Jee Ram Ji Scheme : भारतीय जनता पार्टी द्वारा विकसित भारत जी राम जी योजना के संबंध में जन-जागरूकता के लिए चलाए जा रहे राज्य स्तरीय अभियान के तहत आज गांव फोलड़ीवाल में एक जन-संवाद रैली आयोजित की गई। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने नए रोजगार कानून का विरोध करने वालों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि नई व्यवस्था इन लोगों की भ्रष्ट कमाई पर रोक लगाएगी। इसी कारण आम आदमी पार्टी और कांग्रेस इस गरीब-हितैषी फैसले का विरोध कर रही हैं।
सुनील जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाया गया नया रोजगार कानून गरीब मजदूरों के हितों को केंद्र में रखकर बनाया गया है। इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि मजदूर के हिस्से की ग्रांट अब ठेकेदारों और बिचौलियों की जेब में न जाकर सीधे मजदूर को मिले। इसी तरह रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अपने आप को सेक्युलर बताने वाली आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को इस योजना में “राम” नाम शब्द शामिल होने पर भी आपत्ति है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा दिल्ली विधानसभा में गुरु साहिबानों के लिए इस्तेमाल किए गए अत्यंत अपमानजनक शब्दों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस पार्टी के नेताओं का असली चेहरा अब सबके सामने आ चुका है।
उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान बेअदबी के दोषियों के लिए मौत की सजा का कानून बनाने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनसे संबंधित बेअदबी से जुड़ी एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर घूम रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह असली वीडियो है या एआई द्वारा बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यदि यह वीडियो सही पाई जाती है तो ऐसे व्यक्ति को पंजाब के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। इस मुद्दे पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और हाईकोर्ट की निगरानी में जांच कराने की भी मांग की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस द्वारा नए कानून के विरोध को लेकर कहा कि वास्तव में इन लोगों को गरीब से ही नफरत है। वे नहीं चाहते कि गरीब का हक उसे मिले और उनके भ्रष्टाचार पर लगाम लगे। उन्होंने कहा कि जी राम जी योजना मजदूरों के हितों को सुनिश्चित करते हुए गांवों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब के लोगों के टैक्स के पैसे को अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए देशभर के राज्यों में विज्ञापनबाजी पर उड़ाया जा रहा है। यदि यही पैसा विकास पर खर्च किया जाए तो पंजाब के लोगों का भला हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि दूसरे राज्यों में पंजाब के पैसे से की जा रही विज्ञापनबाजी से पंजाब के लोगों को क्या लाभ मिल रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक स्वार्थों के लिए सरकारी खजाने की खुली लूट करार दिया।
पंजाब में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले सात दिनों में नौ हत्याओं के कारण पंजाब दहल चुका है। पुलिस का डर खत्म हो चुका है और कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। नशे पहले से भी अधिक बढ़ गए हैं, जबकि सरकार ने अपने तथाकथित नशों के खिलाफ युद्ध अभियान का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को शुरू करके सरकार ने मान लिया है कि अब पुलिस इसे रोकने में सक्षम नहीं है और लोगों को ही अपने घरों की सुरक्षा करनी होगी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस कठिन मोड़ पर पंजाब के लोग अपना भविष्य भाजपा में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ही पंजाब को स्थिर, पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त, शांति और भाईचारे पर आधारित सुशासन दे सकती है। उन्होंने दावा किया कि अगली चुनावों में पंजाब के लोग भाजपा के साथ खड़े होने का मन बना चुके हैं और पंजाब के युवाओं को नशे और गोली से केवल भाजपा ही बचा सकती है।
इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पंजाब के सह-प्रभारी नरेंद्र रैना ने अपने संबोधन में कहा कि आम आदमी पार्टी का एकमात्र उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का विरोध करना और इनके लाभ को आम लोगों तक न पहुंचने देना है। उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्टों ने नरेगा में भ्रष्टाचार को उजागर किया था और गरीब के पैसे को कोई और न लूट सके, इसी उद्देश्य से योजना में बदलाव किया गया है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया, सुशील रिंकू, सरबजीत सिंह, जगबीर सिंह ब्राड़ सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वे बताएं कि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से पिछले चार वर्षों में गांवों के विकास के लिए कितनी राशि जारी की है। उन्होंने पंजाब सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना को भी धोखेबाज योजना बताते हुए कहा कि वास्तव में सरकार ने 10 लाख रुपये के इलाज का नहीं, बल्कि केवल 1 लाख रुपये तक के इलाज का ही प्रीमियम भरा है।








