ED Raid को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। गुरुवार 8 जनवरी की सुबह कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी प्रबंधन का काम कर रही I-PAC कंपनी के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की, जिसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं।
कोलकाता के साल्ट लेक सेक्टर-5 स्थित I-PAC के कार्यालय में जब ED की टीम पहुंची, उसी दौरान मुख्यमंत्री Mamata Banerjee भी वहां पहुंच गईं। उनके साथ पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा भी मौजूद रहे। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है।

क्यों हुई I-PAC दफ्तर पर ED की रेड
ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय की टीम दिल्ली से कोलकाता पहुंची थी। यह छापेमारी कोयला घोटाले से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। ED ने I-PAC के कोलकाता कार्यालय के साथ-साथ कंपनी के मालिक Prateek Jain के दफ्तर और आवास पर भी कार्रवाई की।
ममता बनर्जी का ED पर सीधा हमला
ED की कार्रवाई के बीच ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए इसे दुर्भाग्यजनक बताया। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर छापेमारी हो रही है, वहां पार्टी के गोपनीय दस्तावेज, रणनीति और उम्मीदवारों की सूची रखी जाती है।
ममता बनर्जी ने कहा कि वह पार्टी के महत्वपूर्ण दस्तावेज और हार्ड डिस्क अपने साथ ले जा रही हैं, ताकि किसी तरह का दुरुपयोग न हो सके।

अमित शाह को लेकर तीखा सवाल
मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि क्या गृह मंत्री Amit Shah कभी ED से बीजेपी के पार्टी कार्यालय पर छापेमारी करवाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विपक्षी दलों की रणनीति को हाईजैक करने की कोशिश की जा रही है।
वोटर लिस्ट और सियासी साजिश का आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि एक तरफ SIR के जरिए वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं और करीब 1.5 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसी छापेमारी कर पार्टी की योजनाओं को कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
उनका कहना है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
I-PAC ऑफिस की सुरक्षा बढ़ी
ED रेड के बाद I-PAC कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक, दफ्तर में CRPF जवानों की तैनाती की गई है और पूरे इलाके में सख्त निगरानी रखी जा रही है।

बीजेपी का पलटवार
इस पूरे मामले पर बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी नेता Suvendu Adhikari ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी जांच में बाधा डाल रही हैं और ED को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
जांच का दायरा और अन्य एंगल
ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार, ED देशभर में करीब 15 जगहों पर एक साथ छापेमारी कर रही है। यह कार्रवाई फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले और एक पुराने कोयला तस्करी मामले से जुड़े लिंक की जांच के तहत की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि I-PAC का दिल्ली में हुए एक फाइनेंशियल फ्रॉड केस से कोई संबंध है या नहीं।

राजनीति में बढ़ता टकराव
ED की इस कार्रवाई और ममता बनर्जी के तीखे बयान के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी टकराव और तेज हो गया है। एक तरफ केंद्रीय एजेंसी की जांच है, तो दूसरी तरफ राज्य सरकार इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है।
जानें पूरा मामला
कोलकाता में I-PAC दफ्तर पर ED की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मौके पर पहुंचना, फाइलें और हार्ड डिस्क लेकर बाहर निकलना और केंद्र सरकार पर सीधे सवाल उठाना—इन सबने इस कार्रवाई को महज जांच से आगे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदल दिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- कोलकाता में I-PAC दफ्तर पर ED की छापेमारी
- ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं, फाइल और हार्ड डिस्क साथ ले गईं
- कोयला घोटाले से जुड़े मामले में कार्रवाई
- बीजेपी और TMC के बीच सियासी टकराव तेज








