Atishi Guru Tegh Bahadur controversy : अमृतसर में सियासी और पंथक हलकों में उस वक्त तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली, जब दिल्ली विधानसभा में दिए गए एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री Atishi की टिप्पणी पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने साफ कहा कि गुरु साहिबान का अपमान किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा और इस मुद्दे पर सिख समुदाय में गहरा रोष है।
SGPC प्रधान ने जताई कड़ी नाराजगी
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह टिप्पणी सिख भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने इसे आम आदमी पार्टी के नेताओं की आपत्तिजनक और गैर-जिम्मेदार सोच का प्रतीक बताया। धामी के मुताबिक, गुरु साहिबान के सम्मान से जुड़ा कोई भी विषय बेहद संवेदनशील है और इस पर मर्यादा में रहकर ही बात की जानी चाहिए।
गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत का हवाला
धामी ने याद दिलाया कि नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धर्म की रक्षा के लिए दिल्ली में महान शहादत दी थी। उनकी कुर्बानी को पूरी दुनिया श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण करती है। ऐसे में, दिल्ली विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक मंच पर गुरु साहिबान को लेकर की गई टिप्पणी सिख समाज के लिए असहनीय है।
दिल्ली विधानसभा में बयान पर सवाल
SGPC प्रधान ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करना उचित है। उनके अनुसार, इस तरह के बयान न केवल समाज को बांटते हैं, बल्कि राजनीतिक दलों की सोच को भी उजागर करते हैं।
आतिशी की सदस्यता रद्द करने की मांग
हरजिंदर सिंह धामी ने दिल्ली विधानसभा के स्पीकर से मांग की कि आतिशी की विधानसभा सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए। साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी सवाल किया कि क्या पार्टी अपने नेता के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करेगी या फिर इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखेगी।
सिख कौम ने दी विरोध की चेतावनी
SGPC प्रधान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिख कौम गुरु साहिबान का अपमान किसी भी स्तर पर सहन नहीं करेगी। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो व्यापक विरोध किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि धार्मिक विषयों पर बयान देते समय मर्यादा और सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाए।
विश्लेषण
यह विवाद केवल एक राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक आस्था और सार्वजनिक जिम्मेदारी के टकराव को भी उजागर करता है। SGPC का सख्त रुख बताता है कि सिख समुदाय अपने धार्मिक प्रतीकों और इतिहास को लेकर बेहद सजग है। ऐसे मामलों में त्वरित और संतुलित प्रतिक्रिया न केवल तनाव कम कर सकती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
क्या है पृष्ठभूमि
दिल्ली विधानसभा में दिए गए बयान के बाद यह मुद्दा सियासी और पंथक चर्चा के केंद्र में आ गया। SGPC की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने के बाद मामला और गंभीर हो गया, जिससे राजनीतिक दलों पर भी दबाव बढ़ा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- गुरु तेग बहादुर साहिब पर टिप्पणी को लेकर SGPC ने कड़ा विरोध जताया
- हरजिंदर सिंह धामी ने बयान को सिख भावनाओं पर हमला बताया
- आतिशी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की गई
- समय रहते कार्रवाई न होने पर विरोध की चेतावनी दी गई








