Trump foreign policy : अमेरिका और वेनेजुएला के बीच जारी तनाव के बीच एक अहम चेतावनी खुद अमेरिका से सामने आई है। मशहूर जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट Ian Bremmer ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के कई बड़े फैसले आने वाला अमेरिकी राष्ट्रपति पलट सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro की गिरफ्तारी और अमेरिका लाए जाने को वॉशिंगटन की बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है।
अमेरिका में चल रही इस कार्रवाई को लेकर फिलहाल राजनीतिक उत्साह जरूर है, लेकिन ब्रेमर का मानना है कि इसके दीर्घकालिक परिणाम अमेरिका के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। उनका कहना है कि ट्रंप के सत्ता में रहते हुए जो फैसले ताकतवर दिखते हैं, वे उनके जाने के बाद पूरी तरह बदल सकते हैं।
ट्रंप के बाद बदल सकती है पूरी रणनीति
इयान ब्रेमर ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था में नीति की निरंतरता नहीं है। ट्रंप के बाद आने वाला राष्ट्रपति उनके फैसलों को उसी तरह पलट सकता है, जैसे ट्रंप ने अपने पूर्ववर्तियों की नीतियों को बदला था। यही वजह है कि वेनेजुएला को लेकर मौजूदा कार्रवाई को स्थायी सफलता मानना जल्दबाजी होगी।
चीन और भारत से तुलना, अमेरिका पर सवाल
ब्रेमर ने अमेरिका की तुलना चीन, रूस और भारत से की। उन्होंने कहा कि चीन में Xi Jinping, रूस में Vladimir Putin और भारत में Narendra Modi के नेतृत्व में नीति की निरंतरता दिखती है। वहीं अमेरिका में हर चार साल में सत्ता बदलने से नीतियों में स्थिरता नहीं बन पाती।
लोकप्रियता और उम्र भी बनी बड़ी वजह
ब्रेमर का तर्क है कि ट्रंप न तो बेहद लोकप्रिय हैं और न ही उनके पास लंबा राजनीतिक भविष्य है। उन्होंने कहा कि ट्रंप लगभग 80 साल के हैं और कुछ ही वर्षों में सत्ता से बाहर हो सकते हैं। ऐसे में दुनिया के कई देश जानते हैं कि अमेरिका की मौजूदा नीतियां अस्थायी हो सकती हैं।
मैडुरो की गिरफ्तारी पर सवाल
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मैडुरो को हथकड़ियों में अमेरिका लाया जाना अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ी घटना है। हालांकि ब्रेमर का कहना है कि अगर ट्रंप सत्ता से बाहर होते हैं तो संभव है कि मैडुरो को सम्मानजनक तरीके से वापस भेज दिया जाए। इसलिए इसे अमेरिका की स्थायी रणनीतिक जीत मानना ठीक नहीं होगा।
तेल राजनीति और असली चुनौती
ब्रेमर ने वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि वेनेजुएला का तेल उत्पादन पहले 30 लाख बैरल प्रतिदिन था, जो अब घटकर करीब 8 लाख बैरल रह गया है। उत्पादन बढ़ाने के लिए राजनीतिक स्थिरता और भरोसेमंद नीतियां जरूरी हैं। मौजूदा वैश्विक तेल कीमतों और अनिश्चित अमेरिकी नीति के बीच तेल कंपनियों का भरोसा जीतना आसान नहीं है।
विश्लेषण (Analysis)
यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि अमेरिका की आक्रामक विदेश नीति भले ही अल्पकालिक रूप से प्रभावशाली लगे, लेकिन दीर्घकाल में यह खुद अमेरिका के लिए जोखिम बन सकती है। ट्रंप की व्यक्तिगत शैली पर आधारित फैसले, नीति की निरंतरता के अभाव में, वैश्विक मंच पर अमेरिका की विश्वसनीयता को कमजोर कर सकते हैं। ब्रेमर की चेतावनी दरअसल इसी अस्थिरता की ओर इशारा करती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- इयान ब्रेमर ने कहा, ट्रंप के फैसले अगला राष्ट्रपति पलट सकता है
- अमेरिका में हर 4 साल में सत्ता परिवर्तन से नीति स्थिरता नहीं
- चीन, रूस और भारत में नेतृत्व की निरंतरता का उदाहरण
- वेनेजुएला के तेल और मैडुरो की गिरफ्तारी पर लंबे असर की आशंका








