UP Board Result 2026 : उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं अभी अंतिम चरण में चल रही हैं, लेकिन इससे पहले ही एक चौंकाने वाली खबर सामने आ गई है। UP Board Result 2026 आने से पहले ही 4500 से अधिक परीक्षार्थी फेल हो चुके हैं। ये वो छात्र-छात्राएं हैं जो हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए और हिंदी जैसे अनिवार्य विषय की परीक्षा छोड़ दी। सबसे बड़ी बात यह है कि इन गैरहाजिर छात्रों को कंपार्टमेंट और इंप्रूवमेंट परीक्षा में भी शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा।
हिंदी की परीक्षा छोड़ी, पूरा साल बर्बाद
UP Board Result 2026 को लेकर सबसे बड़ी बात यह है कि इन 4500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिंदी जैसे अनिवार्य (Compulsory) विषय की ही परीक्षा नहीं दी। हिंदी यूपी बोर्ड में अनिवार्य विषय है और इसकी परीक्षा में शामिल होना हर परीक्षार्थी के लिए जरूरी होता है। बिना अनिवार्य विषय की परीक्षा दिए कोई भी छात्र पास नहीं हो सकता, चाहे बाकी सभी विषयों में उसके कितने भी अच्छे अंक आएं।
ऐसे में हिंदी की परीक्षा से गैरहाजिर रहने वाले ये सभी छात्र-छात्राएं UP Board Result 2026 में सीधे फेल माने जाएंगे। उनका पूरा एक साल बर्बाद हो गया है क्योंकि अब उन्हें अगले साल दोबारा परीक्षा देनी होगी।
कंपार्टमेंट और इंप्रूवमेंट का भी नहीं मिलेगा मौका
UP Board Result 2026 से जुड़ी सबसे कड़ी बात यह है कि परीक्षा से गैरहाजिर रहने वाले छात्रों को कंपार्टमेंट या इंप्रूवमेंट परीक्षा में शामिल होने का मौका भी नहीं दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कंपार्टमेंट और इंप्रूवमेंट एग्जाम की सुविधा सिर्फ उन परीक्षार्थियों के लिए है जो परीक्षा में शामिल हुए लेकिन किसी विषय में फेल हो गए।
जो छात्र परीक्षा में बैठे ही नहीं, उनके लिए यह सुविधा लागू नहीं होती। इसका मतलब यह है कि इन 4500 से अधिक छात्रों के पास अब कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उन्हें अगले साल पूरी परीक्षा दोबारा से देनी होगी। यह फैसला उन छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ा झटका है जो किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
18 फरवरी से शुरू हुई परीक्षाएं, लाखों छात्र पंजीकृत
UP Board Result 2026 के लिए बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हुई थीं और अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस बार विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया गया था। हाईस्कूल के लिए कुल 49,980 और इंटरमीडिएट के लिए 40,264 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए थे। यानी दोनों परीक्षाओं में कुल मिलाकर 90,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था।
इनमें से 4500 से अधिक परीक्षार्थियों ने हिंदी विषय की परीक्षा छोड़ दी, जो कुल पंजीकृत छात्रों का एक बड़ा हिस्सा है। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का अनिवार्य विषय की परीक्षा से गैरहाजिर रहना एक चिंताजनक बात है और यह सवाल भी उठाता है कि आखिर ये छात्र परीक्षा में क्यों नहीं आए।
हाईस्कूल में दो बार बोर्ड परीक्षा का मौका
UP Board Result 2026 को लेकर एक अहम जानकारी यह भी सामने आई है कि हाईस्कूल में इस बार दो बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था रखी गई है। सिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि हाईस्कूल में पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। अगर कोई छात्र-छात्रा पहली बोर्ड परीक्षा में फेल हो जाता है तो उसे दूसरी बार बोर्ड परीक्षा में शामिल होने का मौका मिल जाएगा।
इसके अलावा अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहता है तो वह दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकेगा। यानी हाईस्कूल के छात्रों को एक अतिरिक्त मौका मिलने की गुंजाइश है। लेकिन इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं है। इंटरमीडिएट के पेपर में अनुपस्थित रहने वाले छात्र-छात्राएं सीधे फेल माने जाएंगे और उन्हें अगले साल दोबारा परीक्षा देनी होगी।
छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या है सबक
UP Board Result 2026 की यह खबर हजारों छात्रों और उनके परिवारों के लिए एक कड़ा सबक है। अनिवार्य विषय की परीक्षा छोड़ने का मतलब है पूरा साल बर्बाद होना। कई बार छात्र तैयारी की कमी, बीमारी या किसी पारिवारिक समस्या के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते। लेकिन बोर्ड के नियम स्पष्ट हैं कि गैरहाजिर रहने वालों को कंपार्टमेंट या इंप्रूवमेंट का कोई मौका नहीं दिया जाएगा।
ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे अपने बच्चों को हर हाल में परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें। भले ही तैयारी कम हो, लेकिन परीक्षा में बैठना जरूरी है क्योंकि फेल होने पर भी कंपार्टमेंट का विकल्प रहता है, लेकिन गैरहाजिर रहने पर कोई विकल्प नहीं बचता।
मुख्य बातें (Key Points)
- UP Board Result 2026 आने से पहले ही 4500 से अधिक छात्र फेल हो गए क्योंकि उन्होंने हिंदी जैसे अनिवार्य विषय की परीक्षा ही नहीं दी।
- गैरहाजिर छात्रों को कंपार्टमेंट या इंप्रूवमेंट परीक्षा का मौका नहीं मिलेगा, उन्हें अगले साल दोबारा पूरी परीक्षा देनी होगी।
- हाईस्कूल में 49,980 और इंटरमीडिएट में 40,264 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, 18 फरवरी से शुरू हुई परीक्षाएं अब अंतिम चरण में हैं।
- हाईस्कूल में दो बार बोर्ड परीक्षा का मौका दिया गया है, लेकिन इंटरमीडिएट में अनुपस्थित रहने वाले छात्र सीधे फेल माने जाएंगे।








