US Venezuela Conflict : अमेरिका में वेनेजुएला पर सैन्य हमले के बाद राजनीतिक माहौल तेजी से गरमाता दिख रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले ने न सिर्फ दुनिया में हलचल मचाई है, बल्कि अमेरिका के भीतर भी उन्हें घेरना शुरू कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला पर कराई गई सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका के अंदर ही विरोध की आवाजें तेज हो गई हैं। ताजा सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि देश का बड़ा तबका इस हमले को लेकर असमंजस और चिंता में है। खास बात यह है कि यह विरोध ऐसे समय सामने आया है, जब ट्रंप खुद अपनी लोकप्रियता को लेकर दावे कर रहे हैं।
अमेरिका के भीतर ही उठे सवाल
एक सर्वे के मुताबिक, हर तीन में से केवल एक अमेरिकी नागरिक वेनेजुएला पर अमेरिकी मिलिट्री हमले का समर्थन करता है। वहीं, करीब 72 प्रतिशत लोगों को डर है कि अमेरिका दक्षिण अमेरिकी देश में जरूरत से ज्यादा उलझता जा रहा है। यह आंकड़े बताते हैं कि आम अमेरिकी इस सैन्य कार्रवाई को लेकर सहज नहीं हैं।
सर्वे में क्या सामने आया
राइटर्स-इप्सोस पोल में यह भी सामने आया कि ट्रंप के आदेश पर की गई इस सैन्य कार्रवाई को 65 प्रतिशत रिपब्लिकन समर्थकों का साथ मिला, जबकि डेमोक्रेट्स में यह समर्थन महज 11 प्रतिशत रहा। निर्दलीय मतदाताओं में भी केवल 23 प्रतिशत ने इस कदम को सही ठहराया। यह साफ संकेत है कि अमेरिका के भीतर राजनीतिक खाई और गहरी हो रही है।
रिपब्लिकन खेमे में भी बंटी राय
सर्वे में यह भी सामने आया कि करीब 43 प्रतिशत रिपब्लिकन मानते हैं कि अमेरिका को पश्चिमी गोलार्ध के मामलों में दबदबा बनाए रखना चाहिए। वहीं 19 प्रतिशत इससे सहमत नहीं हैं और बाकी लोग कोई स्पष्ट राय नहीं बना पाए। यह स्थिति दिखाती है कि ट्रंप की विदेश नीति पर उनके अपने समर्थकों में भी एकराय नहीं है।
ट्रंप की लोकप्रियता और चिंता
पूरे अमेरिका में 12,248 वयस्कों पर किए गए इस ऑनलाइन सर्वे में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 42 प्रतिशत दर्ज की गई। यह अक्टूबर के बाद सबसे ज्यादा मानी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद वेनेजुएला मुद्दे पर असंतोष साफ नजर आ रहा है। सर्वे में गलती की संभावना करीब तीन प्रतिशत अंक बताई गई है।
वेनेजुएला में कार्रवाई और वैश्विक प्रतिक्रिया
इस सैन्य कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सेना ने काराकस में अभियान चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया। इसके बाद पूरी दुनिया में हलचल मच गई। संयुक्त राष्ट्र (UN), चीन, रूस और भारत समेत कई देशों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। भारत ने इस मामले में तटस्थ रुख अपनाया, जबकि उत्तर कोरिया खुलकर ट्रंप के खिलाफ खड़ा हो गया और मादुरो को अपना मित्र बताया।
आम अमेरिकी पर क्या असर
इस पूरे घटनाक्रम का असर आम अमेरिकी नागरिक की चिंता में साफ दिखता है। लोग आशंकित हैं कि कहीं यह सैन्य हस्तक्षेप अमेरिका को एक लंबे और महंगे विदेशी संघर्ष में न झोंक दे, जिसका बोझ अंततः जनता को ही उठाना पड़े।
जानें पूरा मामला
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद ट्रंप लगातार सख्त बयान दे रहे हैं और धमकियां जारी रखे हुए हैं। लेकिन उसी के साथ अमेरिका के भीतर ही विरोध के सुर तेज हो रहे हैं। यह विरोध न सिर्फ विपक्ष से, बल्कि आम जनता और कुछ हद तक रिपब्लिकन समर्थकों के बीच से भी सामने आ रहा है, जिसने ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले को लेकर अमेरिका में ही विरोध तेज
- सर्वे में सिर्फ एक-तिहाई अमेरिकियों ने सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया
- 72% लोगों को अमेरिका के ज्यादा उलझने की चिंता
- रिपब्लिकन खेमे में भी विदेश नीति पर मतभेद
- वैश्विक स्तर पर UN, चीन, रूस और भारत की प्रतिक्रियाएं सामने आईं








