US Travel Advisory : अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक सख्त ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है। Donald Trump प्रशासन ने अमेरिकी नागरिकों को दुनिया के 21 देशों की यात्रा न करने की सलाह दी है। यह चेतावनी उन देशों के लिए जारी की गई है जहां सुरक्षा हालात बेहद खराब बताए गए हैं। खास बात यह है कि इस सूची में भारत और पाकिस्तान शामिल नहीं हैं।

किन देशों के लिए जारी हुई चेतावनी
अमेरिकी सरकार की ओर से जारी ट्रैवल एडवाइज़री में रूस, यूक्रेन, लीबिया और बुर्कीनाफासो जैसे देश शामिल हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान, ईरान, इराक, उत्तर कोरिया, सीरिया और यमन जैसे देशों को भी ‘लेवल-4’ यानी Do Not Travel की श्रेणी में रखा गया है।
लेवल-4 का क्या मतलब है
United States Department of State ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिका ट्रैवल एडवाइज़री को लेवल-1 से लेवल-4 तक बांटता है। लेवल-4 का मतलब है कि हालात बेहद खतरनाक हैं और अमेरिकी नागरिकों को किसी भी कारण से वहां यात्रा नहीं करनी चाहिए। विभाग के मुताबिक, यह रेटिंग स्थानीय परिस्थितियों और वहां फंसे अमेरिकियों की मदद करने की सीमित क्षमता को देखते हुए दी जाती है।
21 देशों की पूरी सूची
अमेरिका ने जिन 21 देशों के लिए ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है, उनमें अफगानिस्तान, बेलारूस, बुर्कीनाफासो, बर्मा, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, हैती, ईरान, इराक, लेबनान, लीबिया, माली, नाइजर, उत्तर कोरिया, रूस, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सीरिया, यूक्रेन, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं।

रूस से बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि
इस ट्रैवल एडवाइज़री के पीछे अंतरराष्ट्रीय तनाव भी एक बड़ी वजह बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की सेना ने अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले एक तेल टैंकर को जब्त किया था। इसके बाद रूस और अमेरिका के बीच तनाव और गहरा गया। रूस ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती करार दिया।
परमाणु धमकी से बढ़ी चिंता
हालात उस वक्त और गंभीर हो गए जब Vladimir Putin की पार्टी से जुड़े एक सांसद और रक्षा मामलों की स्टेट कमेटी के उपाध्यक्ष ने अमेरिका को परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की धमकी दे डाली। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिकी प्रशासन ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर यह सख्त कदम उठाया।
आम नागरिकों पर असर
इस एडवाइज़री का सीधा असर उन अमेरिकी नागरिकों पर पड़ेगा जो इन देशों में काम, पढ़ाई या अन्य कारणों से जाने की योजना बना रहे थे। अब उन्हें अपनी यात्रा योजनाएं टालनी या रद्द करनी पड़ सकती हैं।
विश्लेषण (Analysis)
अमेरिका की यह ट्रैवल एडवाइज़री सिर्फ सुरक्षा चेतावनी नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन का संकेत भी है। रूस के साथ बढ़ता तनाव, परमाणु धमकियां और अस्थिर देशों में बिगड़ते हालात—इन सभी ने वॉशिंगटन को यह संदेश देने पर मजबूर किया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। भारत और पाकिस्तान का सूची से बाहर रहना यह भी दिखाता है कि अमेरिका दक्षिण एशिया में फिलहाल स्थिति को उतना खतरनाक नहीं मान रहा।

जानें पूरा मामला
अमेरिकी प्रशासन ने साफ कहा है कि जिन देशों को लेवल-4 में रखा गया है, वे बेहद खतरनाक हैं और वहां किसी भी कारण से यात्रा नहीं की जानी चाहिए। आने वाले समय में हालात के आधार पर इस सूची में बदलाव भी संभव है।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमेरिका ने 21 देशों के लिए ‘Do Not Travel’ चेतावनी जारी की।
- रूस, यूक्रेन, ईरान, लीबिया जैसे देश सूची में शामिल।
- भारत और पाकिस्तान इस ट्रैवल एडवाइज़री में शामिल नहीं।
- रूस-अमेरिका तनाव और परमाणु धमकी बनी बड़ी वजह।








