शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Trump NATO Exit: अमेरिका नाटो छोड़ पाएगा? बुरा फंसे ट्रंप

Trump NATO Exit: अमेरिका नाटो छोड़ पाएगा? बुरा फंसे ट्रंप

ट्रंप ने नाटो को कागज का शेर बताया, सहयोगी देशों ने साथ देने से किया इनकार

The News Air Team by The News Air Team
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, अंतरराष्ट्रीय
A A
0
Trump NATO Exit
104
SHARES
695
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Trump NATO Exit: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के 34वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO (नाटो) को “कागज का शेर” करार दे दिया है। ट्रंप ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि वे अमेरिका को नाटो से बाहर निकालने पर विचार कर रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है: क्या Trump NATO Exit संभव है? कानूनी अड़चनें और कांग्रेस की मंजूरी इसे लगभग नामुमकिन बना रही हैं।

‘सहयोगी देशों ने पलटी मारी, ट्रंप अकेले पड़े’

Trump NATO Exit की मांग के पीछे ट्रंप की सबसे बड़ी नाराजगी यह है कि इस युद्ध में ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा समेत नाटो का कोई भी देश अमेरिका के साथ खड़ा नहीं हुआ। ब्रिटेन ने सीधे तौर पर कहा कि “यह हमारा युद्ध नहीं है।” नाटो के सभी सदस्य देशों ने न सिर्फ युद्ध में शामिल होने से इनकार किया, बल्कि अपने बेस कैंप अमेरिका को इस्तेमाल करने के लिए देने से भी मना कर दिया।

ट्रंप ने अपने सहयोगियों पर लगातार दबाव बनाया और ब्रिटेन तथा यूरोप के कई देशों पर मदद न करने के आरोप भी लगाए। लेकिन सहयोगी देशों की दलील साफ है: अगर वे अमेरिका का साथ देंगे तो उन पर भी हमले होंगे और उनके बेस कैंप भी तबाह हो सकते हैं।

यह भी पढे़ं 👇

Iran US War Update

Iran US War Update: ईरान का बड़ा जवाबी एक्शन, 8 खाड़ी देशों के पुल निशाने पर

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
LPG Cylinder Without Address Proof

LPG Cylinder Without Address Proof: बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा 5 किलो सिलेंडर

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
Bhagwant Mann

Bhagwant Mann on Raghav Chadha: “समझौता कर चुके हैं चड्डा”, समोसे-पिज्जा पर तंज

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
Raghav Chadha AAP

Raghav Chadha AAP: डिप्टी लीडर से हटे, आगे क्या होगा? पूरी कहानी

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
‘नाटो का आर्टिकल 5 और ट्रंप की शिकायत’

Trump NATO Exit विवाद को समझने के लिए नाटो के आर्टिकल 5 को जानना जरूरी है। यह आर्टिकल कहता है कि अगर नाटो के किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो उसे सभी नाटो देशों पर हमला माना जाएगा और सभी मिलकर उसका मुकाबला करेंगे। लेकिन ईरान-अमेरिका युद्ध में यह आर्टिकल काम नहीं आया क्योंकि किसी भी नाटो देश ने अमेरिका का साथ देने से साफ इनकार कर दिया।

इसी वजह से ट्रंप ने नाटो की उपयोगिता पर ही सवाल उठा दिए। गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी 2016 में जब पहली बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ रहे थे, तब उन्होंने नाटो को “अप्रचलित” (obsolete) करार दिया था। उनके पहले कार्यकाल में भी उन्होंने बार-बार सवाल उठाए थे कि अमेरिका नाटो में क्यों है और उसे इसमें रहने का क्या लाभ है।

‘कानूनी पेच: बाहर निकलना इतना आसान नहीं’

Trump NATO Exit का सबसे बड़ा रोड़ा कानूनी है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में NDAA (National Defense Authorization Act) नामक एक बिल पास किया गया था, जिसमें यह प्रावधान किया गया कि अगर अमेरिका को नाटो से बाहर निकलना है तो इसके लिए कांग्रेस की दो-तिहाई (2/3) बहुमत यानी स्पेशल मेजॉरिटी की जरूरत होगी।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के लिए सभी सेनेटर्स, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्यों को समझाकर दो-तिहाई बहुमत हासिल करना लगभग नामुमकिन होगा। यही वजह है कि कानूनी रास्ते से Trump NATO Exit फिलहाल संभव नहीं दिखता।

‘दूसरा रास्ता: नाटो ट्रीटी का आर्टिकल 13’

Trump NATO Exit का एक और रास्ता हो सकता है। नाटो की ट्रीटी का आर्टिकल 13 यह अनुमति देता है कि कोई भी सदस्य देश एक साल का नोटिस देकर नाटो से बाहर हो सकता है। ट्रंप चाहें तो इमरजेंसी प्रोविजंस का सहारा लेते हुए इस आर्टिकल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेकिन इस स्थिति में भी एक बड़ी रुकावट है: अगर ट्रंप NDAA एक्ट को बाईपास करके इस रास्ते से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का सामना करना पड़ेगा। कुल मिलाकर विशेषज्ञों का मानना है कि सीधे तौर पर अमेरिका का नाटो से बाहर निकलना फिलहाल संभव नहीं है।

‘चुपचाप बाहर निकलने की रणनीति’

Trump NATO Exit अगर सीधे रास्ते से संभव नहीं है, तो एक और तरीका है जिस पर विशेषज्ञ ध्यान दिला रहे हैं: “साइलेंट विदड्रॉल”। इसका मतलब है कि अमेरिका नाटो में अपना बजट कम कर दे, खर्चा घटा दे और जब भविष्य में किसी नाटो देश पर कोई संकट आए तो अमेरिका अपना सपोर्ट देने से मना कर दे।

गौरतलब है कि नाटो के 32 सदस्य देशों में अमेरिका अकेले करीब 15% का कंट्रीब्यूशन करता है, जबकि बाकी देश बहुत कम योगदान देते थे: कोई 1%, कोई आधा प्रतिशत। ट्रंप के पहले कार्यकाल में उनके दबाव में कई देशों ने अपना कंट्रीब्यूशन 2% से बढ़ाकर 5% तक किया और अपना डिफेंस बजट भी बढ़ाया। अगर अमेरिका चुपचाप अपनी भागीदारी कम करता जाता है, तो नाटो अपने आप कमजोर होता जाएगा और बिखर भी सकता है।

‘रूस और ईरान की क्या है पोजीशन?’

Trump NATO Exit विवाद के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बयान दिया है कि रूस इस युद्ध को समाप्त कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि ईरान की तरफ से अभी कोई नरम रुख नहीं दिखा है। ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक अमेरिका अपनी हार नहीं मान लेता, तब तक यह युद्ध चलता रहेगा।

दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि अमेरिका ने यह युद्ध जीत लिया है, लेकिन ईरान इसे ट्रंप का “भ्रम” बता रहा है और जवाबी हमले तथा चेतावनियां जारी रखे हुए है।

‘नाटो कमजोर हुआ तो क्या होगा?’

Trump NATO Exit का सबसे बड़ा खतरा यह है कि अगर अमेरिका नाटो से दूरी बनाता है या नाटो पर सवाल उठाता रहता है, तो नाटो कमजोर जरूर होगा। हो सकता है कि कुछ और देश भी बाहर निकलने की बात करने लगें और रूस के प्रभाव क्षेत्र में आ जाएं। ऐसा होने पर पूरे यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है।

जिस तरह आज नाटो देशों ने अमेरिका का साथ नहीं दिया, कल को अगर किसी नाटो देश पर संकट आता है, तो अमेरिका भी बैकफुट पर आ सकता है। यह पूरा संकट वैश्विक सुरक्षा ढांचे के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में ट्रंप कौन सा रास्ता अपनाते हैं और नाटो के भविष्य पर इसका क्या असर पड़ता है।

‘मुख्य बातें (Key Points)’
  • Trump NATO Exit: ट्रंप ने नाटो को “कागज का शेर” बताया और अमेरिका को बाहर निकालने पर विचार कर रहे हैं।
  • ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा समेत किसी भी नाटो देश ने ईरान-अमेरिका युद्ध में अमेरिका का साथ नहीं दिया।
  • NDAA एक्ट के तहत नाटो से बाहर निकलने के लिए कांग्रेस की दो-तिहाई बहुमत जरूरी है, जो फिलहाल लगभग नामुमकिन है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार ट्रंप “साइलेंट विदड्रॉल” का रास्ता अपना सकते हैं, जिससे नाटो अपने आप कमजोर और बिखर सकता है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: क्या अमेरिका NATO से बाहर निकल सकता है?

सीधे तौर पर यह बेहद कठिन है। NDAA एक्ट के तहत इसके लिए अमेरिकी कांग्रेस की दो-तिहाई बहुमत (स्पेशल मेजॉरिटी) जरूरी है, जो हासिल करना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है। हालांकि ट्रंप “साइलेंट विदड्रॉल” यानी चुपचाप योगदान कम करने का रास्ता अपना सकते हैं।

ट्रंप ने नाटो को कागज का शेर इसलिए कहा क्योंकि ईरान-अमेरिका युद्ध में नाटो के किसी भी सदस्य देश ने अमेरिका का साथ नहीं दिया। ब्रिटेन ने कहा “यह हमारा युद्ध नहीं है” और अन्य देशों ने भी अपने बेस कैंप इस्तेमाल करने तक से मना कर दिया।

Q3: अगर अमेरिका NATO छोड़ता है तो दुनिया पर क्या असर होगा?

अगर अमेरिका नाटो से दूर होता है तो नाटो बेहद कमजोर हो सकता है, कई देश रूस के प्रभाव में आ सकते हैं और पूरे यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है। इससे वैश्विक सुरक्षा ढांचा पूरी तरह बदल सकता है।

Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Raghav Chadha AAP: संसद में बोलने पर रोक, चड्डा ने तोड़ी चुप्पी

Next Post

Chandni Chowk Business: युद्ध से ₹100 करोड़ का कारोबार ठप, बड़ा संकट

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Iran US War Update

Iran US War Update: ईरान का बड़ा जवाबी एक्शन, 8 खाड़ी देशों के पुल निशाने पर

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
LPG Cylinder Without Address Proof

LPG Cylinder Without Address Proof: बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा 5 किलो सिलेंडर

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
Bhagwant Mann

Bhagwant Mann on Raghav Chadha: “समझौता कर चुके हैं चड्डा”, समोसे-पिज्जा पर तंज

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
Raghav Chadha AAP

Raghav Chadha AAP: डिप्टी लीडर से हटे, आगे क्या होगा? पूरी कहानी

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
Breaking News 3 April 2026

Breaking News 3 April 2026: राहुल की मोदी को चिट्ठी से लेकर ईरान युद्ध तक, बड़ी खबरें

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
Raghav Chadha

Raghav Chadha AAP Deputy Leader: पद से हटाए गए, नाराजगी की इनसाइड स्टोरी

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
Next Post
Chandni Chowk Business

Chandni Chowk Business: युद्ध से ₹100 करोड़ का कारोबार ठप, बड़ा संकट

Cold Water Side Effects

Cold Water Side Effects: फ्रिज का ठंडा पानी दिल पर भारी, जानलेवा खतरा

Weather Update India

Weather Update India: UP-Delhi समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।