Potato Side Effects के बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा। आलू को सब्जियों का राजा कहा जाता है। यह लगभग हर भारतीय रसोई में मौजूद होता है और स्वाद का ऐसा जादू बिखेरता है कि फ्रेंच फ्राइज, स्पाइरल पोटैटो, चीज बॉल्स और चिप्स जैसे व्यंजन दुनियाभर में पसंद किए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही आलू अगर अंकुरित हो जाए तो आपकी सेहत के लिए जहर का काम कर सकता है? जी हां, अंकुरित आलू खाना सेहत के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है।
आमतौर पर लोग समझते हैं कि अंकुरित चीजें फायदेमंद होती हैं, जैसे अंकुरित अनाज, लेकिन आलू के मामले में यह बिल्कुल उलटा है। दरअसल, अंकुरित आलू में कुछ ऐसे रासायनिक यौगिक पैदा हो जाते हैं, जो शरीर में जाकर जहर का काम करते हैं।
अंकुरित आलू में क्या होता है खतरनाक?
अंकुरित आलू में ‘सोलेनिन’ और ‘चैकोनिन’ नाम के दो ग्लाइकोअल्कलॉइड कंपाउंड पाए जाते हैं। कम मात्रा में ये कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकते हैं, लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब ये अधिक मात्रा में शरीर में पहुंच जाते हैं।
अंकुरित या हरे हो चुके आलू में इनकी मात्रा काफी बढ़ जाती है। ग्लाइकोअल्कलॉइड की अधिकता शरीर के लिए टॉक्सिक (विषैली) हो सकती है। इसकी वजह से कई तरह की शारीरिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
अंकुरित आलू खाने के नुकसान
अगर आपने गलती से अंकुरित आलू खा लिया, तो आपको ये समस्याएं हो सकती हैं:
मतली (उबकाई) आना
उल्टी और दस्त लगना
पेट में तेज दर्द और ऐंठन
सिरदर्द और बुखार
तेज नाड़ी (धड़कन बढ़ना) और लो ब्लड प्रेशर
इतना ही नहीं, अंकुरित होने की वजह से आलू में मौजूद पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे उनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू खत्म हो जाती है। ग्लाइकोअल्कलॉइड की बढ़ी हुई मात्रा के कारण आलू का स्वाद भी कड़वा हो जाता है, जिससे उसे खाना और भी मुश्किल हो जाता है।
अंकुरित आलू की पहचान कैसे करें?
आमतौर पर अंकुरित आलू की पहचान करना बहुत आसान है। इनकी सतह पर छोटे-छोटे अंकुर (कोंपलें) निकल आती हैं। कई बार आलू का छिलका हरा भी हो जाता है। अगर आपके पास ऐसा आलू है, तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए।
कैसे बचाएं आलू को अंकुरित होने से?
अंकुरित आलू की टॉक्सिसिटी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि उन्हें अंकुरित होने से ही रोका जाए। इसके लिए कुछ आसान टिप्स हैं:
सीमित मात्रा में खरीदें: जरूरत से ज्यादा आलू एक साथ न खरीदें। उतना ही लें, जितना 1-2 हफ्ते में इस्तेमाल हो सके।
सही जगह रखें: आलू को हमेशा ठंडी, अंधेरी और सूखी जगह पर रखें। धूप या नमी में रखने से वे जल्दी अंकुरित होते हैं।
जल्दी इस्तेमाल करें: खरीदने के कुछ दिनों के भीतर ही आलू को पका लेना सबसे बेहतर है।
‘जानें पूरा मामला’
आलू भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल से सेहत को नुकसान भी हो सकता है। अंकुरित आलू में सोलेनिन और चैकोनिन जैसे प्राकृतिक विषाक्त यौगिकों की मात्रा बढ़ जाती है, जो मतली, उल्टी, पेट दर्द और सिरदर्द जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। गंभीर मामलों में यह नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए, अंकुरित या हरे रंग के आलू को फेंक देना ही बेहतर है। सही भंडारण और सीमित मात्रा में खरीदारी करके आप इस समस्या से बच सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
अंकुरित आलू में सोलेनिन और चैकोनिन नामक विषैले तत्व पैदा हो जाते हैं।
इनके सेवन से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सिरदर्द और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
अंकुरित आलू का स्वाद कड़वा हो जाता है और उनके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं।
अंकुरित या हरे रंग के आलू को तुरंत फेंक देना चाहिए।
आलू को ठंडी, अंधेरी और सूखी जगह रखें और एक-दो हफ्ते के भीतर इस्तेमाल करें।








