Kanchanpreet Kaur Arrest News तरनतारन में सियासी पारा उस वक्त चढ़ गया जब पुलिस ने कंचनप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया। पंजाब पुलिस पिछले कई दिनों से उनकी तलाश कर रही थी और दावा किया जा रहा था कि वह विदेश चली गई हैं। हालांकि, जैसे ही वह पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज करवाने के लिए पेश हुईं, पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। यह मामला अब पंजाब सरकार और तरनतारन पुलिस के लिए साख का सवाल बन गया है।
कंचनप्रीत कौर को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से चार पुराने मामलों में राहत मिल चुकी थी। उन्हें लगा था कि जांच में शामिल होने के बाद उन्हें जाने दिया जाएगा, लेकिन पुलिस ने उन्हें एफआईआर नंबर 208 के तहत गिरफ्तार कर लिया। यह वही मामला है जिसमें पुलिस को उनकी तलाश थी और इसे लेकर अब सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
किस मामले में हुई गिरफ्तारी?
पुलिस ने कंचनप्रीत कौर को जिस एफआईआर नंबर 208 में गिरफ्तार किया है, वह 11 नवंबर को झाबल पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। यह मामला उनके पति और गैंगस्टर अमृतपाल सिंह बाठ और दो अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज था। अब पुलिस ने उन अज्ञात आरोपियों में कंचनप्रीत कौर का नाम शामिल कर उन्हें गिरफ्तार किया है।
यह शिकायत 65 वर्षीय गुरमीत कौर ने दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 10 नवंबर की शाम को एक नकाबपोश युवक उनके घर के बाहर आया और खुद को अमृतपाल सिंह बाठ बताते हुए धमकी दी कि अगर वोट शिरोमणि अकाली दल को नहीं दी, तो इसका अंजाम बुरा होगा। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
अकाली दल ने बताया सियासी बदला
इस गिरफ्तारी पर शिरोमणि अकाली दल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अकाली दल के नेता तजिंदर सिंह मिड्डूखेड़ा ने इसे “सियासी जबर” और बदलाखोरी करार दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा सियासी दमन नहीं देखा। मिड्डूखेड़ा के मुताबिक, चुनाव खत्म होने के बाद भी बदलाखोरी जारी है और आम आदमी पार्टी 2027 के डर से उनके वर्करों का मनोबल तोड़ना चाहती है।
उन्होंने दावा किया कि उनके करीब 8 नेताओं को गिरफ्तार किया गया है और सैकड़ों फरार हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और कहा कि पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही है। मिड्डूखेड़ा ने नछत्तर सिंह और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी का भी उदाहरण दिया जिन्हें कोर्ट से राहत मिल चुकी है।
पुलिस की साख का सवाल
जानकारों का मानना है कि तरनतारन उपचुनाव और उसके बाद के घटनाक्रम पुलिस और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए थे। कंचनप्रीत कौर की गिरफ्तारी को पुलिस अपनी “जीत” के तौर पर देख रही है, क्योंकि यह मामला काफी हाई-प्रोफाइल हो चुका था। उपचुनाव के दौरान दर्ज हुए 9 मुकदमों और पुलिस अधिकारियों के तबादलों ने इस पूरे प्रकरण को और भी पेचीदा बना दिया है।
फिलहाल कंचनप्रीत कौर को अदालत में पेश किया जाएगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट में पुलिस क्या दलील देती है और कंचनप्रीत के वकील इसका क्या जवाब देते हैं। वहीं, इस गिरफ्तारी के बाद अकाली दल और आम आदमी पार्टी के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।
जानें पूरा मामला
तरनतारन उपचुनाव के दौरान अकाली दल और आम आदमी पार्टी के बीच भारी तनाव देखने को मिला था। पुलिस ने चुनाव के दौरान और उसके बाद अकाली समर्थकों पर कई एफआईआर दर्ज कीं। कंचनप्रीत कौर, जो एक अकाली उम्मीदवार की बेटी और गैंगस्टर अमृतपाल सिंह बाठ की पत्नी हैं, पुलिस के रडार पर थीं। उन्हें पुराने मामलों में कोर्ट से राहत मिली थी, लेकिन पुलिस ने एक नए मामले (मतदाता को धमकाने) में उन्हें नामजद कर गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
कंचनप्रीत कौर को पुलिस के सामने बयान दर्ज करवाने के बाद गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी एफआईआर नंबर 208 (वोटर को धमकाने) के मामले में हुई है।
उन्हें पहले चार अन्य मामलों में हाई कोर्ट से राहत मिल चुकी थी।
अकाली दल ने इसे आम आदमी पार्टी की सियासी बदलाखोरी बताया है।
यह गिरफ्तारी पंजाब सरकार और पुलिस के लिए नाक का सवाल बन गई थी।








