गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Supreme Court on Governor Powers: क्या अब ‘बेलगाम’ होंगे राज्यपाल? मोदी सरकार की जीत या विपक्ष का भ्रम?

Supreme Court on Governor Powers: क्या अब ‘बेलगाम’ होंगे राज्यपाल? मोदी सरकार की जीत या विपक्ष का भ्रम?

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपालों के लिए बिल पास करने की समय सीमा तय करने से किया इनकार, लेकिन अनिश्चितकाल तक रोकने पर दी चेतावनी

The News Air Team by The News Air Team
शुक्रवार, 21 नवम्बर 2025
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय, सियासत
A A
0
President Governor Bill Assent
107
SHARES
711
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Supreme Court Governor Powers Verdict : सुप्रीम कोर्ट ने देश के संघीय ढांचे और राज्यपालों की शक्तियों को लेकर एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिसने मोदी सरकार और विपक्षी राज्यों के बीच चल रही खींचतान को एक नया मोड़ दे दिया है। 20 नवंबर 2025 को दिए गए अपनी राय में, देश की सबसे बड़ी अदालत ने यह साफ कर दिया है कि वह राज्यपालों पर किसी विधेयक (Bill) को मंजूरी देने के लिए कोई समय सीमा (Time Limit) नहीं थोप सकती। यह राय 8 अप्रैल के उस आदेश से बिल्कुल अलग है, जिसमें 3 महीने की समय सीमा की बात कही गई थी।

सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने 10 दिनों की लंबी सुनवाई के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मांगी गई राय (Article 143) पर अपना जवाब दिया। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपालों के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है, और न्यायपालिका, कार्यपालिका (Executive) के काम में दखल देकर कोई डेडलाइन तय नहीं कर सकती। इसे केंद्र सरकार की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी थी कि राज्यपाल को महज एक ‘पोस्टमैन’ या ‘शोपीस’ नहीं बनाया जा सकता।

विपक्ष का दावा: ‘हार में भी जीत’

भले ही कोर्ट ने समय सीमा तय करने से इनकार कर दिया हो, लेकिन वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और विपक्षी दलों का मानना है कि यह उनकी नैतिक जीत है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा न होने का मतलब यह नहीं है कि राज्यपाल किसी बिल पर ‘अनंत काल’ (Indefinite period) तक कुंडली मारकर बैठ जाएं। अगर राज्यपाल बिना किसी ठोस कारण के लंबे समय तक विधेयक को रोकते हैं, तो यह संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ होगा और ऐसे मामलों में कोर्ट ‘सीमित दखल’ दे सकता है। सिब्बल का तर्क है कि अब राज्यपालों को विधानसभा की सर्वोच्चता का सम्मान करना ही होगा।

यह भी पढे़ं 👇

Punjab Textbook Reform

Punjab Textbook Reform: PSEB अब सीधे बच्चों को देगा किताबें, 10 लाख छात्रों को फायदा

गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
Punjab Flood Control

Punjab Flood Control: अगमपुर पुल की सुरक्षा के लिए 19.72 करोड़ की परियोजना

गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
Punjab-Finland Partnership

Punjab-Finland Partnership: विश्व स्तरीय शिक्षा अब पंजाब के क्लासरूम में

गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
Petrol-Diesel Price Hike

Petrol-Diesel Price Hike: सरकार ने फर्जी खबरों का किया खंडन, कोई बढ़ोतरी नहीं

गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
संवैधानिक पेंच और राष्ट्रपति का हस्तक्षेप

यह पूरा मामला तब पलटा जब 8 अप्रैल 2025 को जस्टिस पारदीवाला की बेंच ने राज्यपालों के लिए 3 महीने की समय सीमा तय कर दी थी। इसके बाद, मई में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अनुच्छेद 143 का इस्तेमाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट से 14 सवालों पर राय मांगी। यह इतिहास में केवल 15वीं बार हुआ है जब इस अनुच्छेद का प्रयोग किया गया। आलोचकों का कहना है कि यह सरकार की एक चाल थी ताकि अप्रैल के फैसले को कमजोर किया जा सके, और अब कोर्ट की नई राय ने उस समय सीमा की बाध्यता को खत्म कर दिया है।

तमिलनाडु से पंजाब तक: ‘पेंडिंग’ राजनीति

इस कानूनी लड़ाई की जड़ में तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पंजाब जैसे विपक्षी शासित राज्य हैं। तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि ने 10 विधेयकों को लटकाए रखा था, जिन्हें विधानसभा ने दोबारा पास किया, फिर भी उन्होंने मंजूरी नहीं दी। इसी तरह, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने 7 बिल राष्ट्रपति को भेज दिए और 4 को रोक लिया। पंजाब और पश्चिम बंगाल का भी यही हाल रहा। इन राज्यों का आरोप है कि राज्यपाल केंद्र के इशारे पर चुनी हुई सरकारों के कामकाज को ठप कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या नई राय के बाद राज्यपाल फिर से विधेयकों को सालों-साल लटकाएंगे?

‘जानें पूरा मामला’

गैर-बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि राज्यपाल उनके द्वारा पास किए गए कानूनों को मंजूरी देने में जानबूझकर देरी कर रहे हैं, जिससे राज्य का विकास और कामकाज ठप हो रहा है। अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के पक्ष में फैसला देते हुए समय सीमा तय की थी। लेकिन केंद्र सरकार ने तर्क दिया कि राज्यपाल के पास विवेकाधीन शक्तियां होनी चाहिए ताकि वह बहुमत वाली सरकारों के मनमानेपन पर नजर रख सकें। इसी संवैधानिक द्वंद्व को सुलझाने के लिए राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट से राय मांगी थी, जिस पर अब कोर्ट ने कहा है कि “समय सीमा नहीं, लेकिन अनिश्चितकाल तक देरी भी नहीं।”

मुख्य बातें (Key Points)
  • समय सीमा नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपालों पर बिल पास करने के लिए कोई फिक्स टाइमलाइन नहीं थोपी जा सकती।

  • अनंत देरी अवैध: कोर्ट ने चेताया कि राज्यपाल बिना कारण बताए विधेयकों को अनिश्चितकाल तक नहीं रोक सकते।

  • राष्ट्रपति का संदर्भ: यह राय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आर्टिकल 143 के तहत पूछे गए सवालों के जवाब में दी गई है।

  • विपक्ष बनाम केंद्र: केंद्र इसे राज्यपाल की शक्तियों की रक्षा मान रहा है, जबकि विपक्ष इसे विधानसभा की गरिमा की जीत बता रहा है।

Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

EPS Pension Hike: प्राइवेट नौकरी वालों की चमकेगी किस्मत! पेंशन ₹1000 से बढ़कर होगी ₹7500?

Next Post

PM Kisan 21st Installment: करोड़ों किसानों के खाते में अटके ₹2000? ऐसे चेक करें अपना स्टेटस और पाएं समाधान

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Punjab Textbook Reform

Punjab Textbook Reform: PSEB अब सीधे बच्चों को देगा किताबें, 10 लाख छात्रों को फायदा

गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
Punjab Flood Control

Punjab Flood Control: अगमपुर पुल की सुरक्षा के लिए 19.72 करोड़ की परियोजना

गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
Punjab-Finland Partnership

Punjab-Finland Partnership: विश्व स्तरीय शिक्षा अब पंजाब के क्लासरूम में

गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
Petrol-Diesel Price Hike

Petrol-Diesel Price Hike: सरकार ने फर्जी खबरों का किया खंडन, कोई बढ़ोतरी नहीं

गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
Tamil Nadu Elections 2026

Tamil Nadu Assembly Elections 2026: 84% वोटिंग के साथ टूटा रिकॉर्ड

गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
Rakul Preet Singh-Jackky Bhagnani

Rakul Preet Singh-Jackky Bhagnani: शादीशुदा होकर भी ‘Situationship’ में, जानें क्यों

गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
Next Post
PM Kisan 21st Installment

PM Kisan 21st Installment: करोड़ों किसानों के खाते में अटके ₹2000? ऐसे चेक करें अपना स्टेटस और पाएं समाधान

Anmol Bishnoi Deportation News

America का बड़ा बयान: Anmol Bishnoi Arrest पर तोड़ी चुप्पी

PSU Bank Merger News,

Bank Merger Update: सरकारी बैंकों के मर्जर का प्लान तैयार, PMO लेगा अंतिम फैसला

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।