Congress Mega Rally: पंजाब में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को व्यापक समर्थन मिल रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई कांग्रेस की रैलियों में मनरेगा मजदूरों सहित हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।
पार्टी नेताओं ने कांग्रेस में पूर्ण एकजुटता का प्रदर्शन किया और दोहराया कि 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद चाहे कोई भी मुख्यमंत्री बने, कांग्रेस पार्टी लोगों की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगी। कांग्रेस ने नवांशहर और लुधियाना जिलों को कवर करते हुए, बलाचौर और समराला में दो बड़ी रैलियां कीं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब के प्रभारी कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल ने घोषणा की कि 2027 में पंजाब में कांग्रेस सरकार बनने के बाद मनरेगा को बहाल करने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि 2029 तक भाजपा सरकार मनरेगा को बहाल नहीं करती, तो राहुल गांधी के नेतृत्व में केंद्र में बनने वाली कांग्रेस सरकार इसे फिर से लागू करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस गरीबों और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल अडानी और अंबानी जैसे अपने चुनिंदा मित्रों के लिए काम कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की असली मंशा मनरेगा को पूरी तरह समाप्त करने की है और इसके स्थान पर लाया गया नया कानून गरीबों और हाशिए पर पड़े वर्गों को धोखा देने के लिए है।
उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा के फंड का निर्णय गांवों और पंचायतों में होता था, लेकिन अब ये फैसले दिल्ली में किए जा रहे हैं। एक अधिकार आधारित कानून को दान में बदल दिया गया है।
रैली को संबोधित करते हुए, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि भाजपा और ‘आप’ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने कहा कि जहां भाजपा ने मनरेगा को खत्म कर दिया है, वहीं ‘आप’ सरकार पहले से ही इसे लागू करने में विफल रही है। लुधियाना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत पंजीकृत 1.21 लाख परिवारों में से केवल 12 परिवारों को ही 100 दिनों का काम मिला।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी में फूट की अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विरोधियों के पास कांग्रेस के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे अफवाहें फैला रहे हैं।
वड़िंग ने स्पष्ट किया कि वह खुद मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं हैं और न ही किसी अन्य नेता ने ऐसी कोई बात कही है। उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि हमारा लक्ष्य केवल पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाकर पिछले चार वर्षों से राज्य को लूटने वालों से लोगों को मुक्ति दिलाना है।
वड़िंग ने बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं को याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार ने उन्हें मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी थी, फिर भी कई महिलाओं ने 1000 रुपये के वादे पर वोट दिया। उन्होंने कहा कि हमने आपको मुफ्त बस यात्रा दी थी और इन्होंने आपसे झूठा वादा किया। अब समय है कि हमारे काम का इनाम मिले और ‘आप’ को उसके धोखे की सजा मिले।
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मनरेगा की शुरुआत 2005 में कांग्रेस ने सभी दलों से परामर्श करके की थी। उन्होंने खुलासा किया कि इस बिल पर संसद की स्थायी समिति में विस्तृत चर्चा हुई थी, जिसकी अध्यक्षता भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने की थी।

पंजाब के हालातों पर बात करते हुए, बाजवा ने कहा कि आज कोई भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस सरकार बनने के एक महीने के भीतर सभी गैंगस्टरों का उसी तरह खात्मा किया जाएगा, जैसे कांग्रेस ने पंजाब से आतंकवाद का सफाया किया था।
उन्होंने ‘आप’ सरकार पर पंजाब के संसाधनों की लूट का आरोप लगाया और कहा कि नदियों से रेत की खुली लूट हो रही है। केजरीवाल के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि रेत खनन से पंजाब को हर साल 20 हजार करोड़ रुपये की आय होनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल किया कि फिर यह पैसा कहां गया?
बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर धार्मिक संस्थाओं में हस्तक्षेप का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी से जवाब मांगने की बजाय मुख्यमंत्री को स्वयं बताना चाहिए कि पिछले चार वर्षों में इन्होंने पंजाब के लिए क्या किया है।
इन रैलियों में एआईसीसी प्रभारी रविन्द्र दलवी, सूरज सिंह ठाकुर, सुखजिंदर रंधावा, विजय इंदर सिंगला, पूर्व स्पीकर राणा केपी, विधायक परगट सिंह, पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, विधायक विक्रमजीत सिंह, पूर्व विधायक अंगद सिंह, दर्शन लाल मंगूपुर पूर्व विधायक, लव कुमार गोल्डी पूर्व विधायक, विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल, अजय मंगूपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष एसबीएस नगर, मिसेज़ सूंध, अमरप्रीत लाली, सतबीर पल्लीझिक्की, सांसद डॉ. अमर सिंह, सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी, पूर्व मंत्री तेज प्रकाश सिंह कोटली, पूर्व विधायक गुरकीरत सिंह कोटली, जिला कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व विधायक लखबीर सिंह लक्खा पायल, पूर्व मंत्री अनिल जोशी, रुपिंदर सिंह राजा गिल, चेयरमैन जसप्रीत सिंह, विक्रमजीत सिंह बाजवा, पवन दीवान, पूर्व विधायक संजय तलवाड़, पूर्व विधायक व एससी विभाग के चेयरमैन कुलदीप वैद, मलकीयत सिंह दाखा सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।








