Punjab Politics News: पंजाब की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री रही रजिंदर कौर भट्ठल के एक बयान ने पंजाब की राजनीति में तहलका मचा दिया है। भट्ठल ने सनसनीखेज दावा किया है कि जब वो CM थीं तब कुछ अफसरों ने उन्हें सरकार रिपीट करने के लिए बाजारों और ट्रेनों में धमाके करवाने का प्रस्ताव दिया था।
भट्ठल ने अफसरों के इस प्रपोजल को सिरे से नकार दिया था और जमकर फटकार लगाई थी।
भट्ठल ने क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्ठल ने कहा:
“अफसरों ने मुझसे कहा था कि सरकार रिपीट करने के लिए बाजारों व ट्रेनों में धमाके करवाकर दहशत फैलाएंगे। लोगों को डराएंगे और फिर डराकर मर्जी से वोट डलवाएंगे।”
“जैसे ही अफसरों ने ये प्रपोजल रखा, मैंने उन्हें टोक दिया। साफ कह दिया कि मैं लाशों पर राजनीति नहीं करूंगी।”
अफसरों को दी थी चेतावनी
भट्ठल ने बताया कि उन्होंने अफसरों को साफ कह दिया था:
“अगर इलेक्शन से पहले छोटी सी भी घटना हुई तो उनकी जिम्मेदारी फिक्स की जाएगी और उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।”
अफसर हर तरह की सलाह देते हैं: भट्ठल
रजिंदर कौर भट्ठल ने कहा कि अफसर मुख्यमंत्री को अलग-अलग तरह की सलाह देते हैं। उसे मानना या न मानना अपनी मर्जी होती है।
“मुझे जब अफसरों ने इस तरह की सलाह दी थी तब मैंने उन्हें जमकर फटकार लगाई थी।”
रजिंदर कौर भट्ठल का कार्यकाल
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पद | पंजाब की मुख्यमंत्री |
| कार्यकाल | 21 नवंबर 1996 – 11 फरवरी 1997 |
| विशेषता | पंजाब की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री |
| पूर्ववर्ती | हरचरण सिंह बराड़ (इस्तीफे के बाद बनीं CM) |
अकाली दल ने मांगी जांच
पुनरसुरजीत अकाली दल के अध्यक्ष व पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कांग्रेस पर सवाल खड़े किए।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा:
“रजिंदर कौर भट्ठल एक सीनियर नेता हैं और वो मुख्यमंत्री रही हैं। उन्होंने जो कहा है उससे साफ है कि पंजाब में कांग्रेस ने किस तरह से सरकारें बनाई हैं।”
“कांग्रेस ने अफसरों के जरिए पंजाब में दहशतगर्दी फैलाई है। जब-जब कांग्रेस की सरकार बनी है, उस समय के अफसरों की जांच होनी चाहिए।”
कांग्रेस प्रवक्ता का जवाब
कांग्रेस प्रवक्ता दुर्लभ सिद्धू ने कहा:
“उन अफसरों का नाम सामने आना चाहिए। यह बात कांग्रेस पार्टी की बैठक में नहीं हुई थी। रजिंदर कौर भट्ठल साफ कह रही हैं कि उनके पास अफसर थे और कुछ उनके सलाहकार बैठे थे।”
“ऐसे लोगों के बारे में लोगों को पता चलना चाहिए कि आखिरकार वो देशद्रोह करने वाले अफसर कौन थे। इससे कांग्रेस पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। अफसर अकाली सरकार में भी वही थे और कांग्रेस में भी।”
BJP ने कांग्रेस की सोच पर उठाए सवाल
भाजपा प्रवक्ता अनिल सरीन ने कहा:
“भट्ठल को चाहिए था कि जब अफसरों ने ऐसी सलाह दी थी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करतीं। उनका नाम सार्वजनिक करतीं।”
“भट्ठल के बयान से कांग्रेस की सोच जाहिर हो गई है।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
| नेता/पार्टी | बयान |
|---|---|
| ज्ञानी हरप्रीत सिंह (अकाली दल) | कांग्रेस ने अफसरों के जरिए दहशतगर्दी फैलाई, जांच होनी चाहिए |
| दुर्लभ सिद्धू (कांग्रेस) | अफसरों के नाम सार्वजनिक हों, पार्टी का लेना-देना नहीं |
| अनिल सरीन (BJP) | भट्ठल के बयान से कांग्रेस की सोच जाहिर |
सवाल जो उठ रहे हैं
- वो अफसर कौन थे जिन्होंने ऐसा प्रस्ताव दिया?
- भट्ठल ने उस समय उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की?
- क्या इस मामले की अब जांच होनी चाहिए?
- क्या अन्य मुख्यमंत्रियों को भी ऐसे प्रस्ताव मिले?
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- सनसनीखेज दावा: पूर्व CM भट्ठल ने कहा, अफसरों ने बाजारों-ट्रेनों में धमाके करवाने की सलाह दी थी
- सरकार रिपीट का फॉर्मूला: दहशत फैलाकर लोगों को डराकर वोट डलवाने की थी योजना
- भट्ठल ने ठुकराया: कहा, लाशों पर राजनीति नहीं करूंगी, अफसरों को फटकार लगाई
- अकाली दल की मांग: कांग्रेस सरकारों के दौरान के अफसरों की जांच होनी चाहिए
- BJP का हमला: अनिल सरीन ने कहा, भट्ठल के बयान से कांग्रेस की सोच जाहिर








