Sticker On Fruits को लेकर FSSAI यानी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक बेहद जरूरी चेतावनी जारी की है। सेब, कीवी, आम, संतरा, केला, नाशपाती और शिमला मिर्च जैसे फलों और सब्जियों पर आपने स्टिकर लगे देखे होंगे। इन्हें देखकर लगता है कि ये प्रीमियम क्वालिटी के हैं। लेकिन FSSAI का कहना है कि इन Sticker On Fruits को सिर्फ हटाकर धो लेना काफी नहीं है। इन्हें छीलकर खाना चाहिए या कम से कम जहां स्टिकर लगा था उस हिस्से को काटकर निकाल देना चाहिए, वरना सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है।
क्यों लगाए जाते हैं फलों-सब्जियों पर स्टिकर: प्रीमियम दिखाने का धंधा
FSSAI ने 25 अक्टूबर 2018 को एक डॉक्यूमेंट जारी किया था जिसमें बताया गया कि दुनिया भर में खाने की चीजों पर Sticker On Fruits लगाना बहुत आम है। इन स्टिकर्स पर वो चीज कहां से आई, उसकी क्वालिटी कैसी है और कीमत क्या है, ये जानकारियां होती हैं।
लेकिन भारत की बात अलग है। यहां कई दुकानदार इन स्टिकर्स का इस्तेमाल सामान को महंगा और अच्छा दिखाने के लिए करते हैं। कई बार तो Sticker On Fruits खराब या सड़े हुए हिस्से को छिपाने के लिए भी लगाए जाते हैं। इन स्टिकर्स पर “ब्रांड का नाम”, “बेस्ट क्वालिटी”, “टेस्टेड ओके” जैसे शब्द लिखे होते हैं, जिनका असल में कोई आधिकारिक मतलब नहीं होता।
गोंद में छिपा है असली खतरा: केमिकल्स पहुंचते हैं अंदर तक
FSSAI की चेतावनी के मुताबिक Sticker On Fruits को चिपकाने के लिए अलग-अलग तरह की गोंद का इस्तेमाल होता है। यह गोंद आपके लिए कितनी सेफ है, इसके बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन गोंद में हानिकारक केमिकल्स हो सकते हैं जो सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सबसे चिंता की बात यह है कि फलों और सब्जियों के छिलके में बहुत छोटे-छोटे छेद (pores) होते हैं। इन छेदों से गोंद के अवशेष (residue) अंदर तक चले जाते हैं। फिर जब हम ऐसे फल या सब्जी खाते हैं तो ये केमिकल्स हमारे शरीर में भी पहुंच जाते हैं। कुछ स्टडीज बताती हैं कि गोंद में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स शरीर के रिप्रोडक्टिव सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
FSSAI की सलाह: छीलकर खाएं या स्टिकर वाला हिस्सा काट दें
FSSAI ने उपभोक्ताओं को साफ सलाह दी है कि Sticker On Fruits को देखकर प्रीमियम क्वालिटी का भरम न पालें। स्टिकर लगे फलों और सब्जियों को छीलकर ही खाना चाहिए। अगर छीलना संभव न हो तो कम से कम जिस हिस्से पर स्टिकर लगा था, उसे काटकर अलग कर दें। सिर्फ स्टिकर हटाकर धो लेना काफी नहीं है क्योंकि गोंद के केमिकल अवशेष छिलके में समा चुके होते हैं।
व्यापारियों के लिए भी FSSAI के निर्देश
FSSAI ने व्यापारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि Sticker On Fruits सीधे फलों और सब्जियों पर न लगाएं। बेहतर है कि पहले उसे किसी पतली पैकिंग से कवर करें और फिर उस पर स्टिकर लगाएं। ऐसे स्टिकर नहीं लगाने चाहिए जो किसी तरह की जरूरी जानकारी न देते हों। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के अनुसार कोई भी फूड बिजनेस ऑपरेटर ऐसा खाना स्टोर, बेच या डिस्ट्रीब्यूट नहीं कर सकता जो अनसेफ हो।
मुख्य बातें (Key Points)
- FSSAI ने चेतावनी दी कि फलों-सब्जियों पर लगे Sticker की गोंद में हानिकारक केमिकल्स होते हैं
- गोंद के अवशेष छिलके के छेदों से अंदर तक पहुंचते हैं, सिर्फ धोने से नहीं हटते
- स्टिकर लगे फल-सब्जियों को छीलकर खाएं या स्टिकर वाला हिस्सा काटकर निकाल दें
- भारत में कई दुकानदार खराब माल छिपाने या “प्रीमियम” दिखाने के लिए स्टिकर लगाते हैं, इनसे सावधान रहें













