CM Bhagwant Mann Jalandhar Visit : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को जालंधर दौरे पर आ रहे हैं। पीएपी में एससी छात्रों को वजीफा राशि के चेक बांटने वाले इस कार्यक्रम से पहले ही पुलिस ने कई कर्मचारी यूनियन नेताओं को घरों में नजरबंद कर दिया है। यूनियन नेताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन ने उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया है।
साढ़े 12 बजे पहुंचेंगे सीएम, एससी छात्रों को देंगे स्कॉलरशिप
मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे पीएपी (पंजाब एग्रीकल्चर पुलिस) में पहुंचेंगे। यहां उन्होंने अनुसूचित जाति के छात्रों को वजीफा राशि के चेक वितरित करेंगे।
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 1 फरवरी को होने वाले जालंधर दौरे से ठीक पहले आयोजित किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रविदासिया समुदाय के 32 फीसदी वोट बैंक को देखते हुए सभी दल इस समुदाय को लुभाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
कर्मचारी नेताओं को घरों में किया नजरबंद
सीएम के दौरे से पहले ही पुलिस ने जालंधर में कई मुलाजिम यूनियन नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। कर्मचारी संगठनों ने आप सरकार के खिलाफ धरने और विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था।
मुलाजिम नेताओं का कहना है कि पंजाब सरकार चुनाव से पहले कर्मचारियों के साथ जो वादे करके सत्ता में आई थी, वे पूरे नहीं किए गए हैं। पंजाब की मुलाजिम यूनियनों ने घोषणा की थी कि जिस भी जिले में मुख्यमंत्री जाएंगे, वहां उनका विरोध किया जाएगा।
शुक्रवार को भगवंत मान के जालंधर आने की खबर मिलते ही पुलिस ने यूनियन नेताओं को उनके घरों में ही रोक दिया। उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
सीपीएफ यूनियन प्रधान बोले- यह कैसा लोकतंत्र
सीपीएफ कर्मचारी यूनियन पंजाब के सूबा प्रधान सुखजीत सिंह ने अपनी नजरबंदी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
सुखजीत सिंह ने बताया, “मुख्यमंत्री शुक्रवार को जालंधर आ रहे हैं। इससे पहले ही गुरुवार को मुझे मेरे घर में नजरबंद कर लिया गया है। यह किस तरह का लोकतंत्र है?”
उन्होंने याद दिलाया कि सीएम साहब ने सरकार बनने से पहले कहा था कि वे पंजाब में धरनों का कल्चर बंद कर देंगे। हर किसी की मांग को तस्सली से सुना जाएगा और उसे हल किया जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है।
पुरानी पेंशन का प्रस्ताव आज तक लागू नहीं
कर्मचारी नेताओं की सबसे बड़ी शिकायत पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर है। पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली को लेकर प्रस्ताव पास किया था, लेकिन उसे आज तक लागू नहीं किया जा सका है।
यह मुद्दा पंजाब के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहद संवेदनशील है। आप सरकार ने चुनाव से पहले इस मुद्दे को बड़े पैमाने पर उठाया था और पुरानी पेंशन बहाली का वादा किया था।
सूबा प्रधान सुखजीत सिंह ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि कर्मचारियों को घरों में बंद करना बंद करें और उनसे बातचीत का रास्ता अपनाएं।
PM के दौरे से पहले जालंधर पर राजनीतिक फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 1 फरवरी को जालंधर आने की घोषणा के बाद से सभी राजनीतिक दलों का जालंधर पर फोकस बढ़ गया है। पीएम रविदास जयंती के मौके पर डेरा सचखंड बल्लां में माथा टेकेंगे और संत निरंजन दास जी का आशीर्वाद लेंगे।
उस दिन प्रधानमंत्री पंजाब के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। रविदासिया समाज के 32 फीसदी वोट बैंक को देखते हुए सभी पार्टियां एससी समाज के लिए घोषणाओं की झड़ी लगाने में जुटी हुई हैं।
आप सरकार की घोषणाओं की झड़ी
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने गुरुवार को जालंधर में गुरु रविदास जी की वाणी पर शोध के लिए रिसर्च सेंटर खोलने की घोषणा की। यह घोषणा रविदासिया समुदाय के बीच काफी सराही गई है।
इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री से अपील की थी कि आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखा जाए।
वहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री से रविदास जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की है।
वोट बैंक की राजनीति का खेल
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पंजाब में रविदासिया समुदाय का वोट बैंक काफी महत्वपूर्ण है। खासकर दोआबा क्षेत्र में यह समुदाय चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है।
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सभी दल इस समुदाय को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हैं। घोषणाओं की यह झड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
हालांकि, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या ये घोषणाएं महज वोट के लिए हैं या फिर इन्हें जमीन पर भी उतारा जाएगा।
कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ी
कर्मचारी यूनियनों की नाराजगी सिर्फ पुरानी पेंशन तक सीमित नहीं है। उनकी शिकायत है कि सरकार ने वेतन वृद्धि, भत्तों में बढ़ोतरी और कार्य परिस्थितियों में सुधार जैसे कई वादे किए थे, लेकिन उन पर अमल नहीं हुआ।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार चुनाव के दौरान कर्मचारियों को सपने दिखाती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें भूल जाती है। अब जब वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते हैं तो उन्हें नजरबंद कर दिया जाता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- CM भगवंत मान शुक्रवार को जालंधर में एससी छात्रों को स्कॉलरशिप चेक बांटेंगे
- कर्मचारी यूनियन नेताओं को विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए नजरबंद किया गया
- सीपीएफ यूनियन प्रधान सुखजीत सिंह ने नजरबंदी की आलोचना की
- पुरानी पेंशन योजना का प्रस्ताव आज तक लागू नहीं हुआ
- PM मोदी के 1 फरवरी के दौरे से पहले सभी पार्टियां घोषणाओं में जुटी हैं








