Sonia Gandhi Controversy : भारतीय राजनीति में एक और बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस (Congress) की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) को लेकर दिए गए बयान ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति अपने अभिभाषण के दौरान “थकी हुई” लग रही थीं और उन्हें “Poor Lady” कहकर संबोधित किया था।
इस बयान के बाद भाजपा (BJP) हमलावर हो गई और पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सीधे सोनिया गांधी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। यहां तक कि राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) ने भी इस टिप्पणी को असम्मानजनक बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।
1. सोनिया गांधी के बयान पर राष्ट्रपति भवन की नाराजगी
राष्ट्रपति भवन ने सोनिया गांधी के इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि “ऐसे बयान से बचा जा सकता था, इससे राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंची है।” आमतौर पर राष्ट्रपति भवन राजनीतिक मुद्दों पर बयान नहीं देता, लेकिन इस बार सोनिया गांधी की टिप्पणी को लेकर सीधा पलटवार किया गया, जिससे इस विवाद ने और तूल पकड़ लिया।
2. पीएम मोदी का सोनिया गांधी पर पलटवार
दिल्ली (Delhi) के द्वारका (Dwarka) में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा (Odisha) के जंगलों से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंची हैं। वह हिंदी नहीं, बल्कि उड़िया (Odia) भाषी हैं, फिर भी उन्होंने हिंदी में शानदार भाषण दिया। लेकिन कांग्रेस को आदिवासी बेटी का यह सम्मान पसंद नहीं आया।”
पीएम मोदी ने आगे कहा,
“इन्हें राष्ट्रपति का भाषण बोरिंग लगता है? यह आदिवासी समाज का अपमान है। कांग्रेस गरीब, दलित, आदिवासी और ओबीसी समाज से आने वाले लोगों को हमेशा अपमानित करती आई है। यही कांग्रेस की मानसिकता रही है।”
3. कांग्रेस बैकफुट पर, भाजपा ने मांगी माफी
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी से इस बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने कहा:
“राष्ट्रपति पूरे देश का प्रतिनिधित्व करती हैं। कांग्रेस की यह मानसिकता आदिवासी समाज को हाशिए पर रखने की उनकी सोच को दर्शाती है। सोनिया गांधी को तुरंत माफी मांगनी चाहिए।”
वहीं, कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।
4. आदिवासी समाज में नाराजगी, BJP इसे बना सकती है बड़ा चुनावी मुद्दा
यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी बनता जा रहा है। भाजपा इसे आदिवासी (Tribal) समाज के सम्मान से जोड़ रही है, जिससे लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Elections 2024) में कांग्रेस को भारी नुकसान हो सकता है।
झारखंड (Jharkhand), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), ओडिशा (Odisha) और राजस्थान (Rajasthan) जैसे राज्यों में आदिवासी वोटर्स की संख्या काफी ज्यादा है। ऐसे में भाजपा इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठा सकती है और कांग्रेस के लिए यह बैकफुट पर जाने वाली स्थिति बन सकती है।
5. राष्ट्रपति मुर्मू ने भी दिया जवाब
इस पूरे विवाद के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी एक बयान दिया। उन्होंने कहा:
“मुझे गर्व है कि मैं इस देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हूं। मेरे संघर्षों और मेरी मेहनत को कोई भी छोटा नहीं कर सकता।”
राष्ट्रपति भवन की यह प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि यह मामला कितना गंभीर बन चुका है।
क्या सोनिया गांधी का बयान कांग्रेस के लिए नुकसानदायक होगा?
सोनिया गांधी के इस बयान से कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है। भाजपा इसे चुनावी मुद्दा बना सकती है और आदिवासी समाज के बीच इसे भुनाने की पूरी कोशिश करेगी।
अगर कांग्रेस ने जल्द इस पर सफाई नहीं दी, तो इसका असर आने वाले लोकसभा चुनावों में देखने को मिल सकता है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस विवाद से खुद को कैसे बचाती है या यह मुद्दा पार्टी के लिए और मुश्किलें खड़ी करेगा।








