West Bengal Electoral Roll Update: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ी हलचल मच गई है। चुनाव आयोग ने 2026 के लिए ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल (मतदाता सूची) जारी कर दिया है, जिसमें से रिकॉर्ड 58 लाख से अधिक वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। यह एक बहुत बड़ा आंकड़ा है, जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के तहत कुल 58,20,898 नाम मतदाता सूची से काट दिए हैं। आयोग ने अपनी वेबसाइट पर उन नामों की सूची भी जारी कर दी है। इस कदम से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चिंताएं बढ़ गई हैं, जो शुरू से ही इस प्रक्रिया का विरोध कर रही थीं।
क्यों कटे 58 लाख वोटरों के नाम?
चुनाव आयोग ने नाम हटाने के पीछे कई ठोस कारण बताए हैं। सबसे बड़ा कारण मृत मतदाता हैं। आंकड़ों के अनुसार:
मृतक: 24,68,522 नाम ऐसे हैं जिनका निधन हो चुका है।
पलायन: 19,88,760 लोग ऐसे हैं जो अपनी जगह छोड़कर कहीं और चले गए हैं (Shifted)।
लापता: 12,01,238 लोग लापता पाए गए हैं।
डुप्लीकेट: 13,28,000 नाम ऐसे थे जिनके पास दो-दो वोटर आईडी (EPIC) थे।
अन्य: 57,604 लोग ऐसे थे जिनका सत्यापन नहीं हो पाया या फॉर्म नहीं मिले।
भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी हॉट सीटों पर असर
ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर और शुभेंदु अधिकारी के नंदीग्राम जैसी वीआईपी सीटों पर भी बड़ी संख्या में नाम कटे हैं।
भवानीपुर: 44,787 नाम हटाए गए।
नंदीग्राम: 10,599 नाम कटे।
चौरंगी: 74,553 नाम।
जोड़ासांको: 72,400 नाम।
कोलकाता पोर्ट: 63,730 नाम।
ममता बनर्जी की बढ़ी टेंशन
ममता बनर्जी लगातार एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करती रही हैं। उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर एक भी वोटर का नाम गलत तरीके से काटा गया, तो वह विरोध करेंगी। अब जब 58 लाख नाम कट चुके हैं, तो सियासी घमासान होना तय माना जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इसमें कई फेक वोटर्स थे, जबकि टीएमसी इसे अपने वोट बैंक पर हमला मान सकती है।
अगर आपका नाम कट गया है तो क्या करें?
घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आपको लगता है कि आपका नाम गलती से कट गया है, तो चुनाव आयोग ने आपको एक मौका दिया है।
समय सीमा: 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक।
कैसे करें: आप ऑनलाइन (ECI वेबसाइट/पोर्टल) और ऑफलाइन (BLO, ERO या तहसील ऑफिस) दोनों तरीकों से आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
फॉर्म 6: नया नाम जोड़ने या नाम में सुधार के लिए।
फॉर्म 7: अगर किसी का नाम गलत तरीके से मृत या डुप्लीकेट बताकर हटाया गया है, तो उसके खिलाफ आपत्ति के लिए।
फॉर्म 8: पता या अन्य डिटेल्स अपडेट करने के लिए।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
बड़ी कटौती: बंगाल वोटर लिस्ट से 58 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए।
मुख्य कारण: मौत, पलायन, लापता होना और डुप्लीकेट वोटर आईडी।
हॉट सीट्स: भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी सीटों पर भी हजारों नाम कटे।
मौका: छूटे हुए लोग 15 जनवरी तक दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं।
फॉर्म: नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 और आपत्ति के लिए फॉर्म-7 भरना होगा।








