंग ऐप
- ऑनलाइन ट्रेडिंग
- फेक SMS फ्रॉड
इन तमाम चीजों का इस्तेमाल फ्रॉडस्टर्स कर रहे हैं। जिस पर एक्शन केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा लिया जा रहा है।
कोशिश यह की जा रही है कि भारत के लोग इससे ज्यादा से ज्यादा बचें।
एक क्लिक में करोड़ों की ठगी
बहुत सारे लोगों के पास ई-चालान के मैसेज आ रहे थे। बहुत सारे लोगों के पास ऐसे मैसेज आ रहे थे कि वे पैसे कमा सकते हैं। उनको कोई भी जरूरत नहीं है। बहुत ही एक क्लिक में पैसा कमा सकते हैं।
एक क्लिक में पैसा कमाने के चक्कर में लोगों का करोड़ों रुपए, लाखों रुपए चला जा रहा था।
जिसको ध्यान में रखते हुए इस तरीके का एक्शन केंद्रीय गृह मंत्रालय के I4C विंग के द्वारा लिया गया है।
सावधान रहें, सतर्क रहें
गृह मंत्रालय का I4C विंग लगातार इसको लेकर काम कर रहा है। कल ही गृह मंत्रालय की तरफ से एक बड़ा एक्शन लिया गया है।
जिसमें उनके द्वारा इस तरीके के जो मैसेज लोग भेज रहे हैं, उन मैसेज के ऊपर कार्रवाई की गई है।
लगातार भारत सरकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय का I4C विंग कार्रवाई कर रहा है। और ऐसे जगहों पर और ऐसे चैनलों को लेकर उनके द्वारा कोशिश यह की जा रही है कि भारत में अगर इस तरीके के बड़े स्तर पर फ्रॉड किए जा रहे हैं तो उनको रोका जाए।
मुख्य बातें (Key Points)
- I4C विंग ने Wingo ऐप नेटवर्क को पूरी तरह जियो-ब्लॉक किया
- 1,53,000 यूजर्स वाले 4 Telegram चैनल बंद किए गए
- ₹30 में 80-100 फर्जी SMS भेजने की डील से ठगी
- YouTube चैनल के 53 फिशिंग वीडियो हटाए गए
- C2 सर्वर को ब्लॉक कर पूरा इकोसिस्टम तोड़ा गया
- फर्जी ई-चालान मैसेज से लाखों लोग ठगे जा रहे थे








