Weather Update : उत्तर भारत में सर्दी का असर एक बार फिर तेज होता दिख रहा है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो चुकी है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में कोहरे और शीत लहर ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश और बर्फबारी बढ़ने के संकेत दिए हैं।
उत्तर भारत में फिलहाल ठंड से राहत के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने वाली है, जिसका सीधा असर तापमान, बारिश और बर्फबारी पर पड़ेगा। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है।

पहाड़ी इलाकों में बढ़ी बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले जिलों में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो चुका है। चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और लाहौल-स्पीति जैसे इलाकों में सर्द हवाओं के साथ बर्फ गिर रही है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 जनवरी के बाद बर्फबारी की तीव्रता और बढ़ सकती है।
मैदानी इलाकों में कोहरा और शीत लहर
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया हुआ है। कई जगहों पर दृश्यता बेहद कम होने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। दोपहर में धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिलती है, लेकिन ठंडी हवाएं शीत लहर का एहसास बनाए रखती हैं।
20 से 26 जनवरी तक बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 20 से 26 जनवरी के बीच उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 22 से 24 जनवरी के बीच दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। गणतंत्र दिवस के आसपास बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी ठंड को और बढ़ा सकती है, जिससे खुले कार्यक्रमों पर असर पड़ने की आशंका है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में येलो अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों में शीत लहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली और आगरा में सुबह के समय ठंडी हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। बिहार में भी पटना, गया और आसपास के जिलों में घने कोहरे के चलते दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में और सख्ती
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों में और सख्त होने वाला है। 20 और 21 जनवरी को छिटपुट बारिश और बर्फबारी के संकेत हैं, जबकि 22 से 24 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। कश्मीर घाटी और हिमाचल के ऊंचे इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बर्फ गिर सकती है।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सर्द रातें
पंजाब और हरियाणा में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और फरीदकोट में रातें बेहद सर्द बनी हुई हैं। हरियाणा के भिवानी, नारनौल और गुरुग्राम में ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। चंडीगढ़ में भी रात का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम
राजस्थान के कुछ जिलों में 22 और 23 जनवरी को बारिश के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है। वहीं मध्य प्रदेश में हल्की बारिश के चलते भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में ठंड बढ़ने की संभावना जताई गई है।
विश्लेषण: ठंड का दौर लंबा खिंचने के संकेत
मौसम के मौजूदा संकेत बताते हैं कि पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय रहने से उत्तर भारत में ठंड का दौर लंबा खिंच सकता है। बर्फबारी और बारिश जहां एक ओर जलस्तर और फसलों के लिए फायदेमंद मानी जाती है, वहीं दूसरी ओर यातायात और दैनिक जीवन पर इसका सीधा असर पड़ता है।
आम लोगों पर असर
घने कोहरे और शीत लहर के चलते यात्रा में परेशानी, स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर असर पड़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से रास्ते बंद होने की आशंका है।
जानें पूरा मामला
उत्तर भारत में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ठंड, कोहरा और बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला तेज
- मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और शीत लहर
- 20–26 जनवरी के बीच बारिश की संभावना
- कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी








