क्या भारतीय शेयर बाजार में 2023 में जारी रहेगी घरेलू संस्थानों की खरीद? इन 4 प्वाइंट्स से समझें

Domestic Institutional Investors : कुछ महीनों की सुस्ती के बाद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने एक बार फिर से स्थानीय बाजारों में निवेश बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में पिछले छह महीने में सबसे ज्यादा खरीदारी दिसंबर में देखने को मिली। DII ने दिसंबर 2022 में 24,159 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो जून 2022 के बाद किसी महीने में सबसे ज्यादा निवेश था। 2022 में डीआईआई ने भारतीय शेयर बाजार में लगभग 2.76 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया। दिसंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स (equity mutual funds) 10,895 करोड़ रुपये लगाए, वहीं नवंबर नवंबर में एसआईपी (SIP) प्लान्स में निवेश 13,306 करोड़ रुपये के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।

क्या डीआईआई कर सकते हैं प्रॉफिट बुकिंग

एलआईसी म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट लि. के सीनियर इक्विटी फंड मैनेर अमित नाडेकर ने कहा, हमें लगता है कि जब तक भारत की ग्रोथ स्टोरी बनी रहेगी और आउटलुक में मजबूती रहेगी, खरीदारी जारी रहेगी। हम अगले कुछ महीनों में इनवेस्टर्स के ऊंचे रिडेम्प्शन, वैश्विक हालात में बदलाव, ग्रोथ आउटलुक में संशोधन जैसे फैक्टर्स के कारण डीआईआई प्रॉफिट बुकिंग पर विचार कर सकते हैं।

दिसंबर में क्यों बढ़ाया निवेश?

कुछ एनालिस्ट्स ने कहा कि डीआईआई ने हाल की गिरावट का फायदा उठाने के लिए भारतीय शेयरों में खरीदारी शुरू की थी। दिसंबर में, चीन में कोविड के प्रसार, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के ब्याज दरों में बढ़ोतरी और मंदी के संकट के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 3.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह ग्लोबल मार्केट्स में भारत की स्थिति को मजबूत बनाने का अच्छा अवसर हो सकता था।

जुलाई से घटाई खरीद

एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 की शुरुआत से, डीआईआई हर महीने में औसतन 35,000 करोड़ रुपये की खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, जुलाई में यह रफ्तार कम होना शुरू हो गई, जब से  डीआईआई औसतन हर महीने 5,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीद रहे हैं।

डेट मार्केट का रुख कर सकते हैं इनवेस्टर्स

नाडेकर ने कहा, हाल में डीआईआई के निवेश में सुस्ती की एक अहम वजह यह हो सकती है कि कई इनवेस्टर्स डेट मार्केट्स की यील्ड्स बढ़ने से इक्विटी से डेट की ओर निवेश बढ़ा रहे हैं। हालांकि, हमें लगता है कि यील्ड्स अपने उच्च स्तर पर पहुंच सकती हैं। इसलिए हमें लगता है कि 2023 में ऑटो, इंडस्ट्रियल और बैंकिंग सेक्टर्स में इक्विटी में पूंजी का प्रवाह बढ़ सकता है।

ग्लोबल मार्केट्स से तुलना करें तो घरेलू बाजारों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। एनालिस्ट्स ने अनुमान जताया कि 2023 में डीआईआई की खरीद जारी रहेगी।

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