World Badminton Championship: ताई की चुनौती से पार नहीं पा सकी PV Sindhu

The News Air – डिफेंडिंग चैंपियन भारत की पीवी सिंधु (PV Sindhu) को शुक्रवार को ह्यूएलवा में बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप (BWF World Badminton Championship) के महिला एकल क्वार्टर फाइनल में परिचित दुश्मन और चीनी ताइपे की दुनिया की नंबर एक ताई जू यिंग (Tai Tzu Ying) से सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ही ताई जू ने 2019 विश्व चैंपियनशिप में सिंधु के हाथों मिली हार का बदला भी ले लिया। हालांकि भारत के लिए एक सुखद ख़बर ये रही कि पुरुष वर्ग में भारत के किदांबी श्रीकांत सेमीफाइनल में पहुंच गए।

सिंधु ने 42 मिनट में डाल दिए हथियार

शीर्ष वरीयता प्राप्त ताई जू ने में सिंधु को सीधे सेटों में 21-17 21-13 से हरा दिया। थाई खिलाड़ी ने यह मुक़ाबला 42 मिनट में ही अपने नाम कर लिया। इस मैच में सिंधु को ताई की गति से मात खा गई। भारतीय खिलाड़ी इससे पहले भी कई बार ताई के ख़िलाफ़ खेलते हुए दबाव में आ चुकी हैं। हालांकि दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट भारतीय खिलाड़ी ने कुछ बेहतरीन क्रॉस-कोर्ट स्मैश बनाए, लेकिन वो जीत के लिए नाकाफ़ी साबित हुए।

ताई के ख़िलाफ़ सिंधु का रिकॉर्ड ख़राब

इस जीत के बाद चीनी ताइपे खिलाड़ी ताई जू यिंग का सिंधु के ख़िलाफ़ करियर रिकॉर्ड 15-5 का हो गया है। इस आंकड़े को देखकर साफ़ कहा जा सकता है कि कैसे सिंधु के ख़िलाफ़ अधिकतर बार दबाव में आ ज़ाती है। सिंधु लंबे समय से इस विरोधी के ख़िलाफ़ खेल रही हैं लेकिन वे आज तक इसका काट नहीं ढूंढ पाई हैं। एक और हार ने सिंधु के रिकॉर्ड को और ख़राब कर दिया है। दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी सिंधु इस साल की शुरुआत में टोक्यो ओलंपिक गेम्स के सेमीफाइनल में भी ताई जू से हार गई थीं। सिंधु का इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था और उनसे उम्मीद थी कि वे आगे तक जाएंगी, लेकिन एक बार फिर वे ख़िताब जीतने से वंचित रह गईं।

सेमीफाइनल में पहुंचे किदांबी श्रीकांत

महिला वर्ग में एक तरफ़ भारत को सिंधु के बाहर होने से जहां निराशा हाथ लगी वहीं पुरुष वर्ग में भारत के लिए सुखद समाचार आया है। पुरुष एकल वर्ग में भारत के किदांबी श्रीकांत सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब रहे। क्वार्टर फाइनल मुक़ाबले में श्रीकांत ने नीदरलैंड के खिलाड़ी मार्क क्लाजाउ को सीधे सेटों में 21-8, 21-7 से हरा दिया। इस एकतरफा मुक़ाबले को श्रीकांत ने केवल 26 मिनट में ही अपने नाम कर लिया।

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