नशे के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण: अमृतसर के मुच्छल में खरीदने वालों को..

The News Air- अमृतसरपंजाब के अमृतसर के गांव मुच्छल में लोगों ने मता डाल नशा तस्करों व खरीदने वालों का बायकॉट करने की घोषणा कर दी है। इतना ही नहीं, गांव वालों ने एकजुट होकर नाके लगा दिए हैं। अगर कोई गांव में नशा खरीदने या बेचने आता है तो उसे पकड़ कर पीटा जा रहा है। इसी के तहत रविवार को गांव वालों ने 2 व्यक्तियों को नशा खरीदते हुए पकड़ा और फिर पीटा।

मते की कॉपी दिखाते हुए बलबीर सिंह मुच्छल।

मते की कॉपी दिखाते हुए बलबीर सिंह मुच्छल।

गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में गांव मुच्छल में नशीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। बीते साल जुलाई में पांच लोग जहरीली शराब पीने से मर गए थे। सरकार ने थाना तरसिक्का के DSP व SHO को सस्पेंड किया गया था, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जिसके बाद अब गांव वालों ने इकट्‌ठे होकर मता डाला है और नशा तस्करों व खरीदने वाले, दोनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसके साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई बायकॉट ​​​​​किए गए परिवारों के सुख-दुख में साथ चलेगा, उसका भी बायकॉट कर दिया जाएगा।

साथ चलने वालों का भी बहिष्कार

गांव के बलबीर सिंह मुच्छल ने कहा कि नशा बेचने व खरीदने वालों के साथ-साथ गांव वाले उस व्यक्ति का भी बायकॉट करेंगे जो इनका सहयोग करेगा या साथ चलेगा। अगर किसी को पुलिस के हवाले किए जाता है और अगर कोई व्यक्ति उन्हें छुड़ाने जाता है तो उसका भी बायकॉट कर दिया जाएगा।

200 रुपए में मिल रही 10 गोलियां

बलबीर सिंह मुच्छल का कहना है कि गांव में निकोल मिक्स शराब, चिट्‌टा और नशीली गोलियां सरेआम बिकती हैं। नशीली गोलियों का पत्ता 200 रुपए में मिल जाता है। यही कारण है कि दूसरे गांवों के लोग भी नशा लेने मुच्छल में आते हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन को सियासत के दबाव में कुछ नहीं दिखता।

अब सरकार बदली, अब हो कार्रवाई

बलबीर मुच्छल का कहना है कि अब अगर सरकार बदल चुकी है तो राजनीतिक दबाव का सवाल नहीं उठता। अब पुलिस को नशे के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। हर तस्कर को पकड़ना चाहिए, जो नशा बेच युवाओं को तबाह कर रहा है।

Leave a Comment