West Bengal Budget 2025: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य (Chandrima Bhattacharya) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.89 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी घोषणा महंगाई भत्ते (DA) में 4 प्रतिशत की वृद्धि रही। सरकार की इस घोषणा से राज्य कर्मचारियों का कुल डीए बढ़कर 18 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी।
सरकारी कर्मचारियों को राहत
महंगाई के लगातार बढ़ते प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से डीए बढ़ाने की मांग चल रही थी, जिसे सरकार ने आखिरकार मंजूरी दे दी। वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, “हम अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह डीए वृद्धि उनकी वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास को मिला बूस्ट
इस बजट में सिर्फ कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य के बुनियादी ढांचे और ग्रामीण विकास के लिए भी बड़े ऐलान किए गए हैं। सरकार ने राज्य में सड़क निर्माण, नदी कटाव रोकने और गंगासागर (Gangasagar) में पुल निर्माण के लिए भारी बजट आवंटित किया है।
ग्रामीण सड़कों के विकास के लिए – 1,500 करोड़ रुपये का बजट
नदी कटाव नियंत्रण के लिए – 200 करोड़ रुपये
गंगासागर पुल (Ganga River Bridge) के लिए – 500 करोड़ रुपये
‘बांग्लार बारी’ (Banglar Bari) योजना के तहत 16 लाख नए घर – 9,600 करोड़ रुपये
कर्मचारियों के लिए बोनस और अतिरिक्त लाभ
इस बजट में राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बोनस देने की भी घोषणा की है, जिससे हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार के कर्मचारियों को 4% अतिरिक्त डीए मिलेगा।
2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सरकार कर्मचारियों के वेतन और अन्य भत्तों पर भी विचार कर सकती है।
पेंशनर्स को भी इस बजट में राहत दी गई है।
फेडरल नीतियों से राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल सरकार के ये फैसले कर्मचारियों के हित में हैं, लेकिन केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रभाव पड़ सकता है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने 2025-26 के बजट में सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास योजनाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा। अगले विधानसभा चुनाव से पहले यह बजट ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है।