ONGC और Oil India पर पड़ी विंडफॉल टैक्स की मार, जानिए क्यूं लगता है ये टैक्स

1 जुलाई के कारोबारी सत्र में ONGC और Oil India के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। 12 बजे के आसपास ONGC के शेयर 17.65 रुपये यानी 11.65 फीसदी टूटकर 133.90 रुपये पर नजर आ रहा है। वहीं Oil India के शेयर 20.70 रुपये यानी 8.02 फीसदी टूटकर 230.80 रुपये पर नजर आ रहे हैं।

बता दें भारत सरकार ने क्रूड ऑयल प्रोडक्शन पर 23,250 रुपये प्रति टन की स्पेशल अतिरिक्त एक्साइज ड्युटी लगाई है। इस बारे में जारी अपनी अधिसूचना में सरकार ने कहा है कि यह तेल उत्पादन कंपनियों पर लगाया गया एकमुश्त टैक्स है।

बताते चलें कि इस तरह के टैक्स को विंडफॉल टैक्स भी कहते हैं। यह टैक्स उन कंपनियों पर लगाया जाता है जो किसी अप्रत्याशित स्थिति में अप्रत्याशित मुनाफा कमा रही होती है और इसके लिए कंपनी की अपनी उत्पादन क्षमता या काबिलियत जिम्मेदार नहीं होती।

उदाहरण के लिए बता दें कि यूक्रेन पर रूस के आक्रामण के कारण पूरी दुनिया में कच्चे तेल में अप्रत्याशित उछाल आया है जिससे कच्चे तेल का उत्पादन करने वाली कंपनियों को इतना मुनाफा हुआ है जितना की उनको उम्मीद भी नहीं थी। इस तरह के मुनाफे कमाने वाली कंपनियों में ONGC और Oil India जैसी कंपनियां भी हैं। इन कंपनियों को हुए इस अप्रत्याशित मुनाफे को देखते हुए भारत सरकार ने इन पर विंडफॉल टैक्स लगाने का फैसला किया है।

सरकार आसमान छूती महंगाई के बीच एनर्जी, फूड और फर्टिलाइजर सब्सिडी पर आने वाले बोझ को इस विंडफॉल टैक्स के जरिए कम कर सकती है।

इस विंडफॉल टैक्स के ऐलान के चलते आज ONGC और Oil India जैसी तेल उत्पादक कंपनियों के शेयरों की जोरदार पिटाई हुई है। बता दें कि हाल ही में तमाम ब्रोकरेज फर्मों ने ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल में आए भारी उछाल को देखते हुए ONGC और Oil India के रेटिंग और प्राइस टारगेट दोनों बढ़ा दिये था।

गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद रूस पर अमेरिका और तमाम यूरोपियन देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 2022 में 40 फीसदी भाग चुकी हैं। मार्च में ब्रेंट क्रूड ऑयल फ्यूचर 137 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट आई है और यह वर्तमान में 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास नजर आ रहा है।

अभी भी तमाम ब्रोकरेजेज की राय है कि ग्लोबल सप्लाई में कमी और मांग में मजबूती के चलते 18 महीने के दौरान क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहेंगी। ब्रोकरेज हाउसों का कहना है कि ONGC और Oil India का वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान एवरेज क्रूड ऑयल रियलाइजेशन मजबूत बढ़त के साथ 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल के बीच रह सकता है जो कि वित्त वर्ष 2021-22 में 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था।

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