Sunil Jakhar Attack Congress : पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के भाषण के दौरान हुए हंगामे को लेकर कांग्रेस (Congress) पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया है। जाखड़ ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि 2022 में फिरोजपुर में प्रधानमंत्री की जान को खतरे में डालने वाले चेहरे ही आज संसद की गरिमा को तार-तार कर रहे हैं और उनके व्यवहार को महज संयोग मानकर खारिज नहीं किया जा सकता।
‘इतिहास खुद को दोहरा रहा है: जाखड़’
सुनील जाखड़ ने अपने सोशल मीडिया संदेश में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पद की मर्यादा उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी उनकी शारीरिक सुरक्षा। उन्होंने कहा कि लोकसभा में कांग्रेस के कुछ सांसदों का व्यवहार सामान्य व्यवधान नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। जाखड़ ने तर्क दिया कि जब हम इन सांसदों के ‘पिछले रिकॉर्ड’ को देखते हैं, तो किसी भी अनुचित घटना की आशंका को असंभव कहना गलत होगा। उनका इशारा साफ तौर पर पंजाब कांग्रेस के उन नेताओं की तरफ था जो अब सांसद बन चुके हैं।
‘2022 के गुनहगार आज संसद में’
जाखड़ ने 2022 के उस गंभीर वाक्ये की याद दिलाई जब पंजाब दौरे (फिरोजपुर) के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने उस समय पीएम की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली परिस्थितियों को न केवल बनने दिया बल्कि उसका नेतृत्व भी किया, वे ही लोग आज लोकसभा की बेंचों पर बैठे हैं। जाखड़ ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ये नेता कांग्रेस ‘हाईकमान’ की कृपा पाने के लिए अपनी संकीर्ण राजनीति के चलते किसी भी हद तक गिर सकते हैं।
‘संवैधानिक पद पर सोची-समझी चोट’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री को धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने से रोकना किसी व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि यह प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की मर्यादा पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष के पास तर्क खत्म हो जाते हैं, तो वे संस्थाओं को निशाना बनाना शुरू कर देते हैं। जाखड़ के अनुसार, जो पात्र (Characters) वही पुराना तरीका अपना रहे हैं, उनके लिए इतिहास कभी अप्रासंगिक नहीं होता।
‘शायराना अंदाज में कांग्रेस को आईना’
अपने हमले को धार देते हुए सुनील जाखड़ ने मशहूर शायर मुजफ्फर वारसी की पंक्तियों का सहारा लिया और कांग्रेस नेताओं की मानसिकता पर चोट की। उन्होंने लिखा:
“औरों के ख़यालात की लेते हैं तलाशी,
और अपने गरेबान में झाँका नहीं जाता।”
इस शेर के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस सांसदों को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
‘सुरक्षा से लेकर संसद तक का नैरेटिव’
सुनील जाखड़ का यह बयान केवल एक राजनीतिक आरोप नहीं है, बल्कि यह भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जो ‘सुरक्षा और सम्मान’ को जोड़ती है। 2022 के फिरोजपुर कांड को संसद के मौजूदा हंगामे से जोड़कर, जाखड़ ने यह स्थापित करने की कोशिश की है कि कांग्रेस का एक विशेष गुट ‘आदतन अपराधी’ की तरह व्यवहार कर रहा है। यह बयान पंजाब की राजनीति में भी हलचल पैदा करेगा क्योंकि इसमें सीधे तौर पर नवनिर्वाचित सांसदों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा अब संसद के भीतर के आचरण को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के बराबर तोल रही है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
सुनील जाखड़ ने कहा कि पीएम की सुरक्षा से खेलने वाले लोग ही आज संसद में हंगामा कर रहे हैं।
उन्होंने 2022 के फिरोजपुर सुरक्षा चूक मामले का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसदों को घेरा।
जाखड़ का आरोप है कि पीएम को बोलने से रोकना संवैधानिक पद की मर्यादा पर चोट है।
उन्होंने मुजफ्फर वारसी की शायरी के जरिए कांग्रेस नेताओं को अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत दी।








