Supreme Court on Trump’s Tariffs: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ को अवैध और गलत करार दे दिया। ट्रंप दुनिया के तमाम देशों पर टैरिफ लगा रहे थे, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने उनके इस फैसले को पलट दिया है। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ एक जज ने नाराजगी जताते हुए ट्रंप का समर्थन किया है और अपनी राय में भारत का जिक्र किया है, जिससे हड़कंप मच गया है।
किस जज ने भारत का जिक्र करते हुए किया ट्रंप का समर्थन?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज होने वाले जज का नाम है जज ब्रेट कैवनाग। उन्होंने अपने असहमति वाले फैसले (डिसेंट) में भारत पर लगाए गए टैरिफ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का तर्क है कि टैरिफ ने कुछ विदेशी बाजारों को अमेरिकी बिजनेस के लिए अधिक आसान बनाने में मदद की और विभिन्न देशों के साथ खरबों डॉलर के व्यापार समझौतों में योगदान दिया।
जज कैवनाग ने आगे कहा, “राष्ट्रपति ने रूस और यूक्रेन के बीच झगड़े को खत्म करने के लिए भारत पर 25% टैरिफ लगाया था। यह टैरिफ 6 अगस्त 2025 को लगाया गया था और 6 फरवरी 2026 को इसे घटा दिया गया, क्योंकि भारत ने रूसी तेल खरीद बंद करने का वादा किया था।” उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास और टैरिफ के पारंपरिक इस्तेमाल के हिसाब से, राष्ट्रपति रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए संवेदनशील बातचीत के सिलसिले में अपने IEEPA अधिकार का इस्तेमाल कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला और क्यों अहम है भारत का जिक्र?
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगाने की नीति पर चल रहे थे। भारत पर भी उन्होंने कई बार टैरिफ लगाए, जिसकी अमेरिका में कई अर्थशास्त्रियों और राजनयिकों ने आलोचना की थी। विपक्षी दलों ने भी ट्रंप की इन नीतियों की जमकर निंदा की थी। यह मामला आखिरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, जहां से ट्रंप को बड़ा झटका लगा।
लेकिन जज कैवनाग के इस बयान ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उनके मुताबिक, ट्रंप ने भारत पर जो 25% टैरिफ लगाया था, वह सीधे तौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ा हुआ था। उनका कहना है कि यह टैरिफ भारत को रूसी तेल खरीदने से रोकने और यूक्रेन में युद्ध विराम के लिए दबाव बनाने की एक रणनीति थी। भारत द्वारा रूसी तेल खरीद बंद करने का वादा करने के बाद ही यह टैरिफ हटाया गया।
ट्रंप का बड़ा बयान, क्या फिर से लगेंगे नए टैरिफ?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले से शर्मिंदा हैं और उन्होंने उन न्यायाधीशों की आलोचना की, जिन्होंने उनके टैरिफ को रद्द करने का फैसला सुनाया। इससे भी बड़ी बात यह है कि ट्रंप ने आने वाले दिनों में 150 देशों पर 10% का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की संभावना जताई है। उनके इस बयान से साफ है कि वह अपने टैरिफ एजेंडे से पीछे हटने वाले नहीं हैं और आने वाले समय में एक नया व्यापार युद्ध छिड़ सकता है।
गौरतलब है कि ट्रंप के टैरिफ को लेकर यह पूरा मामला सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर भी पड़ता है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि ट्रंप अपने इस नए बयान पर कब और क्या अमल करते हैं, और इसका भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर क्या असर पड़ता है।
मुख्य बातें (Key Points)
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के IEEPA के तहत लगाए गए वैश्विक टैरिफ को अवैध करार दिया।
जज ब्रेट कैवनाग ने इस फैसले के खिलाफ असहमति जताते हुए भारत पर 25% टैरिफ और रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र किया।
कैवनाग के मुताबिक, यह टैरिफ भारत को रूसी तेल खरीद से रोकने और यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए लगाया गया था।
ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना करते हुए 150 देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है।
भारत द्वारा रूसी तेल खरीद बंद करने का वादा करने के बाद 6 फरवरी 2026 को भारत पर लगा टैरिफ हटा लिया गया था।








