चंडीगढ़: हरियाणा के नूंह की घटना पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बयान पर दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने खेद जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस बल की संख्या पर्याप्त नहीं है और हर व्यक्ति को सुरक्षा नहीं दी जा सकती’ बेहद ग़ैर-जिमम्मेदाराना है।
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यदि सीएम साहब इस जिम्मेदारी को निभाने में असमर्थ है तो इस्तीफा दें और हमें कमान सौंपें। हम दिखायेंगे कि हर व्यक्ति को सुरक्षा कैसे दी जाती है। हुड्डा सरकार के 10 साल के कार्यकाल में हरियाणा में कभी कोई दंगा नहीं हुआ और कभी कानून व्यवस्था की व्यापक विफलता का कोई ऐसा उदाहारण देखने को नहीं मिला।
‘सीएम के बयान से जनता का मनोबल टूटा है’
राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि साहब के इस बयान से न केवल आम जनता का मनोबल टूटेगा अपितु अपराधियों के हौसले भी बढ़ेंगे। प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करना सरकार का पहला काम है। आपको बता दें कि हरियाणा के नूंह में सोमवार को हुई हिंसा के बाद इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में अबतक 114 लोगों की गिरफ्तारी की है।वहीं 41 अलग अलग एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। इस पूरे मामले पर एक एफआईआर में इंस्पेक्टर पंकज कुमार के बयान दर्ज हैं जिसमें बड़े खुलासे हुए हैं।
एफआईआर में हुआ खुलासा
इंस्पेक्टर पंकज कुमार ने अपने बयान में कहा है कि ‘हमने तावडू में 600 से 700 उपद्रवियों को देखा जो भीड़ में शामिल होकर अल्लाहू अकबरऔर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। भीड़ ने कुछ ही देर में पुलिसकर्मियों पर पथराव करना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने फायरिंग भी की। इस दौरान इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने भीड़ को समझाने की कोशिश की कि कानून हाथ में न लें लेकिन स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई।’एक गोली इंस्पेक्टर अनिल कुमार के पेट में लगी और वह घायल हो गए। इंस्पेक्टर के बयान के अनुसार, ‘भीड़ पुलिसकर्मियों को जान से मारने पर उतारू थी।’ उन्होंने कहा कि इसे सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया।








