Chhattisgarh Naxal Encounter News : शनिवार की सुबह Chhattisgarh के बस्तर संभाग में नक्सलियों के लिए काल बनकर आई। सुरक्षाबलों ने एक बड़े एंटी-नक्सल ऑपरेशन (Anti-Naxal Operation) को अंजाम देते हुए Sukma और Bijapur जिलों में कुल 14 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय द्वारा तय की गई ‘नक्सल मुक्त भारत’ की समय सीमा (मार्च 2026) से ठीक पहले सुरक्षाबलों की बढ़ती ताकत और सटीक रणनीति का परिणाम है।
सुकमा और बीजापुर में कैसे हुआ एक्शन?
शनिवार तड़के शुरू हुए इस ऑपरेशन ने नक्सलियों की कमर तोड़ कर रख दी है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, Sukma के घने जंगलों में सुरक्षाबलों ने पिन-पॉइंट इंटेलिजेंस के आधार पर धावा बोला। सुबह 8:00 बजे शुरू हुई इस मुठभेड़ में जवानों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया। वहीं, Bijapur में सुबह 5:00 बजे हुए एक अन्य ऑपरेशन में 2 नक्सली मारे गए, जिनमें एक डीवीसी कमांडर (Divisional Committee Member) स्तर का बड़ा नक्सली लीडर शामिल है।
नक्सली इस समय बैकफुट पर हैं और जंगलों में छिपने को मजबूर हैं, लेकिन सुरक्षाबलों की सटीक घेराबंदी ने उन्हें भागने का मौका नहीं दिया।
हथियारों का जखीरा बरामद
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार मिले हैं। बरामद हथियारों में AK-47, INSAS राइफल और SLR (Self-Loading Rifle) शामिल हैं। यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या ये हथियार सुरक्षाबलों से लूटे गए थे या इन्हें किसी बाहरी स्रोत से मंगाया गया था।
गृह मंत्रालय का ‘मिशन 2026’
यह मुठभेड़ इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है। सुरक्षाबल इसी डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए ‘ऑल आउट’ मोड में काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है और ऐसे ऑपरेशन उसी ‘End Game’ का हिस्सा हैं।
संपादकीय विश्लेषण: नक्सलवाद के ताबूत में आखिरी कील
बस्तर के जंगलों में एक ही दिन में 14 नक्सलियों का मारा जाना कोई सामान्य घटना नहीं है। यह दर्शाता है कि खुफिया तंत्र (Intelligence Network) और जमीनी कार्रवाई (Ground Action) के बीच अब जबरदस्त तालमेल है। पहले जहां नक्सली सुरक्षाबलों पर भारी पड़ते थे, अब वे खुद अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे हैं। बीजापुर में डीवीसी कमांडर का मारा जाना नक्सली नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका है। अगर यही गति जारी रही, तो मार्च 2026 का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं होगा।
जानें पूरा मामला (Context)
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया हुआ है। सुकमा और बीजापुर, जो कभी नक्सलियों के सबसे सुरक्षित गढ़ माने जाते थे, अब वहीं सबसे ज्यादा मुठभेड़ें हो रही हैं। यह ऑपरेशन शनिवार सुबह लॉन्च किया गया था और खबर लिखे जाने तक सर्च ऑपरेशन जारी है, जिससे मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
मुख्य बातें (Key Points)
Chhattisgarh के सुकमा और बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई।
कुल 14 नक्सली ढेर (सुकमा में 12, बीजापुर में 2)।
मारे गए नक्सलियों में एक डीवीसी कमांडर भी शामिल।
मौके से AK-47, INSAS और SLR जैसे घातक हथियार बरामद।








