जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले बड़ी संख्या में अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है. केंद्र शासित प्रदेश में आईजीपी और डीआईजी समेत 33 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर किया गया है. कई जिलों में नए पुलिस प्रमुख भी तैनात किए गए हैं. हालांकि इन ट्रांसफर को लेकर आलोचना भी की जा रही है. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इस पर सवाल खड़े किए और इसकी जांच कराने की मांग भी की है.
आईपीएस नीतीश कुमार को जम्मू-कश्मीर का नया सीआईडी चीफ नियुक्त किया गया है. 1999 बैच के आईपीएस अफसर नीतीश को केंद्र शासित प्रदेश में सीआईडी (Criminal Investigation Department) का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है. नीतीश इससे पहले अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) सीआईडी के पद पर कार्यरत थे. वह आईपीएस आरआर स्वैन की जगह लेंगे. स्वैन के पास यह अतिरिक्त प्रभार था जिससे उन्हें मुक्त कर दिया गया है.
इनके अलावा आईपीएस भीम सेन टूटी को अब आईजीपी (मुख्यालय) पीएचक्यू, आईजीपी (दूरसंचार) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. जबकि आईपीएस सुनील गुप्ता को आईजीपी (अपराध), जम्मू-कश्मीर के पद पर तैनात किया गया है. इससे पहले आईपीएस दीपक कुमार के पास यह अतिरिक्त प्रभार था.
DC समेत 89 अफसरों का कल ही तबादला
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग ने कल गुरुवार देर रात तत्काल प्रभाव से 89 अधिकारियों का ट्रांसफर किए जाने और उनकी तैनाती के आदेश जारी कर दिया. जिन अफसरों का ट्रांसफर किया गया है उनमें पुंछ और बांदीपोरा जिलों के उपायुक्त (DC), सचिव, आयुक्त, महानिदेशक, प्रबंध निदेशक और कई विभागों के निदेशक भी शामिल हैं.
चुनाव आयोग की ओर से कुछ हफ्ते पहले यह निर्देश दिया गया था कि वे राज्य, अपने गृह जिलों में तैनात अधिकारियों का ट्रांसफर दूसरे जिलों में करें जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. आयोग ने पिछले महीने 31 जुलाई को केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को निर्देश दिया था कि वह उन अधिकारियों का ट्रांसफर कर दे जो अपने गृह जिलों में पोस्टेड हैं. चुनाव से सामान्य तौर पर इस तरह की प्रक्रिया की जाती है.
ट्रांसफर को निलंबित किया जाएः नेशनल कॉन्फ्रेंस
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्रांसफर को लेकर कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन को इस बड़े स्तर पर ट्रांसफर करने का आदेश देने के लिए सचिवालय और पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस पर काम करने के लिए बुलाना पड़ा, इससे मुझे पता चलता है कि उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि चुनाव आयोग आज चुनाव की तारीखों की घोषणा करने वाला है. चुनाव आयोग को इन ट्रांसफर के आदेश को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के नजरिए से देखना चाहिए. हालांकि नेशनल कॉन्फ्रेंस को एलजी के ऑफिस की ओर से पक्षपातपूर्ण इरादे का संदेह है.
That the J&K administration had to call officers in the secretariat & police HQ to work on Independence Day to order this massive reshuffle tells me they had absolutely NO CLUE that the ECI would be announcing poll dates today. All the more reason that the @ECISVEEP should look… https://t.co/KpUZNX09p2
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) August 16, 2024
ताबड़तोड़ ट्रांसफर से नाराज नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इस पर सवाल खड़े किए हैं. पार्टी ने कहा कि कल शाम से लेकर आज सुबह तक पुलिस और प्रशासन में बड़े पैमाने पर फेरबदल क्यों किया गया. ऐसा लगता है कि यह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा नियुक्त एलजी द्वारा अपनी पार्टी और उसके सहयोगियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आगे कहा, “यह कदम स्पष्ट रूप से चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को कमजोर करने के मकसद से किया गया लगता है, जो सत्तारूढ़ पार्टी को विपक्ष पर अनुचित प्रशासनिक लाभ हासिल करने से रोकने के लिए इस तरह के ट्रांसफर को प्रतिबंधित करता है. एलजी सरकार ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के सिद्धांतों से समझौता करते हुए पूरे प्रशासनिक ढांचे को रणनीतिक रूप से हिला दिया है. हम चुनाव आयोग से इस प्रयास की गहन जांच करने और इन आदेशों के कार्यान्वयन को तुरंत निलंबित करने का आह्वान करते हैं.”








