UPSC 2025 Hindi Medium Students Challenges : नई दिल्ली। UPSC Civil Services 2025 का रिजल्ट आ गया है। मुखर्जी नगर की गलियों में जहां एक तरफ सेलिब्रेशन है, वहीं दूसरी तरफ सन्नाटा भी है। यह सन्नाटा है उन Hindi Medium aspirants का जो सालों की मेहनत के बाद भी Selection से दूर हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश के किसान परिवार से आए अंकुश पटीदार ने 4th Attempt में Rank 780 हासिल कर यह साबित किया कि चुनौतियां बड़ी हों तो हौसला और बड़ा होना चाहिए।
‘5 साल की मेहनत, 4 Attempts, Rank 780’
अंकुश पटीदार के माता-पिता किसान हैं और पूरा परिवार खेती करता है। BSc Computer Science करने के बाद भी उन्होंने IT Career की जगह UPSC को चुना क्योंकि वे Women Empowerment के क्षेत्र में काम करना चाहते थे। 5 साल की तैयारी में उन्होंने CSAT में दो बार असफलता का सामना किया, जिसके बाद Delhi आए। दिल्ली आने के बाद प्रीलिम्स निकली और 2024 में Interview भी दिया। लेकिन रुके नहीं। पिछली बार इसी कमरे में रोए थे और आज इसी कमरे में खुशी मना रहे हैं।
‘900 में से सिर्फ 35: Hindi Medium की असली तस्वीर’
अंकुश बताते हैं कि Prelims में Hindi Medium के aspirants की संख्या बहुत ज्यादा होती है, लेकिन Final Selection में इनका प्रतिशत 5% से भी कम है। करीब 900-950 Hindi Medium students में से सिर्फ 30-35 ही Select हो पाते हैं। इसके तीन बड़े कारण हैं। पहला CSAT जो Hindi Medium के ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले बच्चों के लिए सबसे बड़ी बाधा है क्योंकि बुनियादी गणित और तर्कशक्ति में कमज़ोरी रह जाती है। दूसरा Hindi में Quality Study Material की कमी जहां The Hindu और Indian Express जैसे अखबार इस स्तर पर Hindi में उपलब्ध नहीं हैं। तीसरा Guidance की कमी जो गांव से आने वाले बच्चों के लिए सबसे बड़ी समस्या है।
‘ChatGPT और Telegram बने बड़े हथियार’
अंकुश ने Self Study से तैयारी की। 4 साल तक WhatsApp बंद रखा, Telegram से Lectures और PDFs लिए। Interview की तैयारी के दौरान The Hindu पढ़ने और उसे Hindi में Translate करने में रोज 4 घंटे लग जाते थे। इस समस्या को ChatGPT ने हल किया जो Translation के साथ-साथ Analysis भी देता था। Optional Subject में BSc Math Background होने के बावजूद History चुना क्योंकि GS पढ़ते वक्त उसमें रुचि जागी और यह Hindi Medium के लिए Scoring भी है। दिल्ली में मासिक खर्च मात्र ₹7,000-8,000 था।
‘Corporate ने भी ठुकराया: Hindi Medium के पास Government Job के सिवा Option नहीं’
एक अन्य Aspirant ने बताया कि 4 Attempts के बाद जब उन्होंने Corporate Sector में Public Policy और Political Consultancy में करियर बनाने की कोशिश की तो वहां भी English Speaking और Personality के आधार पर Reject कर दिया गया। उन्होंने कहा कि Hindi Medium के बच्चों की Personality उनके School-College के दिनों से ही Develop नहीं होती। DU जैसे अच्छे Colleges के बच्चों में जो Confidence होता है वह उनमें नहीं होता। नतीजतन Government Exam के अलावा कोई Option नहीं बचता।
‘Ankush की सरकार से अपील: Translation सुधारो, Material दो’
अंकुश का सरकार से सीधा सवाल है कि UPSC को CSAT के Hindi Translation को और बेहतर बनाना चाहिए ताकि बच्चे Questions समझ सकें। इसके साथ Answer Writing के लिए Hindi में Keywords और Synopsis का Material उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि Hindi Medium के बच्चों में Potential बहुत है, बस सही Direction और Curated Material मिले तो वे किसी से कम नहीं।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Ankush Patidar, किसान परिवार, MP से; 4th Attempt में UPSC Rank 780; Optional: History।
- 900-950 Hindi Medium Aspirants में से सिर्फ 30-35 Select, यानी 5% से भी कम।
- CSAT, Hindi Material की कमी और Guidance का अभाव तीन सबसे बड़ी बाधाएं।
- ChatGPT से The Hindu का Translation, Telegram से Free Lectures; Monthly खर्च सिर्फ ₹7,000-8,000।
- Hindi Medium के बच्चे Corporate में भी Reject; Government Job के अलावा कोई Option नहीं।








