Voter List SIR 2.0 : बिहार में 68 लाख नाम कटने के बाद, चुनाव आयोग आज (4 नवंबर) से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2.0) शुरू कर रहा है। इस प्रक्रिया के खिलाफ तमिलनाडु की DMK ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
4 दिसंबर तक घर-घर जाएंगे BLO
इस अभियान में 51 करोड़ वोटर शामिल होंगे, जिनमें तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी जैसे राज्य भी हैं, जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। SIR 2.0 के तहत, आज से 4 दिसंबर तक एन्यूमरेशन (गिनती) का काम होगा। 9 दिसंबर को ड्राफ्ट लिस्ट जारी होगी और 7 फरवरी, 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।
उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। बूथ-लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर वोटर्स की डिटेल्स वेरिफाई कर रहे हैं। यह अभियान ‘शुद्ध निर्वाचक नामावली- मजबूत लोकतंत्र’ थीम के तहत चलाया जा रहा है।

अभी डॉक्यूमेंट्स देना जरूरी नहीं
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि वोटरों को गिनती (एन्यूमरेशन) के स्टेज पर कोई डॉक्यूमेंट्स जमा नहीं करने हैं। यह सिर्फ उन लोगों के लिए जरूरी होगा, जिनके नाम 9 दिसंबर को ड्राफ्ट लिस्ट पब्लिश होने के बाद भी पिछले SIR (2002-04) से लिंक नहीं हो पाएंगे।
ऐसे लोगों को ERO द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद, अपनी योग्यता साबित करने के लिए 13 दस्तावेजों (जैसे पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, SC/ST सर्टिफिकेट, बिहार SIR लिस्ट आदि) में से कोई एक दिखाना होगा।
DMK ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
SIR 2.0 शुरू होने से ठीक पहले, तमिलनाडु की सत्तारूढ़ DMK ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग अगले साल (2026) होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ‘असली वोटर्स’ को लिस्ट से हटाने की कोशिश कर रहा है।
असम को क्यों रखा गया बाहर?
असम, जहां 2026 में चुनाव होने हैं, उसे इस SIR 2.0 से बाहर रखा गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि असम में नागरिकता जांचने की प्रक्रिया (NRC) सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में चल रही है, इसलिए वहां के लिए SIR का आदेश अलग से जारी किया जाएगा।
क्या है SIR का मकसद?
यह आजादी के बाद से नौवां ऐसा अभियान है, आखिरी बार यह 2002-04 में हुआ था। SIR का मुख्य मकसद वोटर लिस्ट को अपडेट करना और जन्म स्थान की जांच करके अवैध विदेशी प्रवासियों को वोटर लिस्ट से बाहर निकालना है। यह पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में एक बड़ा मुद्दा रहा है, जहां TMC इसका विरोध कर रही है।
मुख्य बातें (Key Points):
- चुनाव आयोग ने 12 राज्यों/UTs में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2.0) शुरू किया।
- 4 दिसंबर तक BLO घर-घर जाकर 51 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन करेंगे; 7 फरवरी 2026 को फाइनल लिस्ट आएगी।
- तमिलनाडु की DMK ने इस प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, इसे ‘असली वोटर्स’ को हटाने की कोशिश बताया है।
- असम को NRC प्रक्रिया के चलते फिलहाल SIR 2.0 से बाहर रखा गया है।








