Donald Trump Tariff on India : अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत को लेकर एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। टैरिफ को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने साफ कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन तो करते हैं, लेकिन अंतिम फैसला वही करेंगे। इसी बयान के बाद भारत पर 500% टैरिफ की धमकी को लेकर बहस तेज हो गई है।
कौन, कब, कहाँ और क्या
अमेरिका में चल रही टैरिफ बहस के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू में यह टिप्पणी की है। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत का अमेरिका को निर्यात अरबों डॉलर का है।
500% टैरिफ की धमकी से क्यों मचा हड़कंप
पहले 25%, फिर 50% और अब सीधे 500% टैरिफ की बात सामने आना इस ओर इशारा करता है कि ट्रंप किसी भी देश के साथ नरमी बरतने के मूड में नहीं हैं। भारत, कनाडा, चीन और मैक्सिको जैसे देशों पर लगातार टैरिफ लगाने की धमकियों ने वैश्विक ट्रेड वॉर को और गहरा कर दिया है।

अमेरिका के अंदर ही उठ रहे सवाल
अमेरिका में महंगाई बढ़ने और ट्रंप की नीतियों के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं। खुद अमेरिकी जनता और नेता सवाल कर रहे हैं कि टैरिफ की इस राजनीति से आखिर फायदा किसे हो रहा है। इसी बीच 500% टैरिफ से जुड़ा एक बिल भी चर्चा में है, जिसे रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम से जोड़ा जा रहा है।
पीएम मोदी को लेकर विरोधाभासी बयान
ट्रंप प्रशासन के भीतर ही भारत को लेकर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। एक ओर कहा जा रहा है कि Narendra Modi ने फोन नहीं किया, इसलिए ट्रेड डील आगे नहीं बढ़ी, वहीं दूसरी ओर ट्रंप खुद पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताते रहे हैं। इन विरोधाभासी बयानों ने भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है।
भारत के सामने क्या विकल्प
चर्चा में यह भी कहा गया कि भारत के पास या तो 500% टैरिफ झेलने का विकल्प है या फिर रूस से तेल आयात रोकने का दबाव स्वीकार करने का। हालांकि भारत अब कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और वैकल्पिक रणनीतियों पर काम कर रहा है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के फाउंडर Ajay Srivastava के मुताबिक अगर 500% टैरिफ लागू हुआ, तो भारत का अमेरिका को होने वाला करीब 87.4 अरब डॉलर का निर्यात गंभीर खतरे में पड़ सकता है। हालांकि उनका मानना है कि इस बिल को कांग्रेस से पास कराना आसान नहीं होगा।
विश्लेषण (Analysis)
डोनाल्ड ट्रंप के बयान यह दिखाते हैं कि वह टैरिफ को दबाव की रणनीति के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। भारत के मामले में यह सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि कूटनीतिक संतुलन की भी परीक्षा है। ट्रंप की “मैं ही फैसला करूंगा” वाली सोच वैश्विक व्यवस्था को अनिश्चितता की ओर धकेल रही है।
आम लोगों पर असर
अगर टैरिफ बढ़ता है तो इसका असर निर्यात, रोजगार और कीमतों पर पड़ सकता है। भारत और अमेरिका दोनों देशों के व्यापारियों और उपभोक्ताओं को इसका बोझ उठाना पड़ सकता है।
क्या है पृष्ठभूमि
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट और कांग्रेस के स्तर पर टैरिफ से जुड़े फैसलों पर नजर है। ट्रंप की धमकी ऐसे समय आई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है।
मुख्य बातें (Key Points)
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डोनाल्ड ट्रंप की भारत पर 500% टैरिफ की धमकी
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अंतरराष्ट्रीय कानून पर ट्रंप का विवादित बयान
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भारत के 87.4 अरब डॉलर के निर्यात पर खतरा
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अमेरिका के अंदर भी टैरिफ नीति का विरोध
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भारत के सामने कूटनीतिक और आर्थिक चुनौती








