DIG Harcharan Singh Bhullar Case : पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के रिश्वत मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। सीबीआई के बाद अब इस केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री होने जा रही है। जांच में पंजाब के करीब 50 आईएएस और आईपीएस अफसरों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर बेनामी संपत्ति बनाई है। इस बीच, सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने बिचौलिए कृष्नु शारदा को जुडिशियल कस्टडी (न्यायिक हिरासत) में भेज दिया है।
पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद आज कृष्नु को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 20 नवंबर तक कस्टडी में भेज दिया गया। कोर्ट में कृष्नु लंगड़ाकर चल रहा था, जिस पर उसके वकील ने मेडिकल जांच की मांग की। डीआईजी भुल्लर का 5 दिन का रिमांड भी आज खत्म हो रहा है और उन्हें कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ED कसेगी अफसरों पर शिकंजा
मंगलवार को ED की टीम चंडीगढ़ स्थित सीबीआई ऑफिस पहुंचेगी और डीआईजी भुल्लर समेत उन सभी आईएएस-आईपीएस अफसरों का रिकॉर्ड लेगी, जिनके बेनामी संपत्ति बनाने के सुराग मिले हैं। रिकॉर्ड मिलते ही ED इन अफसरों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुला सकती है, जिससे पंजाब के नौकरशाहों की मुश्किलें बढ़ना तय है।
CBI को मिली 50 अफसरों की जानकारी
सीबीआई जांच में अब तक पंजाब के करीब 50 अफसरों के बारे में जानकारी मिल चुकी है, जिनकी एक लिस्ट भी तैयार कर ली गई है।
- भुल्लर से पूछताछ: सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, डीआईजी भुल्लर ने पूछताछ में बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के एक प्रॉपर्टी डीलर भूपिंदर सिंह के जरिए प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं। इसमें 14 अफसरों (10 IPS और 4 IAS) के नाम सामने आए हैं। इनमें से 8 IPS अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं।
- बिचौलिए के मोबाइल से खुलासा: बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल डेटा से पता चला कि वह करीब 50 अफसरों के साथ मिलकर ‘करप्ट डीलिंग’ में शामिल था। वह ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने और FIR दर्ज या खारिज करवाने जैसे काम करता था।
मुख्य बातें (Key Points):
- डीआईजी भुल्लर रिश्वत केस में ED की एंट्री, 50 IAS-IPS अफसरों की बेनामी संपत्ति की जांच होगी।
- बिचौलिए कृष्नु शारदा को 20 नवंबर तक जुडिशियल कस्टडी में भेजा गया।
- सीबीआई जांच में खुलासा हुआ कि अफसर प्रॉपर्टी डीलर के जरिए निवेश करते थे।
- कृष्नु ट्रांसफर-पोस्टिंग और FIR मैनेज करने जैसे कामों में शामिल था।








