India vs Pakistan Tourism Boycott: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की (Turkey) और अज़रबैजान (Azerbaijan) ने पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया था और भारत का विरोध किया था। लेकिन पाकिस्तान का साथ देकर अब दोनों देशों को तगड़ा झटका लगा है। करोड़ों का चूना लग गया है। तुर्की और अज़रबैजान अब पाकिस्तान का साथ देकर पछता रहे हैं। भारत ने दोनों देशों को पर्यटन के मोर्चे पर करारा जवाब दिया है।
63% गिरी भारतीय पर्यटकों की संख्या
सालाना पर्यटन के आंकड़े सामने आए हैं और उनसे साफ हो गया है कि भारतीय पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। CNN News18 की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के मुकाबले जून से दिसंबर 2025 के बीच अज़रबैजान जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में 63 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है।
वहीं तुर्की जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में 34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मतलब साफ है कि भारतीय लोगों ने तुर्की और अज़रबैजान का एक तरीके से बहिष्कार कर दिया है और बड़ी संख्या में लोगों ने इन देशों में जाना छोड़ दिया है।
भारतीय पर्यटन के आंकड़े चौंकाने वाले
भारतीय पर्यटकों के आंकड़ों की अगर हम बात करें तो जून से दिसंबर 2024 के बीच 1.5 लाख पर्यटक अज़रबैजान गए थे। लेकिन यह आंकड़ा जून से दिसंबर 2025 के बीच घटकर केवल 57,000 पर रह गया। यानी कि सिर्फ 57,000 पर्यटक ही अज़रबैजान गए।
तुर्की की बात करें तो जून से दिसंबर 2024 के बीच लगभग 5 लाख भारतीय पर्यटक तुर्की गए थे। लेकिन जून से दिसंबर 2025 के बीच यह आंकड़ा घटकर 3.35 लाख (13,35,000 में से 3,35,000 सही आंकड़ा) के आसपास रह गया।
मई से अगस्त 2025 में और भी तीखी गिरावट
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, मई से अगस्त 2025 के बीच अज़रबैजान में भारतीय पर्यटकों की संख्या में 56% से 70% तक की गिरावट देखी गई। मई से अगस्त 2024 में लगभग 1 लाख भारतीय पर्यटक अज़रबैजान गए थे, जबकि मई से अगस्त 2025 में यह संख्या घटकर केवल 44,000 रह गई।
तुर्की में इसी अवधि में 33.3% की गिरावट दर्ज की गई। जून 2025 में अकेले 37% की गिरावट आई, और जुलाई 2025 में केवल 16,000 भारतीय तुर्की गए, जबकि जुलाई 2024 में यह संख्या 28,000 थी।
भारत टॉप-3 से 11वें नंबर पर
आपको बता दें कि एक समय भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक अज़रबैजान जाते थे। आंकड़ों से समझिए कि भारत अज़रबैजान जाने वाले तीन शीर्ष देशों में शामिल था। मतलब अज़रबैजान में जितने पर्यटक जाते थे, उसमें भारत टॉप-3 में था।
लेकिन बहिष्कार के बाद भारत अज़रबैजान के लिए 11वें नंबर पर फिसल गया। जिससे अज़रबैजान को मोटी कमाई का नुकसान हुआ। होटल का कारोबार, ट्रांसपोर्ट का कारोबार और तमाम ऐसे कारोबार जहां भारतीय पर्यटकों से मोटी कमाई हो रही थी, सब ठप पड़ गए।
करोड़ों डॉलर का आर्थिक नुकसान
इस बहिष्कार का आर्थिक प्रभाव बेहद भारी है। अनुमान है कि पूर्ण यात्रा बहिष्कार से संभावित रूप से लगभग $600 million (₹5,000 करोड़) का नुकसान हो सकता है। व्यक्तिगत अनुमान बताते हैं कि तुर्की को $291.6 million और अज़रबैजान को भारतीय पर्यटकों से $308.6 million (लगभग ₹2,500 करोड़) का नुकसान हो सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिला था पाकिस्तान को समर्थन
गौरतलब है कि मई 2025 में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर (भारतीय सेना का एक काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन) के दौरान तुर्की और अज़रबैजान ने पाकिस्तान की खुलकर मदद की थी।
तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन भी दिए थे और कूटनीतिक स्तर पर भी जमकर मदद की थी। हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान का समर्थन किया था। इन दोनों देशों ने ऑपरेशन सिंदूर की निंदा की और भारत के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया।
बहिष्कार की मुहिम शुरू हुई
इसके बाद से भारत में तुर्की और अज़रबैजान को लेकर बहिष्कार की मुहिम शुरू हुई। भारत के लोगों ने कहा कि जो देश पाकिस्तान का साथ देगा, वह भी हमारा दुश्मन है और हम उसका बहिष्कार करेंगे। सोशल मीडिया पर #BoycottTurkey और #BoycottAzerbaijan जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स पर तत्काल असर
मई 2025 में बहिष्कार की घोषणा के तुरंत बाद, प्रमुख भारतीय ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स में बुकिंग में तीखी गिरावट और रद्दीकरण में उछाल आया। MakeMyTrip ने तुर्की और अज़रबैजान के लिए बुकिंग में 60% की कमी और रद्दीकरण में 250% की वृद्धि दर्ज की।
इसी तरह, EaseMyTrip ने तुर्की के लिए रद्दीकरण में 22% की वृद्धि और अज़रबैजान के लिए 30% की वृद्धि देखी। Ixigo और Cox & Kings जैसी कई प्रमुख ट्रैवल कंपनियों ने गैर-जरूरी यात्रा के खिलाफ सलाह दी या अस्थायी रूप से इन गंतव्यों के लिए पैकेज की पेशकश बंद कर दी।
PM Modi की साइप्रस यात्रा का संदेश
पिछले साल जून 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुर्की के दुश्मन देश साइप्रस (Cyprus) की यात्रा की। यह एक स्पष्ट संदेश था कि भारत भी कूटनीतिक स्तर पर करारा जवाब देगा।
PM Modi ने यह स्पष्ट कर दिया कि अगर कोई देश पाकिस्तान के समर्थन में खड़ा होगा, तो भारत उसके विरोधियों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करेगा और कूटनीतिक स्तर पर भी मुंहतोड़ जवाब देगा।
वैकल्पिक गंतव्यों की ओर रुख
बहिष्कार के परिणामस्वरूप, भारतीय यात्रियों ने तेजी से वैकल्पिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की ओर रुख किया है। जॉर्जिया, सर्बिया, ग्रीस, थाईलैंड, वियतनाम, रूस और दुबई जैसे देशों में भारतीय पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
अभी भी जाने वाले पर्यटकों पर चिंता
हालांकि आंकड़ों में गिरावट तो आई है, लेकिन फिर भी एक ऐसा वर्ग है जो अभी भी तुर्की और अज़रबैजान की यात्रा कर रहा है। यह कहीं न कहीं अपने आप में एक चिंता वाली बात है कि जब भारत में बड़ी संख्या में लोगों ने बहिष्कार की मुहिम चलाई, उसके बाद भी इतनी बड़ी संख्या में लोग अभी भी इन देशों की यात्रा कर रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान का समर्थन करने के बाद तुर्की और अज़रबैजान को भारी नुकसान; भारतीय पर्यटन में भारी गिरावट।
अज़रबैजान में 63% और तुर्की में 34% की गिरावट (जून-दिसंबर 2024 vs 2025); भारत टॉप-3 से 11वें स्थान पर।
दोनों देशों को संभावित $600 million (₹5,000 करोड़) का नुकसान; MakeMyTrip ने 60% बुकिंग कमी और 250% रद्दीकरण वृद्धि दर्ज की।
भारतीय यात्री अब जॉर्जिया, सर्बिया, ग्रीस, थाईलैंड और दुबई जैसे वैकल्पिक गंतव्यों का चयन कर रहे हैं।








