US Seizes Russian Oil Tanker : उत्तरी अटलांटिक महासागर में United States और Russia के बीच जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हफ्तों तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद अमेरिका ने रूस के झंडे वाले तेल टैंकर Marinera को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई खुले समुद्र में अमेरिकी तटरक्षक बल द्वारा की गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्रवाई के वक्त आसपास कोई रूसी युद्धपोत मौजूद नहीं था। दूसरी ओर रूसी सरकारी मीडिया ने इस कदम को सीधी “समुद्री डकैती” बताते हुए आरोप लगाया है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों की खुलेआम अनदेखी कर रहा है।

दो हफ्तों से निगरानी में था तेल टैंकर
जानकारी के अनुसार अमेरिकी नौसेना पिछले दो हफ्तों से इस टैंकर पर लगातार नजर बनाए हुए थी। यह तथ्य तब सामने आया जब मॉस्को ने टैंकर की सुरक्षा के लिए अपने नौसैनिक बल तैनात करने की कोशिश की। इसके बावजूद अमेरिकी बलों ने टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया।
नाम बदला गया, पहले ही लग चुका था प्रतिबंध
जिस टैंकर को जब्त किया गया है, उसका असली नाम Beravan बताया जा रहा है। साल 2024 में अमेरिका ने इस जहाज पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद इसका नाम बदलकर Marinera कर दिया गया। यह टैंकर ईरान से कच्चा तेल लेकर Venezuela की ओर जा रहा था, लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी के चलते इसे रास्ता बदलना पड़ा।
डार्क मोड और शैडो फ्लीट का खेल
अमेरिका ने वेनेजुएला के समुद्री इलाकों में सख्त निगरानी और प्रतिबंध लागू कर रखे हैं। इनसे बचने के लिए कई तेल टैंकर ‘डार्क मोड’ में चले जाते हैं, यानी अपनी लोकेशन छिपा लेते हैं। इसी वजह से ऐसे जहाजों को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है। अमेरिका ने इन्हीं तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ रखा है।

पहले भी हो चुकी थी रोकने की कोशिश
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी सेना ने इस टैंकर को रोकने की कोशिश की हो। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिसंबर 2025 में वेनेजुएला के पास चालक दल ने अमेरिकी सैनिकों को जहाज पर चढ़ने से रोक दिया था। इसके बाद से यह टैंकर लगातार अमेरिकी रडार पर बना हुआ था।
Trump की नीति और वैश्विक चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पहले ही साफ कर चुके हैं कि वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका का वर्चस्व होना चाहिए। उनके इस रुख को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता गहराती जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यह नीति किसी बड़े वैश्विक संघर्ष की वजह बन सकती है।
चीन और रूस की प्रतिक्रिया
अमेरिका की इस कार्रवाई का सीधा असर रूस और ईरान पर पड़ा है, जबकि China ने भी इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। रूस ने टैंकरों की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत और पनडुब्बियां रवाना कर दी हैं। वहीं चीन ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ी तो वह भी अपने नौसैनिक बलों का इस्तेमाल कर सकता है। इससे अटलांटिक महासागर में तीन महाशक्तियों के आमने-सामने आने की आशंका बढ़ गई है।
वेनेजुएला का तेल बना वैश्विक बारूद
वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक का मालिक है। अमेरिका चाहता है कि इस तेल के उत्पादन और बिक्री पर उसका नियंत्रण हो। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला के नेतृत्व के सामने शर्तें रखी हैं कि चीन, रूस और ईरान से व्यापारिक समझौते खत्म किए जाएं और तेल कारोबार में अमेरिका को प्राथमिकता दी जाए।
विश्लेषण: समुद्र से शुरू हो सकता है बड़ा संघर्ष
तेल टैंकर की जब्ती सिर्फ एक समुद्री कार्रवाई नहीं, बल्कि यह आने वाले समय में बड़े वैश्विक टकराव का संकेत है। ऊर्जा संसाधन अब सिर्फ व्यापार का विषय नहीं रह गए हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति का हथियार बन चुके हैं। अगर यह तनाव और बढ़ा, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमेरिका ने रूसी झंडे वाले तेल टैंकर Marinera को जब्त किया
- रूस ने कार्रवाई को “समुद्री डकैती” बताया
- टैंकर पहले से अमेरिकी प्रतिबंधों में था
- चीन और रूस ने कड़ा विरोध जताया
- अटलांटिक में महाशक्तियों के टकराव का खतरा








