वोटर सूची में रजिस्ट्रेशन और विवरणों में संशोधन के लिए 01.01.2022 से विशेष मुहिम शुरू

चंडीगढ़, 13 अगस्त (The News Air)

पंजाब में विधान सभा के आगामी चुनाव के मद्देनजऱ वोटर सूची की संशोधन प्रक्रिया में तेज़ी लाई गई है। यह बताते हुए आज यहाँ मुख्य चुनाव अधिकारी, डॉ. एस. करुणा राजू ने कहा कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजऱ मौजूदा स्थिति में चुनाव करवाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालाँकि, चुनाव आयोग इस अभूतपूर्व स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

डॉ. राजू ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार वोटर सूची में विवरण रजिस्टर करने, हटाने और सुधारने के लिए तारीख़ 01.01.2022 से एक विशेष मुहिम शुरू हो रही है। इस विशेष मुहिम को स्पैशल समरी रिवीज़न के तौर पर जाना जाता है, इससे नागरिकों को अपने आप को वोटर के तौर पर रजिस्टर करने और ऑफलाइन या ऑनलाइन माध्यम के द्वारा अपने चुनावी विवरणों को सत्यापित करने का मौका मिलता है। अगले साल की पहली तिमाही में आगामी विधान सभा चुनाव के मद्देनजऱ यह मुहिम राज्य भर में हरेक जि़ले में हलका स्तर से लेकर बूथ स्तर तक व्यापक रूप में चलाई जाएगी। बूथ स्तर के अफसरों (बीएलओज़) द्वारा 09.08.2021 से 31.10.2021 के बीच घर-घर जाकर प्रचार किया जाएगा, जिससे मुहिम को और तेज़ किया जा सके और मौजूदा कमियों को दूर किया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि वोटर सूचियों में सुधार लाने और सभी योग्य नागरिकों की रजिस्ट्रेशन को सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से, सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में हर साल के अंत में स्पैशल समरी रिवीज़न की जाती है। वह लोग जो अपने आप को वोटर के तौर पर रजिस्टर नहीं करवा सके और जिन वोटरों को वोटर सूचियों में गलतियाँ मिलती हैं या जो वोटर किसी और हलके में चले गए हैं, वह 1 जनवरी, 2022 स्पैशल समरी रिवीजन का प्रयोग कर सकते हैं, जिनकी उम्र 18 साल पूरी हो चुकी है या जो तारीख़ 01.01.2022 से पहले 18 साल के हो जाएंगे।

सीईओ ने कहा कि जनसंख्या रजिस्टर अनुसूची में एंट्री (डीएसईज़), मल्टीपल ऐंट्रियों और तर्कसंगत गलती को हटाने की प्रक्रिया 09.08.2021 से 31.10.2021 के बीच होगी। इसके उपरांत 01.11.2021 को ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। दावों और ऐतराज़ों की अवधि 01.11.2021 से 30.11.2021 के बीच रखी गई है। सभी पोलिंग स्टेशनों पर 06.11.2021, 07.11.2021, 20.11.2021 और 21.11.2021 को विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे।.

उन्होंने कहा कि संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, ईसीआई द्वारा वरिष्ठ नागरिकों (80 साल से अधिक), वोटर सूची में दिव्यांग व्यक्ति और कोविड-19 के संदिग्ध या प्रभावित व्यक्तियों को पोस्टल बैलेट्स (पीबी) पेपर के द्वारा वोटिंग की सुविधा प्रदान की गई है। ईसीआई ने महामारी के स्वरूप पेश चुनौतियों को कम करने के लिए कई पहलकदमियाँ की हैं। 80 से अधिक वोटरों और विकलांग व्यक्तियों के लिए पोस्टल बैलेट सुविधा एक ऐसी ही पहल है।

डॉ. राजू ने कहा कि बी.एल.ओज़ सभी घरों का दौरा करके चुनावी विवरणों की पुष्टि करेंगे। नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन नं. 1950, मोबाइल ऐप (Voter Helpline), राष्ट्रीय वोटर सेवा पोर्टल (nvsp.in) से अपने विवरण को सत्यापित कर सकते हैं। इसके अलावा, वह कॉमन सर्विस सैंटरों (सीएससी) का दौरा कर सकते हैं या बीएलओज़ को फॉर्म भर कर इसकी हार्ड कॉपी जमा करवा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि नागरिक आधिकारित दस्तावेज़ों-आधार कार्ड, स्थायी खाता नंबर (पैन) कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, किसी मान्यता प्राप्त बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटो वाली के पासबुक की एक कॉपी, सेवामुक्त कर्मचारी का फोटो वाला पैंशन दस्तावेज़, केंद्र/राज्य सरकार द्वारा जारी किया सर्विस पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम एवं रोजग़ार मंत्रालय द्वारा जारी किया गया स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, चुनावी मशीनरी या ईसीआई द्वारा प्रमाणीकृत कोई फोटो वोटर पर्ची जमा करवा कर अपने विवरण प्रमाणित करवा सकते हैं और वोटर के तौर पर अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं।

सीईओ ने सभी डिप्टी कमिश्नरों-कम-जि़ला चुनाव अधिकारियों को संशोधन प्रक्रिया शुरू करने और समय-समय पर अपनी टीमों की निगरानी करने के निर्देश दिए। श्री राजू मान्यता प्राप्त राजनैतिक पार्टियों को हरेक पोलिंग स्टेशन में बूथ स्तर एजेंट (बीएलए) की पहचान करने और नियुक्त करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे जो बीएलओज़ के साथ वोटर सूचियों में संशोधन करने में सहायता करेंगे।

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