West Bromwich Gurdwara Hate Crime Arrest : ब्रिटेन के West Bromwich में 22 दिसंबर 2025 को Guru Nanak Gurdwara Sahib के बाहर कच्चा मांस फेंकने की घटना सामने आई। इस मामले में पुलिस ने 42 वर्षीय Tomasz Bruch को गिरफ्तार कर आरोप तय किए हैं। कार्रवाई तब तेज हुई, जब वेस्ट ब्रॉमविच से Labour सांसद Sarah Coombes ने 8 जनवरी 2026 को संसद में यह मुद्दा उठाया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे अगली सुनवाई तक रिमांड पर भेज दिया गया।
घटना कैसे सामने आई
यह वारदात 22 दिसंबर 2025 को हुई, जब गुरुद्वारा साहिब के बाहर कच्चा मांस फेंका गया। गुरुद्वारा प्रबंधकों ने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस से की। घटना को सिख धर्म की मर्यादा के खिलाफ माना गया और इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया गया।

CCTV से हुई पहचान
जांच के दौरान पुलिस ने गुरुद्वारा साहिब के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी को गुरुद्वारे के गेट पर थैले से कच्चा मांस गिराते हुए देखा गया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में लिया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी का कोई स्थायी स्थानीय पता नहीं मिला।
हेट क्राइम के तहत आरोप
पुलिस के अनुसार 42 वर्षीय Tomasz Bruch पर जानबूझकर कच्चा मांस फेंकने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप तय किए गए हैं। पुलिस इस पूरे मामले को Hate Crime के तौर पर देख रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की सुनवाई तक रिमांड पर भेज दिया गया। अगली सुनवाई Wolverhampton Magistrates Court में होनी है।
संसद तक पहुंचा मामला
वेस्ट ब्रॉमविच से Labour सांसद Sarah Coombes ने ब्रिटिश संसद में इस घटना को उठाया। उन्होंने इसे “सिखों के खिलाफ नफरत से प्रेरित एक भयानक वारदात” बताया। सांसद ने कहा कि गुरुद्वारे में जानबूझकर मांस से भरा बैग फेंका गया, जो सिख धर्म की मान्यताओं के खिलाफ है। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
गिरफ्तारी के बाद सांसद की प्रतिक्रिया
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सांसद Sarah Coombes ने खुशी जाहिर की। उन्होंने अपने X (Twitter) हैंडल पर वीडियो साझा कर कहा कि किसी भी धर्म के खिलाफ इस तरह की घटनाएं पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आरोपी को उसके कृत्य की सजा जरूर मिलेगी।
धार्मिक संगठनों की सख्त मांग
ब्रिटेन में सक्रिय सिख और हिंदू संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। संगठनों ने पुलिस से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की हिम्मत न करे। पुलिस ने भी भरोसा दिलाया है कि नफरत आधारित अपराधों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आम लोगों पर असर
धार्मिक स्थलों पर इस तरह की घटनाएं समुदाय में डर और असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। इससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि समाज में आपसी भरोसा भी कमजोर पड़ता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आम लोगों के भरोसे को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है।
विश्लेषण (Analysis)
इस मामले में खास बात यह है कि पुलिस की कार्रवाई तभी तेज हुई, जब मामला संसद तक पहुंचा। इससे यह संकेत मिलता है कि धार्मिक नफरत से जुड़े अपराधों में राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव जांच की दिशा और गति को प्रभावित कर सकता है। सीसीटीवी सबूत और सांसद की सक्रियता ने इस केस को सिर्फ एक स्थानीय शिकायत नहीं रहने दिया, बल्कि इसे एक गंभीर हेट क्राइम के रूप में स्थापित किया।
जानें पूरा मामला
22 दिसंबर 2025 को वेस्ट ब्रॉमविच स्थित Guru Nanak Gurdwara Sahib के बाहर कच्चा मांस फेंका गया। गुरुद्वारा प्रबंधकों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। 8 जनवरी 2026 को सांसद Sarah Coombes द्वारा संसद में मुद्दा उठाए जाने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया।
मुख्य बातें (Key Points)
- 22 दिसंबर 2025 को वेस्ट ब्रॉमविच के गुरुद्वारे के बाहर कच्चा मांस फेंका गया।
- CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान हुई।
- 42 वर्षीय Tomasz Bruch को हेट क्राइम के तहत गिरफ्तार किया गया।
- सांसद Sarah Coombes के संसद में मुद्दा उठाने के बाद कार्रवाई तेज हुई।








