Budget 2026 Women Expectations : केंद्र सरकार जल्द ही देश का वार्षिक बजट पेश करने वाली है। हर साल की तरह इस बार भी आम लोगों को बजट से कई उम्मीदें हैं। खासतौर पर महिलाओं की नजरें इस बजट पर टिकी हुई हैं। महिलाओं का मानना है कि महंगाई के इस दौर में घर का खर्च संभालना आसान नहीं रह गया है। रसोई से जुड़ी चीजों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक हर चीज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। महिलाएं चाहती हैं कि LPG गैस सिलेंडर सस्ता हो ताकि रसोई का बजट ना बिगड़े। इसके साथ ही सोना, चांदी और सौंदर्य से जुड़े उत्पादों पर भी टैक्स में राहत की उम्मीद है।
LPG गैस सिलेंडर की सबसे बड़ी मांग
एक महिला ने कहा, “रसोई गैस पहले जो 900 रुपए में आता था, अभी 950 रुपए में लेते हैं। पहले सब्सिडी 300 रुपए आती थी, अभी सिर्फ 79 रुपए आ रही है। तो हम लोगों का तो सीधे 300-350 रुपए का बजट यहां गड़बड़ हो रहा है।”
LPG गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पहले उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी अच्छी थी, लेकिन अब वह काफी कम हो गई है।
महिलाओं की मांग है कि सब्सिडी वापस बढ़ाई जाए या फिर गैस की कीमतें कम की जाएं। रसोई गैस घर की सबसे बुनियादी जरूरत है और इसकी बढ़ती कीमतें सीधे महिलाओं के बजट को प्रभावित करती हैं।
खाने के तेल की कीमतें आसमान पर
“तेल का दाम सोचिए 180-190 रुपए हो गया है। तो वो कुछ कम हो,” एक महिला ने अपनी चिंता साझा की।
खाने के तेल की कीमतें पिछले कुछ सालों में दोगुनी हो गई हैं। सरसों का तेल, सूरजमुखी का तेल, मूंगफली का तेल – सब 180-200 रुपए प्रति लीटर के आसपास बिक रहे हैं।
दाल की कीमतें भी 160-180 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। मिडिल क्लास के परिवारों के लिए यह बहुत बड़ा बोझ है।
सोना-चांदी पर टैक्स राहत की उम्मीद
“महिलाओं का सबसे आकर्षित रहता है किसमें? ज्वेलरी। तो ज्वेलरी में सोने-चांदी पर दाम कम हो। मैं एक्सपेक्ट करती हूं कि कम से कम उस पर टैक्स कम करें कि दाम कम हो मार्केट में।”
सोना-चांदी भारतीय महिलाओं के लिए सिर्फ गहने नहीं, बल्कि निवेश और सुरक्षा का साधन भी है। फिलहाल सोने पर GST और कस्टम ड्यूटी दोनों लगते हैं।
त्योहारों और शादी-विवाह के मौसम में सोने की मांग बढ़ जाती है। अगर टैक्स कम होता है तो यह मांग को बढ़ावा देगा।
प्राइवेट स्कूलों की बेलगाम फीस पर लगे लगाम
“स्कूल की फीस का भी बजट एक रूल होना चाहिए कि किसी भी स्कूल का, चाहे वह बड़ा स्कूल हो या छोटा, एक कहीं भी दिल्ली, बॉम्बे, कोलकाता कहीं भी हो, एक फीस हो।”
यह सबसे बड़ी मांग है जो लगभग हर महिला ने उठाई। प्राइवेट स्कूलों की फीस इतनी बढ़ गई है कि मिडिल क्लास के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा देना मुश्किल हो गया है।
“कोई भी स्कूल की 5000-7000 से कम फीस ही नहीं है। हम लोगों की औकात नहीं है कि प्राइवेट स्कूल में पढ़ा सकें,” एक महिला ने कहा।
महिलाओं की मांग है कि सरकार प्राइवेट स्कूलों की फीस पर कैप (सीमा) लगाए।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम हों
“पेट्रोल-डीजल, ये सब कम हो तो हम लोगों को भी थोड़ा सा राहत मिले। बाइक से जाते हैं, 1 लीटर पेट्रोल 10-15 किमी में खत्म है। 120-124 रुपए जैसा तेल वैसा दाम हो गया।”
कई महिलाएं अब काम करती हैं और रोजाना ऑफिस जाने के लिए पेट्रोल-डीजल की जरूरत होती है।
“पहले जितने कम पैसे में पेट्रोल भराती थी तो मेरा महीना चल जाता था। एक बजट मेरा भी था कि 2000 में पूरे महीने चला लेंगे। लेकिन अब वो नहीं हो पाता। अब वो दो की जगह चार लग जा रहा है।”
आयुष्मान भारत मिडिल क्लास के लिए भी हो
“आयुष्मान भारत का जो कार्ड है, मिडिल क्लास के लिए कुछ भी नहीं है। कम से कम यह जो 70 वर्ष किए हैं, तो कम से कम 50 करें। आयुष्मान भारत वाला 50 वर्ष। और मिडियम क्लास के लिए भी करें ताकि हम लोगों को कुछ राहत हो।”
यह बहुत अहम मांग है। फिलहाल आयुष्मान भारत योजना सिर्फ गरीब तबके के लिए है। मिडिल क्लास को इसका लाभ नहीं मिलता।
लेकिन मिडिल क्लास भी बड़ी बीमारियों के इलाज का खर्च नहीं उठा सकता। एक बड़ी सर्जरी पूरी जिंदगी की बचत खत्म कर देती है।
मिडिल क्लास के लिए कुछ नहीं है?
एक महिला ने भावुक होकर कहा, “गरीबों के लिए तो बहुत सारी योजना है लेकिन जो जनरल लोग हैं उनके लिए क्या योजना दिया है? गरीब बड़े लोग भी होते हैं, सिर्फ छोटे लोग गरीब नहीं होते।”
यह मिडिल क्लास की बड़ी शिकायत है। BPL कार्ड वालों को मुफ्त अनाज, गैस सब्सिडी, आयुष्मान भारत सब मिलता है। लेकिन मिडिल क्लास – जो ईमानदारी से टैक्स भरता है – उसके लिए कुछ नहीं है।
सकारात्मक बातें भी कीं महिलाओं ने
कुछ महिलाओं ने सरकार के कामों की तारीफ भी की। “मोदी जी काम तो बहुत अच्छा कर रहे हैं। बजट हर बार अच्छा ला रहे हैं। जहां लोगों की जो मिनिमम आय 10-15,000 थी आज लाखों में पहुंच रही।”
UPI, डिजिटल इंडिया, गरीबों को मुफ्त अनाज – इन योजनाओं की सराहना महिलाओं ने की।
“बेहतर से बेहतरी की उम्मीद हमेशा होती है। तो वही बेहतरी की उम्मीद हमें सीतारमण जी से है।”
महिलाओं की मुख्य मांगें
संक्षेप में, महिलाओं की बजट से मुख्य उम्मीदें:
- LPG गैस सिलेंडर की कीमत और सब्सिडी बढ़ाई जाए
- खाने के तेल और दाल की कीमतें कम हों
- सोना-चांदी पर टैक्स राहत
- प्राइवेट स्कूलों की फीस पर सरकारी नियंत्रण
- पेट्रोल-डीजल सस्ता हो
- आयुष्मान भारत मिडिल क्लास के लिए भी लागू हो
मुख्य बातें:
- LPG गैस 950 रुपए, सब्सिडी सिर्फ 79 रुपए
- खाने का तेल 180-190 रुपए प्रति लीटर
- प्राइवेट स्कूल फीस 5000-7000 रुपए से शुरू
- पेट्रोल 120-124 रुपए प्रति लीटर








