Venezuela Crisis News : संयुक्त राष्ट्र में वेनेजुएला को लेकर बड़ा टकराव सामने आया है। अमेरिका की कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro को अमेरिका में हिरासत में रखे जाने का मामला यूएन में गूंज उठा। सुनवाई के दौरान मादुरो ने खुद को आज भी राष्ट्रपति बताया, वहीं रूस और चीन ने इस कदम पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। पूरा घटनाक्रम United Nations Security Council की बैठक में केंद्र में रहा।

यूएन में क्या कहा अमेरिका ने
अमेरिका की ओर से यूएन में प्रतिनिधि Mike Waltz ने कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ यह कोई युद्ध या सैन्य अभियान नहीं है। उनके मुताबिक मादुरो के खिलाफ कार्रवाई लंबे समय से चले आ रहे आपराधिक मामलों से जुड़ी एक कानूनी प्रक्रिया है, न कि किसी देश या जनता के खिलाफ हमला।
मादुरो का दावा
हिरासत के दौरान हुई पहली सुनवाई में मादुरो ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह आज भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति हैं। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर बहस और तेज हो गई।

यूएन महासचिव की चिंता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने इस घटनाक्रम को खतरनाक मिसाल बताया। उनके प्रवक्ता Stéphane Dujarric ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई के क्षेत्रीय स्तर पर गंभीर और चिंताजनक प्रभाव हो सकते हैं।
रूस का तीखा आरोप
रूस के राजदूत Vasily Nebenzya ने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए राष्ट्रपति का अपहरण किया है। रूस ने मादुरो और उनकी पत्नी की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए इसे संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ गलत कदम बताया।
चीन की कड़ी प्रतिक्रिया
चीन ने भी संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के कदम पर नाराजगी जताई। चीन के उपराजदूत ने कहा कि यह दबंगई भरा व्यवहार है और मादुरो तथा उनकी पत्नी की सुरक्षा सुनिश्चित कर तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय असर
यूएन में मचे इस बवाल ने अमेरिका, रूस और चीन को आमने-सामने ला दिया है। मादुरो की हिरासत को लेकर वैश्विक स्तर पर सवाल उठ रहे हैं और आने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
जानें पूरा मामला
अमेरिका की कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को अमेरिका में हिरासत में रखा गया है। यूएन में अमेरिका ने इसे कानूनी कार्रवाई बताया, जबकि रूस और चीन ने इसे अपहरण करार देकर कड़ा विरोध किया है।

मुख्य बातें (Key Points)
- मादुरो की हिरासत पर यूएन सुरक्षा परिषद में तीखी बहस
- अमेरिका ने कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया बताया
- रूस ने अपहरण का आरोप लगाकर तत्काल रिहाई मांगी
- चीन ने कदम को दबंगई बताया और सुरक्षा की मांग की








