Bangladesh Pakistan Flight Connectivity : 29 जनवरी को इतिहास रचा गया। बांग्लादेश की नेशनल एयरलाइन Biman Bangladesh Airlines की फ्लाइट BG-341 ढाका के हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ी और सीधे पाकिस्तान के कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हो गई। जी हां, पूरे 14 साल बाद पहली बार ऐसा हुआ है। भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच दोस्ती का नया अध्याय शुरू हो रहा है।
14 साल बाद पहली डायरेक्ट फ्लाइट
1971 की जंग के बाद से कई बार दोनों देशों के बीच तनाव हुआ। सीधी फ्लाइट्स 2012 के आसपास बंद हो गई थीं। लेकिन अब नए दौर की शुरुआत हो रही है।
पाकिस्तानी एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, Biman Bangladesh Airlines की फ्लाइट BG-341 गुरुवार की शाम ढाका से कराची पहुंची। एक बयान में कहा गया कि यह पिछले 14 सालों में ढाका से कराची के जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने वाली पहली उड़ान है।
कराची एयरपोर्ट पर उतरते ही इस फ्लाइट का पारंपरिक वॉटर सैल्यूट से स्वागत किया गया। यह एविएशन की दुनिया में सम्मान का प्रतीक है।
पाकिस्तान-बांग्लादेश दोस्ती में नया अध्याय
पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी ने आगे कहा कि “यह पाकिस्तान और बांग्लादेश की दोस्ती में एक नया अध्याय है।”
सूत्रों ने बताया है कि Biman Airlines ढाका और कराची के बीच हफ्ते में दो बार फ्लाइट्स ऑपरेट करेगी। एयरलाइंस को आगे की इजाजत देने से पहले स्थिति का जायजा लेने के लिए 30 मार्च 2026 तक का लाइसेंस दिया गया है।
पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोग एक-दूसरे के लिए खुश होते हुए नजर आ रहे हैं। उनकी तरफ से यह कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, परिवार जुड़ेंगे।
1971 से पहले बांग्लादेश था पूर्वी पाकिस्तान
बांग्लादेश 1947 से 1971 तक पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा था, जिसे पूर्वी पाकिस्तान भी कहा जाता था। लेकिन पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को कभी पश्चिमी पाकिस्तान (यानी अब के पाकिस्तान) ने स्वीकार नहीं किया।
वहां के लोगों की भाषा (बंगाली) या वहां के रहन-सहन को पाकिस्तान की तरफ से कभी भी स्वीकार नहीं किया जाता था और उनको लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
पश्चिमी पाकिस्तान की सरकार उर्दू को थोपने की कोशिश कर रही थी। भाषा आंदोलन (1952), आर्थिक शोषण और राजनीतिक भेदभाव – ये सब पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को झेलना पड़ा।
भारत की मदद से बना बांग्लादेश
आखिरकार 1971 में भारत की मदद से पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के बाद बांग्लादेश स्वतंत्र हुआ और एक नया देश बना।
1971 का भारत-पाक युद्ध इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने पूर्वी पाकिस्तान के शरणार्थियों की मदद की और बांग्लादेश मुक्ति वाहिनी का साथ दिया।
16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना ने ढाका में आत्मसमर्पण किया और बांग्लादेश एक स्वतंत्र देश बन गया। यह भारतीय सेना की बड़ी जीत थी।
2012 में क्यों बंद हुई थीं फ्लाइट्स?
इस युद्ध के बाद 2012 में इन दोनों देशों के बीच हवाई यात्रा बंद हो गई। हालांकि आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन राजनीतिक तनाव और व्यापारिक मुद्दों को इसकी वजह माना जाता है।
पिछले 14 सालों में दोनों देशों के बीच जाने के लिए यात्रियों को:
- ट्रेन से सीमा पार करनी पड़ती थी
- भारत या किसी तीसरे देश होकर जाना पड़ता था
- समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता था
अब सीधी फ्लाइट से दोनों देशों के बीच संपर्क आसान हो जाएगा।
भारत सावधानी से नजर रखे हुए है
बात करें अगर भारत की तो भारत इस घटनाक्रम पर सावधानी से नजर रखे हुए है। विदेश राज्य मंत्री कृतिवर्धन सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी है।
प्रश्न में पूछा गया था कि क्या सरकार को ढाका और पाकिस्तान के बीच सीधी वाणिज्यिक उड़ानें शुरू किए जाने से संबंधित हालिया रिपोर्टों और चर्चाओं की जानकारी है?
इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा है कि “भारत सरकार ने Biman Bangladesh द्वारा ढाका-कराची सेक्टर पर सीधी उड़ानें शुरू करने के प्रस्ताव पर संज्ञान लिया है।”
भारतीय हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल का सवाल
विदेश मंत्रालय से यह भी पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश, पाकिस्तान या किसी एयरलाइन की ओर से ऐसी भावी सीधी उड़ानों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति संबंधी कोई अनुरोध, प्रस्ताव या अनौपचारिक संवाद प्राप्त हुआ है।
इस पर सिंह ने बताया है कि “1978 में भारत सरकार और बांग्लादेश सरकार के बीच हस्ताक्षरित द्विपक्षीय वायु सेवा समझौते के प्रावधानों के अनुरूप भारत सरकार के प्राधिकारियों ने उड़ान संबंधी अनुरोध को सभी प्रासंगिक पहलुओं पर विचार के बाद निपटाया गया है।”
यानी भारत ने अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है, लेकिन सावधानी बरत रहा है।
भारत-बांग्लादेश तनाव के बीच यह कदम
यह घटनाक्रम उस समय हो रहा है जब भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव बढ़ रहा है। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में दरार आई है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले, ISKCON के पादरी की गिरफ्तारी, और अन्य मुद्दों पर भारत ने चिंता जताई है। बांग्लादेश ने भी कुछ मामलों में भारत पर आरोप लगाए हैं।
ऐसे में पाकिस्तान-बांग्लादेश के करीब आने से भारत की चिंता स्वाभाविक है।
पाकिस्तान का रणनीतिक दांव?
विश्लेषकों का मानना है कि भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव का फायदा उठाकर पाकिस्तान बांग्लादेश के करीब आने की कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तान के लिए यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- भारत के पूर्वी तरफ से एक मित्र देश मिल सकता है
- आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे
- क्षेत्रीय राजनीति में पाकिस्तान की स्थिति मजबूत होगी
लेकिन यह भी याद रखना होगा कि 1971 में जो हुआ, उसे बांग्लादेश के लोग नहीं भूले हैं।
व्यापार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा
सकारात्मक पहलू यह है कि इस फ्लाइट कनेक्टिविटी से:
- व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे
- जिन परिवारों के सदस्य दोनों देशों में बंटे हैं, वे आसानी से मिल सकेंगे
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा
कराची में बांग्लादेशी समुदाय है और ढाका में भी पाकिस्तानी मूल के लोग रहते हैं। उनके लिए यह बड़ी राहत है।
भू-राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं
यह घटनाक्रम दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में बदलाव का संकेत हो सकता है। भारत को इस स्थिति को ध्यान से समझना होगा।
चीन भी इस क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ा रहा है। पाकिस्तान पहले से ही चीन का करीबी सहयोगी है। अगर बांग्लादेश भी इस गुट में शामिल होता है तो भारत के लिए चुनौतियां बढ़ेंगी।
हालांकि, भारत की अर्थव्यवस्था और सैन्य शक्ति बांग्लादेश के लिए महत्वपूर्ण है। पूरी तरह भारत से दूरी बनाना बांग्लादेश के लिए आसान नहीं होगा।
आगे क्या होगा?
30 मार्च 2026 तक यह ट्रायल पीरियड है। अगर फ्लाइट्स सफल रहीं और दोनों देश संतुष्ट रहे तो यह सेवा स्थायी हो सकती है।
भारत अपनी कूटनीति से स्थिति को संभालने की कोशिश करेगा। बांग्लादेश के साथ संबंध सुधारना भारत की प्राथमिकता है।
पाकिस्तान-बांग्लादेश के करीब आने से भारत को चिंता है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं। इतिहास गवाह है – 1971 को बांग्लादेश के लोग नहीं भूल सकते।
मुख्य बातें (Key Points)
- 14 साल बाद पहली बार बांग्लादेश की फ्लाइट पाकिस्तान पहुंची
- Biman Bangladesh की फ्लाइट को कराची में वॉटर सैल्यूट मिला
- ढाका-कराची के बीच हफ्ते में दो बार फ्लाइट चलेंगी
- 30 मार्च 2026 तक ट्रायल पीरियड
- भारत सावधानी से स्थिति पर नजर रख रहा है








