Indore Water Contamination Uma Bharti. मध्य प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर Indore के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से एक बड़ी त्रासदी सामने आई है। यहां जहरीला पानी पीने से अब तक कथित तौर पर 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग अभी भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस घटना ने न केवल प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोली है, बल्कि राज्य की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री Uma Bharti ने अपनी ही पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
‘स्वच्छ शहर’ में मौत का जहर
देश में स्वच्छता के लिए नंबर वन का तमगा हासिल करने वाले इंदौर के भागीरथपुरा में यह दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, 26 दिसंबर को पहली मौत हुई थी, लेकिन प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली।
जांच में एक चौंकाने वाली और घिनौनी सच्चाई सामने आई है। पता चला है कि जिस मुख्य जल लाइन (Main Water Line) से लोगों को पीने का पानी सप्लाई हो रहा था, उसके ठीक ऊपर एक शौचालय बना हुआ था। इस शौचालय का ड्रेनेज लीक होकर पीने के पानी में मिल रहा था, जिसे पीकर लोग बीमार पड़ रहे थे। MGM Medical College की लैब रिपोर्ट में पानी के नमूनों में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं जो आमतौर पर मल-मूत्र में मिलते हैं।
उमा भारती का सरकार पर सीधा हमला
इस त्रासदी पर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता Uma Bharti का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर एक लंबी पोस्ट लिखकर मुख्यमंत्री Mohan Yadav की सरकार को आड़े हाथों लिया।
उमा भारती ने लिखा, “जिंदगी की कीमत 2 लाख रुपये नहीं होती। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा। सरकार को पीड़ित जनों से माफी मांगनी होगी।” उन्होंने इसे Mohan Yadav के लिए ‘परीक्षा की घड़ी’ बताया और मांग की कि नीचे से लेकर ऊपर तक के जिम्मेदार अधिकारियों को अधिकतम दंड दिया जाए। उनका कहना है कि यह घटना पूरे प्रदेश और व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित करने वाली है।
आंकड़ों में उलझी मौत
इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या को लेकर भी विरोधाभास है। जहां पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि अब तक 14 से 15 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं सरकारी रिकॉर्ड में अभी कम मौतों की पुष्टि की जा रही है। वर्तमान में 201 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 32 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू (ICU) में रखा गया है।
संपादकीय विश्लेषण: स्मार्ट सिटी का काला सच
यह घटना ‘स्मार्ट सिटी’ और ‘स्वच्छता सर्वेक्षण’ के दावों की जमीनी हकीकत पर एक बड़ा तमाचा है। जिस शहर को देश का गौरव बताया जाता है, वहां के नागरिक अगर शौचालय मिश्रित पानी पीने को मजबूर हैं, तो यह सिस्टम का पूर्ण कोलाप्स (System Failure) है। Uma Bharti का यह सवाल जायज है कि क्या किसी इंसान की जान की कीमत महज मुआवजा हो सकती है? यह घटना दिखाती है कि शहरों की चमक-धमक के नीचे बुनियादी ढांचा किस कदर सड़ा हुआ हो सकता है। सरकार को केवल मुआवजा देकर नहीं, बल्कि दोषियों पर आपराधिक मुकदमे चलाकर उदाहरण पेश करना होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
-
Indore के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत (दावा), 200+ अस्पताल में भर्ती।
-
पानी की पाइपलाइन के ऊपर बने शौचालय से हो रहा था रिसाव, लैब रिपोर्ट में खतरनाक बैक्टीरिया की पुष्टि।
-
पूर्व सीएम Uma Bharti ने सरकार को घेरा, कहा- “जिंदगी की कीमत 2 लाख नहीं, सरकार माफी मांगे।”
-
सीएम Mohan Yadav ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन विपक्ष और खुद उनकी पार्टी के नेता सवाल उठा रहे हैं।








