Sunetra Pawar Resignation को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज है। राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री Sunetra Pawar दिल्ली दौरे पर हैं और माना जा रहा है कि वह जल्द ही राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे सकती हैं। डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के बाद यह उनका पहला बड़ा राजनीतिक दौरा है, जिसमें प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात प्रस्तावित है।
राजधानी दिल्ली में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से होने वाली है। साथ ही उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन से भी शिष्टाचार भेंट तय है। यही मुलाकात संभावित इस्तीफे की अटकलों को बल दे रही है।
इस्तीफे की अटकलें क्यों तेज?
सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार अब महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बन चुकी हैं। ऐसे में राज्यसभा की सदस्यता छोड़ना औपचारिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
दिल्ली में उपराष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान वह अपना इस्तीफा सौंप सकती हैं। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लगभग तय माना जा रहा है।
दिल्ली दौरे के मायने
यह दौरा केवल औपचारिक नहीं माना जा रहा। चर्चा है कि महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों और अजीत पवार के विकसित महाराष्ट्र के विजन पर भी बातचीत हो सकती है।
डिप्टी सीएम बनने के बाद गृह मंत्री से पहली मुलाकात कई मायनों में अहम मानी जा रही है। इससे राज्य और केंद्र के बीच समन्वय के संकेत भी देखे जा रहे हैं।
पार्थ पवार की एंट्री?
दिल्ली दौरे में अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार और जय पवार भी मौजूद हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या राज्यसभा सीट पर परिवार से किसी नए चेहरे को आगे किया जाएगा?
पार्थ पवार का नाम चर्चा में है, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता भी साथ
इस दौरे में पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे भी मौजूद बताए जा रहे हैं। यह संकेत देता है कि राजनीतिक स्तर पर रणनीतिक बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
विश्लेषण: सत्ता संतुलन का नया अध्याय
महाराष्ट्र में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर सुनेत्रा पवार राज्यसभा से इस्तीफा देती हैं, तो यह न केवल औपचारिक बदलाव होगा बल्कि पार्टी के भीतर नए समीकरण भी बन सकते हैं।
दिल्ली में होने वाली इन मुलाकातों के बाद स्थिति और साफ होगी। फिलहाल नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राज्यसभा में नया नाम सामने आता है और क्या पार्थ पवार को राष्ट्रीय राजनीति में मौका मिलता है।








