अमरकोट की अनाज मंडी में पार्टी के ‘पंजाब बचाओ-सरदार सुखबीर सिंह बादल लाओ’ अभियान के तहत एक विशाल रैली मैं हज़ारो की संखिया मैं लोगो को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,‘‘ हम कांग्रेस पार्टी द्वारा राज्य के साथ किए गए भेदभाव को खत्म कर देंगें, जिन्होने नदी के आधे पानी को राजस्थान में दे दिया, जोकि रिपेरियन सिद्धांत का उल्लंघन है, जिसके अनुसार नदी का पानी पर उसी राज्य का हक होता है जिसमें वह बहती है।’’
पार्टी के खेमकरण हलका इंचार्ज विरसा सिंह वल्टोहा के साथ वहां व्यापक तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अकाली दल अध्यक्ष ने घोषणा की कि 2027 में अकाली दल की सरकार बनने के बाद वह गैंगस्टर संस्कृति और ड्रग माफिया को जड़ से खत्म कर देगी। उन्होने कहा,‘‘ हम ऐसे तत्वों की संपत्तियों की नीलामी करने के अलावा दस साल की जमानत देने से इंकार करने के लिए कानूनों में बदलाव करेंगें।’’
सरदार बादल ने पंजाबियों से हर चुनाव में नई राजनीतिक पार्टियों के साथ प्रयोग बंद करने की भावुक अपील करते हुए कहा,‘‘ अगर हमें पंजाब बचाना है तो हमें अकाली दल को सत्ता में वापिस लाना होगा। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि अपने पिता सरदार परकाश सिंह बादल की तरह मैं पंजाब को तेजी से आगे लेकर जाउंगा।’’ उन्होने यह भी उदाहरण दिया कि कैसे आम आदमी पार्टी ने राज्य को इस हद तक खोखला कर दिया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान नाम के पद पर रह गए हैं और पूरा मुख्यमंत्री कार्यालय अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार के नियंत्रण में है। उन्होने यह भी बताया कि कैसे उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा नामांकन के लिए 75 करोड़ रूपये देने पड़े और लवली यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक मित्तल ने नामांकन के लिए 50 करोड़ का भुगतान करना पड़ा।
सरदार बादल ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी द्वारा वंचितों को मिलने वाले सामाजिक भलाई लाभों को कम करने और अब उन्हें पूरी तरह से नकारने के बारे बात करते हुए कहा,‘‘ हम सरदार परकाश सिंह बादल द्वारा शुरू की गई सभी सामाजिक भलाई योजनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ कमजोर वर्गों के लिए और भी नई योजनाओं के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ उन्होने कहा कि आटा-दाल योजना को फिर से शुरू किया जाएगा , जिसमें आटा 4 रूपये किलो और दाल 20 रूपये प्रति किलो दी जाएगी। उन्होने कहा,‘‘ गरीब वर्गों को एक लाख रूपये विवाह सहायता दी जाएगी और बुढ़ापा पेंशन 3100 रूपये प्रति माह कर दिया जाएगा।’’उन्होने यह भी घोषणा की कि गांवों में ‘लाल डोरा’ के अंतर्गत आने वाली सभी जमीनों को उनके मालिकों के नाम पर पंजीकृत किया जाएगा और सभी कच्चे मकानों का आधुनिक तरीके से पुननिर्माण किया जाएगा और सभी ग्रामीण सड़कों को कंक्रीट से पक्का किया जाएगा।








