8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। मोदी सरकार ने लंबे इंतजार और घोषणा के एक साल बाद आखिरकार आठवें वेतन आयोग की सुस्त पड़ी गाड़ी को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए वेतन आयोग में एक अहम नियुक्ति की है, जिससे अब लाखों कर्मचारियों की सैलरी और Allowance बढ़ने की उम्मीदों को नई रफ्तार मिल गई है।
आशीष यादव को मिली बड़ी जिम्मेदारी
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के तहत आने वाले व्यय विभाग (Department of Expenditure) ने एक आदेश जारी कर वेतन आयोग के कामकाज को संभालने के लिए कमर कस ली है। इस आदेश के मुताबिक, केंद्र सरकार ने Ashish Yadav को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग में ‘डायरेक्टर’ (Director) के पद पर तैनात किया है।
उनकी यह नियुक्ति ‘डेपुटेशन’ (Deputation) यानी प्रतिनियुक्ति के आधार पर की गई है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग की ओर से जारी ऑफिस मेमोरेंडम में साफ किया गया है कि यह पद आयोग की प्रशासनिक और नीतिगत तैयारियों में सबसे अहम भूमिका निभाएगा।
3 हफ्ते का अल्टीमेटम और सख्त नियम
सरकार कागजों पर तो पूरी सख्ती दिखा रही है। आदेश में नवनियुक्त अधिकारी आशीष यादव को तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है। साथ ही एक ‘डेडलाइन’ भी तय कर दी गई है। आदेश में साफ चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने तीन हफ्ते के भीतर ज्वॉइनिंग नहीं की, तो डिपार्टमेंट उनके खिलाफ प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
सरकार के मौजूदा नियमों के अनुसार ही उनकी नियुक्ति की शर्तें और प्रक्रिया लागू होंगी। इस कदम से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकार अब वेतन आयोग के काम में और देरी बर्दाश्त नहीं करेगी।
कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: ‘कुर्सियां भरने में ही लगा दिया साल’
भले ही सरकार ने नियुक्ति कर दी हो, लेकिन कर्मचारी संगठन इस ‘कछुआ चाल’ से खुश नहीं हैं। कागजी सख्ती के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। All India NPS Employees Federation के अध्यक्ष मनजीत पटेल ने सरकार की मंशा पर सीधे सवाल दागे हैं।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब डायरेक्टर की पोस्टिंग अब हो रही है, तो इसका साफ मतलब है कि ऑफिस सेटअप, स्टाफिंग और बेसिक ढांचा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘ईज ऑफ गवर्नेंस’ (Ease of Governance) सिर्फ भाषणों तक सीमित है। असल में वेतन आयोग का काम रेंग-रेंग कर चल रहा है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि आयोग के गठन के तुरंत बाद तेजी दिखेगी, लेकिन यहां तो कुर्सियां भरने में ही महीनों लग रहे हैं।
‘जानें पूरा मामला’
सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। आयोग को कर्मचारियों की वेतन संरचना, देश की आर्थिक स्थिति और मांगों का विश्लेषण करके अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया था। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। आशीष यादव की नियुक्ति इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
नियुक्ति: आशीष यादव 8वें वेतन आयोग के डायरेक्टर नियुक्त।
डेडलाइन: 3 हफ्ते के भीतर कार्यभार संभालने का सख्त आदेश।
विरोध: कर्मचारी संगठनों ने देरी और सुस्त रफ्तार पर जताई नाराजगी।
लागू होने की तारीख: सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद।








