पहाड़ों की सैर करना अब नहीं होगा आसान, बिना रिपोर्ट दिखाए नहीं मिलेगी एंट्री

शिमला, 4 अगस्त (The News Air)
कोरोना की तीसरी लहर के ख़तरे को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार टूरिस्टों की एंट्री को लेकर काफ़ी सख़्ती बरत रही है। यही वजह है कि बाहरी राज्यों से पहुंचने वाले टूरिस्टों को लेकर सरकार ने पिछले नियमों में कुछ बदलाव किए है। सरकार ने ये क़दम कोरोना के मामलों में हुई बढ़ोत्तरी के बाद उठाया है। नए नियम के मुताबिक़, अब बाहरी राज्यों से आने वाले टूरिस्ट को 72 घंटे पहले की कोरोना RT-PCR रिपोर्ट दिखानी होगी। बिना रिपोर्ट दिखाए राज्य में एंट्री नहीं दी जाएगी।
हिमाचल सरकार के नए नियम के मुताबिक़, अब उन लोगों को ही राज्य में एंट्री दी जाएगी जो लोग कोरना वैक्सीन की दोनों डोज़ लगवा चुके हैं। टूरिस्ट को वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाकर ही हिमाचल प्रदेश में एंट्री दी जाएगी। सीएम जयराम ठाकुर ने यह फ़ैसला हालात की समीक्षा कर मंगलवार देर रात लिया। सरकार कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर काफ़ी संजीदा है। यही वजह है कि किसी भी तरह का रिस्क जयराम सरकार लेना नहीं चाहती है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में राज्य में बढ़ोत्तरी दर्ज़ की गई है।
सीएम जयराम ठाकुर का कहना है कि कोरोना के बढ़ते मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है, इसीलिए पाबंदी लगाने का फ़ैसला लिया गया है। दूसरे राज्यों से आने वालों को कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी लेकिन अगर व्यक्ति कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ लगवा चुका है तो उसे नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना ज़रूरी नहीं होगा। सिर्फ़ वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाकर भी काम चल जाएगा।
हिमाचल सरकार 10 अगस्त तक कोरोना के मामलों पर नज़र रखेगी। अगर संक्रमण के मामलों में गिरावट नहीं आई तो नियमों के साथ ही बाहरी राज्यों से पहुंचने वाले लोगों को एंट्री दी जाएगी। इसके साथ ही भीड़ को कंट्रोल करने के लिए एक बार फिर से प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। दरअसल उत्तर भारत में हो रही तेज़ गर्मी की वजह से बड़ी संख्या में टूरिस्ट हिमाचल प्रदेश का रूख कर रहे हैं. ऐसे में भीड़ को कंट्रोल करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए सरकार एक बार फिर से सख़्त आदेश जारी कर सकती है।

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