चंडीगढ़, 16 जनवरी: भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के एक मामले में इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट रोपड़ में तैनात परवीन कुमार (क्लर्क) और उसके सह-आरोपी सतीश कुमार (जूनियर इंजीनियर) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस मामले की पूरी सुनवाई के बाद आज सक्षम अदालत ने उक्त अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए दोनों आरोपियों को 4-4 साल की कैद और 20,000 रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है।
यह जानकारी आज यहाँ साझा करते हुए विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी जूनियर इंजीनियर और क्लर्क ने शिकायतकर्ता से उसकी संपत्ति की सेल डीड रजिस्टर करवाने के बदले 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
उन्होंने आगे बताया कि शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम किश्तों में दी थी और रिश्वत की आख़िरी किश्त देने से पहले विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क कर लिया था।
उसकी शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो ने इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट रोपड़ के कार्यालय में छापा मारा और सरकारी अधिकारियों/गवाहों की मौजूदगी में आरोपी परवीन कुमार के कब्जे से 7,500 रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की गई तथा परवीन कुमार को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था।








