शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने शिवसेना सांसद रविंद्र वायकर पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ‘रविंद्र वायकर पहले शिवसेना में थे, लेकिन ईडी, सीबीआई के डर से पार्टी छोड़ गए थे। पहले उन्हें उनके खिलाफ चल रहे ईडी के मामले पर बात करनी चाहिए कि उसकी जांच क्यों रुक गई? हमने ईवीएम पर सवाल नहीं उठाया है, लेकिन व्यवस्था पर सवाल उठाया है। हमने रिटर्निंग अफसर पर सवाल उठाए हैं…रविंद्र वायकर लोकसभा नहीं पहुंचेंगे।’
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut says, "Ravindra Waikar was in Shiv Sena earlier but due to the fear of ED & CBI he left the party…He should first talk about the ED case against him. Why is that stopped? We have not raised a question on the EVM… pic.twitter.com/2qjHKlvQyq
— ANI (@ANI) June 18, 2024
रविंद्र वायकर की जीत पर उठ रहे सवाल
रविंद्र वायकर मुंबई उत्तर पश्चिम सीट से महज 48 वोटों से जीते हैं, उन्होंने उद्धव ठाकरे की शिवसेना के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर को करीबी मुकाबले में हराया। हालांकि ये चुनाव नतीजा विवादों में फंस गया है। दरअसल अमोल कीर्तिकर ने मतगणना केंद्र पर धांधली का आरोप लगाया है। मुंबई पुलिस ने रविंद्र वायकर के साले मंगेश पांडिलकर के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है। आरोप है कि 4 जून को आम चुनाव के नतीजों की घोषणा के समय मंगेश को कथित तौर पर मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था। पांडिलकर को मोबाइल देने के आरोप में चुनाव आयोग के एक कर्मचारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
मोबाइल से ईवीएम अनलॉक करने का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पांडिलकर के मोबाइल फोन का इस्तेमाल ईवीएम मशीन को अनलॉक करने और ओटीपी जेनरेट करने के लिए किया गया था। फिलहाल पुलिस ने मोबाइल फोन को फोरेंसिक लैब भेजा है, ताकि मोबाइल फोन का डाटा मिल सके। साथ ही फोन पर मौजूद फिंगर प्रिंट भी लिए गए हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने ईवीएम हैकिंग के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।








