सुनील जाखड़ का तंज़: पूछा- कौन से भगवान को मनाने के लिए गए हो

चंडीगढ़, 2 नवंबर (The News Air)
नवजोत सिद्धू और सीएम चरणजीत चन्नी की केदारनाथ यात्रा पर पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने तंज़ कसा है। उन्होंने इशारों में दोनों को राजनीतिक ‘तीर्थयात्री’ बता दिया। जाखड़ ने कहा कि लेकिन इनमें हर एक अलग भगवान को ख़ुश करने की कोशिश कर रहा है। जाखड़ ने इसके साथ सीएम चन्नी और सिद्धू की हरीश रावत से मुलाक़ात की फ़ोटो भी शेयर की है।

Charanjit Singjh Channi

अंत में उन्होंने पंजाबी गीत की ‘ मैं तां पीर मनावन चल्ली आं’ पंक्ति पोस्ट करते हुए पूछा कि सवाल यह है कि कौन सा पीर?। साफ़ तौर पर वहाँ सिद्धू को मनाया जा रहा है या सीएम चन्नी को? इसको लेकर जाखड़ ने सवाल खड़े किए।

ट्वीट के ज़रिए कांग्रेस पर हमलावर जाखड़

सुनील जाखड़ ट्वीट के ज़रिए लगातार पंजाब कांग्रेस पर हमले कर रहे हैं। हालांकि वो किसी नेता का नाम नहीं लेते लेकिन इशारों में सब कह देते हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने पंजाब कांग्रेस के पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को याद न करने का सवाल उठाया। उससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह के क़रीबी रहे राणा सोढ़ी को लेकर भी तंज़ कस दिया कि जब नांव डूबती है तो चूहे सबसे पहले भागते हैं।

Sunil Jakhar

इसके बाद उन्होंने जगदीश टाइटलर को दिल्ली कांग्रेस का स्थायी मेंबर बनाने को लेकर भी हमला बोला। जाखड़ ने कहा कि इस बारे में जरुर अंबिका सोनी और सीएम चरणजीत चन्नी से फीडबैक लिया होगा। टाइटलर पर सिख क़तलेआम के आरोप हैं और जाखड़ ने कांग्रेस के फ़ैसले को पंजाब के लिहाज़ से संवेदनशील क़रार दिया।

अंबिका सोनी की वजह से सीएम न बन सके

पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुर्सी से हटाने के बाद सुनील जाखड़ पंजाब के पहले हिंदू सीएम बन रहे थे। कांग्रेस हाईकमान इसके लिए राज़ी भी था। हालांकि अंबिका सोनी ने यह कहकर उनके ख़िलाफ़ माहौल बना दिया कि पंजाब में सीएम सिख चेहरा होना चाहिए। इसके बाद चरणजीत चन्नी का नाम फाइनल होने तक सोनी इसमें शामिल रहीं। उन्हें कुर्सी से उतारकर ही सिद्धू को पंजाब कांग्रेस प्रधान बनाया गया। जाखड़ के नाम को लेकर भी तब कोई बड़ी कंट्रोवर्सी नहीं थी।

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