US Russia Secret Deal को लेकर वैश्विक राजनीति में बड़ा खुलासा सामने आया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro की संभावित गिरफ्तारी के बाद अमेरिका को वेनेजुएला के तेल भंडार तक पहुंच मिलने की बात कही गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने घोषणा की कि अमेरिका को वेनेजुएला से 30 से 50 मिलियन बैरल हाई-क्वालिटी कच्चा तेल मिलेगा। इसी बीच ट्रंप की पूर्व सलाहकार Fiona Hill के बयान ने एक कथित गुप्त डील की परतें खोल दीं, जिसने रूस, यूक्रेन और वेनेजुएला को एक ही धागे में बांध दिया है।

तेल और सत्ता का गणित
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच टकराव लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन मादुरो की गिरफ्तारी के बाद तेल का मुद्दा केंद्र में आ गया। ट्रंप के बयान के मुताबिक, अमेरिका को वेनेजुएला से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल मिलने जा रहा है, जिसे रणनीतिक लाभ के तौर पर देखा जा रहा है।
फियोना हिल का बड़ा खुलासा
2019 की एक सुनवाई के दौरान फियोना हिल ने बताया था कि रूसी अधिकारियों ने एक अजीब प्रस्ताव रखा था। इस कथित प्रस्ताव में रूस चाहता था कि उसे यूक्रेन को अपने तरीके से संभालने की पूरी आज़ादी मिले और बदले में वह वेनेजुएला से पीछे हट जाए। इस खुलासे को अब मादुरो की गिरफ्तारी के बाद फिर से जोड़ा जा रहा है।
यूक्रेन कनेक्शन ने बढ़ाई बेचैनी
इस कथित स्वैप एग्रीमेंट का सीधा संबंध यूक्रेन से जोड़ा जा रहा है। सवाल उठ रहा है कि क्या यही वजह है कि रूस और यूक्रेन के बीच अब तक सीजफायर नहीं हो पाया। ट्रंप की ओर से सीजफायर की कोशिशों और वेनेजुएला कार्रवाई के समय को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है।
रूस की चुप्पी क्यों?
वेनेजुएला का सबसे भरोसेमंद सहयोगी माने जाने वाले रूस की प्रतिक्रिया सीमित रही। संयुक्त राष्ट्र में बयान जरूर आया, लेकिन कोई आक्रामक कदम नहीं दिखा। यहां तक कि राष्ट्रपति Vladimir Putin की ओर से भी सीधी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, जिसने इस कथित डील की अटकलों को और हवा दी।

चीन बनाम रूस की प्रतिक्रिया
जहां चीन ने वेनेजुएला के मसले पर सख्त रुख दिखाया, वहीं रूस अपेक्षाकृत शांत नजर आया। रूसी नेताओं और विचारकों के बयानों में यह संकेत जरूर मिला कि अमेरिका की कार्रवाई को उसके राष्ट्रीय हितों के नजरिए से समझा जा सकता है, लेकिन खुला विरोध नहीं हुआ।
वैश्विक राजनीति पर असर
अगर यह गुप्त समझौता सच साबित होता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून, शक्ति संतुलन और युद्धनीति पर बड़े सवाल खड़े करता है। यह संकेत देता है कि वैश्विक राजनीति में अब नैतिकता से ज्यादा ताकत और सौदेबाजी अहम हो गई है।
जानें पूरा मामला
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका को वेनेजुएला के तेल तक पहुंच मिलने की घोषणा हुई। इसी बीच फियोना हिल के पुराने बयान फिर चर्चा में आए, जिनमें रूस और अमेरिका के बीच यूक्रेन और वेनेजुएला को लेकर एक कथित सीक्रेट डील का जिक्र था। रूस की चुप्पी और यूक्रेन युद्ध के हालात ने इस दावे को और संदिग्ध लेकिन चौंकाने वाला बना दिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमेरिका को वेनेजुएला से 30–50 मिलियन बैरल तेल मिलने का दावा
- फियोना हिल ने 2019 में रूस–अमेरिका स्वैप डील का जिक्र किया था
- यूक्रेन को लेकर रूस को “फ्री हैंड” देने की बात सामने आई
- मादुरो गिरफ्तारी पर रूस की सीमित प्रतिक्रिया ने सवाल बढ़ाए








